रानी मुखर्जी की 'मर्दानी 3' का ओटीटी पर धमाका, इस हफ्ते नेटफ्लिक्स पर रिलीज होगी शिवानी शिवाजी रॉय की अगली जंग।

यशराज फिल्म्स की प्रसिद्ध फ्रेंचाइजी 'मर्दानी' की तीसरी किस्त, 'मर्दानी 3', अब अपने डिजिटल सफर के लिए तैयार है। आधिकारिक तौर पर

Mar 25, 2026 - 12:06
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रानी मुखर्जी की 'मर्दानी 3' का ओटीटी पर धमाका, इस हफ्ते नेटफ्लिक्स पर रिलीज होगी शिवानी शिवाजी रॉय की अगली जंग।
रानी मुखर्जी की 'मर्दानी 3' का ओटीटी पर धमाका, इस हफ्ते नेटफ्लिक्स पर रिलीज होगी शिवानी शिवाजी रॉय की अगली जंग।
  • सिनेमाघरों में सफलता के बाद अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दिखेगा 'बब्बर शेरनी' का जलवा, 27 मार्च को होगा भव्य प्रीमियर
    93 लापता लड़कियों की तलाश और खूंखार 'अम्मा' से मुकाबला, रानी मुखर्जी की फिल्म के ओटीटी रिलीज को लेकर बढ़ा जबरदस्त उत्साह

यशराज फिल्म्स की प्रसिद्ध फ्रेंचाइजी 'मर्दानी' की तीसरी किस्त, 'मर्दानी 3', अब अपने डिजिटल सफर के लिए तैयार है। आधिकारिक तौर पर यह पुष्टि हो गई है कि फिल्म 27 मार्च 2026 को प्रमुख ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम की जाएगी। 30 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई इस फिल्म ने लगभग आठ हफ्तों के अंतराल के बाद ओटीटी का रुख किया है, जो आजकल की बड़ी फिल्मों के लिए एक मानक समय सीमा बन गई है। रानी मुखर्जी के करियर की इस महत्वपूर्ण फिल्म को लेकर स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म ने भी व्यापक तैयारियां की हैं, ताकि इसे वैश्विक स्तर पर अधिक से अधिक दर्शकों तक पहुँचाया जा सके। फिल्म हिंदी के अलावा कई अन्य भाषाओं में डब वर्जन और सबटाइटल्स के साथ उपलब्ध होगी, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसकी पहुंच आसान हो जाएगी।

'मर्दानी 3' की कहानी इस बार पहले की तुलना में कहीं अधिक गहरी, डार्क और रोंगटे खड़े कर देने वाली है। फिल्म में सीनियर एसपी शिवानी शिवाजी रॉय एक ऐसे पेचीदा मामले की जांच कर रही हैं, जिसमें देश के अलग-अलग हिस्सों से महज तीन महीने के भीतर 93 लड़कियां गायब हो चुकी हैं। जांच की सुई बुलंदशहर से होते हुए दिल्ली और अंततः अंतरराष्ट्रीय सीमाओं तक जा पहुँचती है। इस बार शिवानी का सामना किसी पुरुष अपराधी से नहीं, बल्कि 'अम्मा' नामक एक रहस्यमयी और क्रूर महिला से है, जो एक विशाल भिखारी माफिया और मानव तस्करी सिंडिकेट की सरगना है। फिल्म में दिखाया गया है कि किस तरह मासूम लड़कियों को अवैध चिकित्सा परीक्षणों और घातक वायरस के प्रयोगों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, जो समाज के एक घिनौने सच को सामने लाता है।

फिल्म के कलाकारों की बात करें तो रानी मुखर्जी ने एक बार फिर साबित किया है कि क्यों उन्हें इस फ्रेंचाइजी की जान माना जाता है। उन्होंने शिवानी शिवाजी रॉय के किरदार में वही पुरानी सख्ती और संवेदनशीलता का बेजोड़ संतुलन बनाए रखा है। उनके साथ जानकी बोडीवाला ने कांस्टेबल फातिमा अनवर की भूमिका निभाई है, जो जांच में उनकी मुख्य सहयोगी के रूप में नजर आती हैं। वहीं, फिल्म की मुख्य विलेन 'अम्मा' के रूप में मल्लिका प्रसाद ने अपने अभिनय से दर्शकों को डरा दिया है। प्राजेश कश्यप ने रामानुजन के किरदार में और जिशु सेनगुप्ता ने शिवानी के पति डॉ. बिक्रम रॉय के रूप में अपनी भूमिकाओं के साथ पूरा न्याय किया है। फिल्म का निर्देशन अभिराज मिनावाला ने किया है, जिन्होंने कहानी के प्रवाह को काफी तेज और रोमांचक रखा है। 'मर्दानी' सीरीज हमेशा से ही समाज की ज्वलंत समस्याओं को उठाती रही है। जहां पहली फिल्म मानव तस्करी और दूसरी बलात्कार जैसे जघन्य अपराधों पर केंद्रित थी, वहीं 'मर्दानी 3' में भिखारी माफिया और अवैध मेडिकल ट्रायल जैसे गंभीर मुद्दों को दर्शाया गया है। यह फिल्म न केवल मनोरंजन करती है, बल्कि दर्शकों को अपने आसपास हो रही संदिग्ध गतिविधियों के प्रति जागरूक रहने का संदेश भी देती है।

बॉक्स ऑफिस पर प्रदर्शन की बात करें तो 'धुरंधर 2' जैसी बड़ी फिल्मों के साथ कड़ी प्रतिस्पर्धा के बावजूद 'मर्दानी 3' ने अपनी एक अलग जगह बनाई। फिल्म ने घरेलू बाजार में लगभग 60 करोड़ रुपये का शुद्ध संग्रह किया, जबकि इसका वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 78 करोड़ रुपये के आसपास रहा। 60 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म को व्यापारिक दृष्टिकोण से एक सफल फिल्म माना जा रहा है, विशेष रूप से यह देखते हुए कि यह एक महिला-प्रधान एक्शन थ्रिलर है। फिल्म की इस सफलता ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि रानी मुखर्जी की स्टार पावर आज भी बरकरार है और दर्शक उन्हें चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं में देखना पसंद करते हैं। अब ओटीटी पर आने के बाद इसके व्यूअरशिप आंकड़ों में और भी बड़े उछाल की उम्मीद की जा रही है।

फिल्म के तकनीकी पहलुओं ने भी इसकी सफलता में बड़ी भूमिका निभाई है। फिल्म की सिनेमैटोग्राफी आर्तुर जुरावस्की द्वारा की गई है, जिन्होंने दिल्ली के संकरी गलियों और उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों के दृश्यों को बहुत ही वास्तविक तरीके से कैद किया है। जॉन स्टीवर्ट एडुरी का बैकग्राउंड म्यूजिक फिल्म के तनावपूर्ण दृश्यों में जान डाल देता है, जिससे दर्शकों की धड़कनें तेज हो जाती हैं। फिल्म की एडिटिंग यशा रामचंदानी ने की है, जिन्होंने 129 मिनट की इस थ्रिलर को कहीं भी धीमा नहीं पड़ने दिया। फिल्म का शीर्षक गीत 'बब्बर शेरनी' पहले ही काफी लोकप्रिय हो चुका है, जो शिवानी शिवाजी रॉय के अजेय साहस का प्रतीक बन गया है।

डिजिटल रिलीज को लेकर प्रशंसकों के बीच मचे शोर का एक बड़ा कारण यह भी है कि फिल्म में कई ऐसे मोड़ हैं जिन्हें घर बैठे शांति से देखना एक अलग अनुभव होगा। फिल्म के अंत में जो सस्पेंस और ट्विस्ट दिए गए हैं, वे दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देते हैं। रानी मुखर्जी के फिल्म उद्योग में 30 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में यह फिल्म उनके लिए एक विशेष उपहार की तरह है। ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने के साथ ही 'मर्दानी 3' उन सभी चर्चाओं को फिर से जीवित कर देगी जो इसकी थिएटर रिलीज के समय शुरू हुई थीं। यह देखना दिलचस्प होगा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर यह फिल्म किन नए रिकॉर्ड्स को छूती है।

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