जत दलाल और दिग्विजय राठी की पुरानी दुश्मनी में नया मोड़: 'द 50' के मंच पर छिड़ा नामांकन का संग्राम।
टेलीविजन और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर धूम मचा रहे नए रियलिटी शो 'द 50' में इन दिनों जबरदस्त ड्रामा देखने को मिल रहा है। इस शो
- दिग्विजय राठी बने रजत दलाल के 'सॉफ्ट टारगेट': दिव्या अग्रवाल के समर्थन ने बढ़ाई गेम की तपिश, फैंस हैरान।
- रियलिटी शो 'द 50' में मची खलबली: रजत दलाल ने चाल चलकर दिग्विजय राठी को किया गेम से बाहर करने के लिए नामिनेट।
टेलीविजन और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर धूम मचा रहे नए रियलिटी शो 'द 50' में इन दिनों जबरदस्त ड्रामा देखने को मिल रहा है। इस शो की सबसे बड़ी हाइलाइट बनकर उभरे हैं फिटनेस इन्फ्लुएंसर रजत दलाल और 'स्प्लिट्सविला' फेम दिग्विजय राठी। हालिया एपिसोड में स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब रजत दलाल ने अपनी विशेष शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए दिग्विजय राठी को सीधे तौर पर निष्कासन के लिए नामिनेट (नामांकित) कर दिया। यह घटनाक्रम केवल एक साधारण नामांकन नहीं था, बल्कि इसके पीछे पुरानी रंजिश और शो के भीतर चल रही गहरी रणनीतियों का बड़ा खेल छिपा हुआ है। इस फैसले ने न केवल घर के सदस्यों को चौंका दिया, बल्कि सोशल मीडिया पर भी एक नई बहस छेड़ दी है कि क्या रजत जानबूझकर दिग्विजय को निशाना बना रहे हैं।
माजरा उस समय शुरू हुआ जब 'लायन' ने प्रतियोगियों को एक कठिन टीम एरिना टास्क दिया, जिसे 'जोकर टीथ चैलेंज' नाम दिया गया था। इस कार्य में लवकेश कटारिया की टीम का मुकाबला प्रिंस नरूला के ग्रुप की दो टीमों से था। रजत दलाल ने यहाँ एक चतुर चाल चली और अपनी ही टीम के खिलाफ खेलने का निर्णय लिया ताकि वह अपनी पसंद के खिलाड़ियों को सुरक्षित कर सकें और विरोधियों को खतरे में डाल सकें। टास्क के दौरान कड़ा मुकाबला देखने को मिला और अंततः रजत ने बाजी मार ली। विजेता होने के नाते उन्हें दो खिलाड़ियों को सीधे तौर पर 'अनसेफ जोन' में भेजने की शक्ति मिली। रजत ने बिना किसी झिझक के पहला नाम दिव्या अग्रवाल और दूसरा नाम दिग्विजय राठी का लिया, जिससे गेम का समीकरण पूरी तरह बदल गया।
नामांकन की इस प्रक्रिया के दौरान दिव्या अग्रवाल का रुख काफी आक्रामक और स्पष्ट नजर आया। दिव्या, जो खुद भी रजत के निशाने पर थीं, उन्होंने दिग्विजय राठी का खुलकर समर्थन किया। दिव्या ने सबके सामने यह बात रखी कि दिग्विजय इस शो में रजत दलाल के 'सॉफ्ट टारगेट' बन गए हैं। उनका तर्क था कि दिग्विजय ने टास्क में अपना शत-प्रतिशत योगदान दिया था और वह नामांकन के हकदार नहीं थे। दिव्या के इस स्टैंड ने घर के भीतर चल रहे 'ब्रो-कोड' और गुटबाजी को सबके सामने ला दिया। दिव्या और दिग्विजय की दोस्ती शो के बाहर की है, और इस मुश्किल घड़ी में दिव्या का उनके साथ खड़ा होना यह दर्शाता है कि गेम के भीतर नए और मजबूत गठबंधन बन रहे हैं जो रजत की सत्ता को चुनौती दे सकते हैं।
विशेष घटनाक्रम: शो के शुरुआती दिनों में रजत दलाल और दिग्विजय राठी के बीच एक शारीरिक झड़प भी हुई थी, जिसमें रजत द्वारा थप्पड़ मारे जाने का दावा किया गया था। इस घटना के बाद से ही दोनों के बीच बातचीत लगभग बंद है। वर्तमान नामांकन को इसी पुरानी लड़ाई के विस्तार के रूप में देखा जा रहा है, जहाँ रजत अब शारीरिक बल के बजाय गेम की पावर का इस्तेमाल कर हिसाब चुकता कर रहे हैं।
दिग्विजय राठी ने इस पूरे घटनाक्रम को बहुत ही परिपक्वता के साथ संभाला। नामांकन के बाद उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया में शांति बनाए रखी और यह स्वीकार किया कि रियलिटी शो में ऐसी चीजें खेल का हिस्सा होती हैं। उन्होंने बाद में दिव्या अग्रवाल के साथ अपने बॉन्ड पर चर्चा करते हुए कहा कि बाहर की दोस्ती और समझ ही उन्हें गेम के भीतर मजबूती दे रही है। दिग्विजय का यह संयमित व्यवहार दर्शकों को काफी पसंद आ रहा है, विशेषकर तब जब उन पर लगातार मानसिक दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। दिग्विजय ने स्पष्ट किया कि भले ही रजत उन्हें बाहर करने की कोशिश कर रहे हों, लेकिन वे अपने खेल और प्रदर्शन के दम पर आगे बढ़ेंगे।
रजत दलाल की रणनीति पर गौर करें तो वे 'द 50' के महल में खुद को एक प्रभावशाली खिलाड़ी के रूप में स्थापित कर चुके हैं। वे अक्सर ऐसे फैसले लेते हैं जो उनके गठबंधन (Alliance) को सुरक्षित रखते हैं। दिग्विजय को नामिनेट करने के पीछे उनका तर्क यह था कि वे केवल उन लोगों को आगे देखना चाहते हैं जो उनके प्रति वफादार हैं। रजत का यह 'कंट्रोलिंग' अंदाज अन्य प्रतियोगियों जैसे प्रिंस नरूला और लवकेश कटारिया के साथ भी उनके मतभेदों का कारण बन चुका है। रजत जानते हैं कि दिग्विजय एक मजबूत प्रतियोगी हैं और यदि वे फिनाले तक पहुँचते हैं, तो वे रजत की जीत की राह में सबसे बड़ा रोड़ा साबित हो सकते हैं। इसलिए, उन्हें जल्द से जल्द गेम से बाहर करना रजत के मास्टरप्लान का हिस्सा है। शो के भीतर चल रहे इस ड्रामे ने दर्शकों को दो गुटों में बांट दिया है। एक तरफ रजत दलाल के समर्थक हैं जो उनके निडर और दबंग अंदाज की तारीफ कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ दिग्विजय राठी के चाहने वाले हैं जो इसे सरासर पक्षपात मान रहे हैं। सोशल मीडिया पर #The50 और #DigvijayRathee ट्रेंड कर रहा है, जहाँ लोग दिव्या अग्रवाल के साहसी कदम की भी सराहना कर रहे हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या दिग्विजय इस नामांकन से बच पाते हैं या रजत की यह चाल उन्हें शो से बाहर का रास्ता दिखा देगी। शो अब उस मोड़ पर पहुँच गया है जहाँ हर कदम और हर नामांकन फाइनल की रेस को और भी कठिन बना रहा है।
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