सर्दियों में होंठ सबसे ज्यादा क्यों फटते हैं? जानिए गुलाबी मुलायम होंठ पाने के आसान तरीके।
सर्दियों में होंठों का फटना एक आम समस्या है जो अधिकांश लोगों को प्रभावित करती है। शरीर की बाकी त्वचा भी सूखी हो जाती है लेकिन होंठों पर यह
सर्दियों में होंठों का फटना एक आम समस्या है जो अधिकांश लोगों को प्रभावित करती है। शरीर की बाकी त्वचा भी सूखी हो जाती है लेकिन होंठों पर यह समस्या सबसे ज्यादा गंभीर रूप से दिखाई देती है। इसका मुख्य कारण यह है कि होंठों की त्वचा बहुत पतली होती है और इसमें तेल ग्रंथियां नहीं होतीं। शरीर के अन्य हिस्सों पर तेल ग्रंथियां प्राकृतिक रूप से त्वचा को नमी प्रदान करती हैं लेकिन होंठों पर ऐसी सुरक्षा नहीं होती जिससे वे ठंडी और शुष्क हवा के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाते हैं।
होंठों की त्वचा सामान्य चेहरे की त्वचा से कई गुना पतली होती है जिसमें केवल 3 से 5 परतें होती हैं जबकि चेहरे की त्वचा में 15 से 20 परतें होती हैं। यह पतली संरचना उन्हें नमी खोने के लिए आसानी से उपलब्ध बनाती है। सर्दियों में बाहर की ठंडी हवा में नमी कम होती है और घरों में हीटर चलाने से हवा और भी शुष्क हो जाती है जिससे होंठों से नमी तेजी से वाष्पित हो जाती है। इससे होंठ सूखे, तने हुए, फटे हुए और कभी-कभी खून बहने वाले हो जाते हैं। ठंडी हवा, तेज हवा और कम आर्द्रता होंठों को लगातार प्रभावित करती है। बाहर निकलते समय होंठ पूरी तरह खुले रहते हैं जबकि अन्य हिस्सों को कपड़े से ढका जा सकता है। होंठों पर कोई तेल ग्रंथियां न होने से प्राकृतिक सुरक्षात्मक परत नहीं बनती। होंठों की त्वचा में रक्त वाहिकाएं सतह के करीब होती हैं जिससे वे नमी खोने पर जल्दी प्रभावित हो जाती हैं।
एक अन्य महत्वपूर्ण कारण होंठ चाटने की आदत है। जब होंठ सूखे लगते हैं तो लोग उन्हें चाटते हैं लेकिन लार में मौजूद एंजाइम होंठों की त्वचा को और अधिक नुकसान पहुंचाते हैं। लार वाष्पित होने पर होंठों से और नमी खींच लेती है जिससे समस्या बढ़ जाती है। सर्दियों में मुंह से सांस लेना भी आम है खासकर नाक बंद होने पर जिससे होंठ लगातार शुष्क हवा के संपर्क में रहते हैं। सूर्य की किरणें भी होंठों को प्रभावित करती हैं क्योंकि वे हमेशा खुले रहते हैं। सर्दियों में भी यूवी किरणें मौजूद होती हैं जो होंठों को सूखा और फटने योग्य बनाती हैं। डिहाइड्रेशन या पर्याप्त पानी न पीने से पूरे शरीर में नमी कम होती है लेकिन होंठ सबसे पहले प्रभावित होते हैं क्योंकि वे नमी बनाए रखने में असमर्थ होते हैं।
होंठों के फटने से बचाव के लिए नियमित रूप से लिप बाम या ऑइंटमेंट का इस्तेमाल जरूरी है। ऐसे उत्पाद चुनें जिनमें बीज़वैक्स, शिया बटर, कोकोनट ऑयल, ग्लिसरीन या पेट्रोलियम जेली जैसे तत्व हों जो नमी को लॉक करते हैं। लिप बाम दिन में कई बार लगाएं खासकर बाहर निकलने से पहले और रात को सोने से पहले। स्पष्ट एसपीएफ वाले लिप बाम का उपयोग करें ताकि सूर्य की किरणों से सुरक्षा मिले। पानी की मात्रा बढ़ाएं क्योंकि शरीर में नमी बनाए रखने से होंठ भी स्वस्थ रहते हैं। ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल घर में करें ताकि हवा में नमी बनी रहे। होंठ चाटने या काटने से बचें क्योंकि यह समस्या को और बिगाड़ता है।
होंठों पर हल्का एक्सफोलिएशन भी मदद करता है। हफ्ते में एक या दो बार नरम ब्रश या चीनी और शहद से हल्के हाथों से स्क्रब करें ताकि मृत त्वचा हट जाए लेकिन फटे होंठों पर कभी न करें। शहद, एलोवेरा जेल या नारियल तेल जैसे प्राकृतिक मॉइस्चराइजर भी लगाए जा सकते हैं जो होंठों को मुलायम बनाते हैं। सर्दियों में होंठों की देखभाल के लिए मॉइस्चराइजिंग लिप मास्क का उपयोग रात में किया जा सकता है। होंठों को स्कार्फ या मास्क से ढककर बाहर निकलें ताकि ठंडी हवा से सीधा संपर्क कम हो। सिगरेट या शराब से दूर रहें क्योंकि ये होंठों को और सूखा बनाते हैं।
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