गलत ट्रेन में चढ़ने से 7 साल की उम्र में पिता से बिछड़े राजा गोपे 20 की उम्र में परिवार से मिले, हरिमारा गांव का परिवार।
पश्चिम सिंहभूम जिले की पुलिस एक 13 साल पुरानी लापता होने की घटना को सुलझाने में जुटी है। पुलिस 7 साल की उम्र में गलत ट्रेन
- पश्चिम सिंहभूम पुलिस 13 साल बाद लापता किशोर राजा गोपे को परिवार से मिलाने जा रही, केरल भेजी टीम
- मानवीय पहल के तहत पश्चिम सिंहभूम एसपी अमित रेणु ने एनजीओ सूचना पर कार्रवाई, औपचारिकताएं पूरी कर लौटाएंगे घर
पश्चिम सिंहभूम जिले की पुलिस एक 13 साल पुरानी लापता होने की घटना को सुलझाने में जुटी है। पुलिस 7 साल की उम्र में गलत ट्रेन में चढ़ने से पिता से बिछड़ गए राजा गोपे को केरल से वापस लाकर उसके परिवार से मिलाने जा रही है। युवक अब करीब 20 वर्ष का हो चुका है। घटना 2012 की है जब राजा गोपे अपने पिता के साथ पश्चिम बंगाल ईंट भट्टे पर काम करने जा रहे थे। ट्रेन की भीड़ में पिता से अलग होकर वह गलत ट्रेन में चढ़ गए और केरल पहुंच गए। वहां वह बाल कल्याण समिति के आफ्टर केयर सेंटर में रह रहे हैं। पुलिस अधीक्षक अमित रेणु ने बताया कि एक गैर सरकारी संगठन ने राजा गोपे के मामले की जानकारी दी। एनजीओ ने बताया कि युवक बचपन में लापता हुआ था और अब उसकी उम्र लगभग 20 वर्ष है। पुलिस ने युवक के परिवार का पता लगाया जो सोनुआ थाना क्षेत्र के हरिमारा गांव में रहता है। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पुलिस एक टीम केरल भेजेगी जो युवक को वापस लाएगी।
पुलिस ने केरल के कन्नूर जिले में स्थित बाल कल्याण समिति से संपर्क किया जहां राजा गोपे वर्तमान में रह रहे हैं। एसपी अमित रेणु ने कहा कि परिवार का पता लगाने के बाद पहचान प्रक्रिया पूरी की जा रही है। गांव के मुखिया से सर्टिफिकेट लिया जाएगा जिसमें पुष्टि होगी कि युवक उसी गांव का है। पुलिस ने परिवार से वीडियो कॉल पर बात कराई है। राजा गोपे के पिता की मौत चार साल पहले हो चुकी है लेकिन मां मणि और अन्य परिवार सदस्य मौजूद हैं। युवक ने परिवार से बात की और घर लौटने की इच्छा जताई। पुलिस ने कहा कि युवक अब अच्छा फुटबॉल खिलाड़ी बन चुका है।
2012 में राजा गोपे की उम्र करीब 6-7 वर्ष थी। वह अपने पिता के साथ ईंट भट्टे पर काम करने पश्चिम बंगाल जा रहे थे। ट्रेन में भीड़ के कारण पिता से अलग हो गए। वह गलत ट्रेन में चढ़ गए और केरल पहुंच गए। वहां बाल कल्याण समिति ने उन्हें संभाला। युवक ने केरल में रहकर जीवन बिताया। एनजीओ ने उसके मामले को उठाया और झारखंड पुलिस तक पहुंचाया। पुलिस ने जांच शुरू की और परिवार का पता लगाया। परिवार हरिमारा गांव में रहता है जो सोनुआ ब्लॉक के असंतलिया पंचायत में है। एसपी अमित रेणु ने कहा कि पुलिस ने केरल पुलिस और बाल कल्याण समिति से संपर्क किया। टीम गठित की जा रही है जो केरल जाएगी। टीम युवक को सुरक्षित वापस लाएगी। औपचारिकताएं जैसे पहचान प्रमाणपत्र और अन्य दस्तावेज पूरे किए जा रहे हैं। पुलिस ने कहा कि यह मानवीय पहल है। युवक को परिवार से मिलाने के बाद उसकी देखभाल की व्यवस्था की जाएगी। पुलिस ने एनजीओ की मदद से यह मामला सुलझाया।
राजा गोपे के पिता की मौत हो चुकी है। मां मणि और भाई-बहन परिवार में हैं। वे दिहाड़ी मजदूरी करते हैं। परिवार ने वीडियो कॉल पर युवक से बात की। युवक ने घर लौटने की इच्छा जताई। पुलिस ने परिवार को सूचना दी। परिवार युवक के आने का इंतजार कर रहा है। पुलिस ने कहा कि युवक की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस ने गांव के मुखिया से सर्टिफिकेट लेने की बात कही। सर्टिफिकेट में पुष्टि होगी कि युवक हरिमारा गांव का है। पुलिस ने युवक की फोटो और अन्य डिटेल्स से मिलान किया। एनजीओ ने युवक की जानकारी दी। पुलिस ने केरल से वीडियो और अन्य प्रमाण जुटाए। पहचान पूरी होने के बाद टीम रवाना होगी। राजा गोपे केरल के कन्नूर में आफ्टर केयर सेंटर में रह रहे हैं। वह फुटबॉल खेलते हैं। युवक ने केरल में जीवन बिताया। पुलिस ने कहा कि युवक सुरक्षित है। टीम उसे वापस लाएगी। युवक परिवार से मिलने को उत्सुक है।
पुलिस ने कहा कि यह मानवीय पहल है। लंबे समय से लापता युवक को परिवार से मिलाना उद्देश्य है। एसपी अमित रेणु ने निर्देश दिए। पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की। एनजीओ की मदद से मामला सुलझा। पुलिस ने कहा कि ऐसी घटनाओं में मदद जारी रहेगी। घटना 2012 की है। राजा गोपे तब 6-7 साल के थे। वह पश्चिम सिंहभूम जिले के सोनुआ क्षेत्र के हरिमारा गांव के हैं। युवक केरल के कन्नूर में हैं। पुलिस 19 फरवरी 2026 को इसकी जानकारी दी। टीम जल्द रवाना होगी। पुलिस ने कहा कि औपचारिकताएं पूरी होने के बाद टीम केरल जाएगी। युवक को सुरक्षित लाया जाएगा। परिवार से मिलन होगा। पुलिस ने युवक की देखभाल की व्यवस्था की बात कही। मामला सुलझने की उम्मीद है।
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