हार्वर्ड इंडिया कॉन्फ्रेंस 2026 में शशि थरूर और प्रियंका चोपड़ा अलग-अलग सत्रों में हुए शामिल, मजाकिया कमेंट वायरल।
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में 14 और 15 फरवरी 2026 को आयोजित हार्वर्ड इंडिया कॉन्फ्रेंस 2026 में कांग्रेस सांसद और लेखक शशि थरूर तथा अभिनेत्री प्रियंका
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में 14 और 15 फरवरी 2026 को आयोजित हार्वर्ड इंडिया कॉन्फ्रेंस 2026 में कांग्रेस सांसद और लेखक शशि थरूर तथा अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा दोनों वक्ताओं के रूप में शामिल हुए। कॉन्फ्रेंस छात्रों द्वारा आयोजित की गई थी और इसका थीम "The India We Imagine" था। इस कार्यक्रम में भारत की वैश्विक भूमिका, संस्कृति, नीति और भविष्य पर चर्चा हुई। शशि थरूर ने 14 फरवरी को मुख्य भाषण दिया, जिसका विषय "The India We Imagine" था। प्रियंका चोपड़ा ने दूसरे दिन यानी 15 फरवरी को फायरसाइड चैट में भाग लिया, जहां उन्होंने भारत की सांस्कृतिक शक्ति, वैश्विक प्रभाव और व्यक्तिगत एजेंसी पर बात की। दोनों ने अलग-अलग सत्रों में हिस्सा लिया, इसलिए वे एक साथ मंच पर नहीं आए।
- सोशल मीडिया पोस्ट पर शशि थरूर का वायरल कमेंट, "But not together, alas!"
एक सोशल मीडिया पोस्ट में शशि थरूर और प्रियंका चोपड़ा को कॉन्फ्रेंस के वक्ताओं के रूप में साथ सूचीबद्ध किया गया था। इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए शशि थरूर ने X पर लिखा, “But not together, alas!” जिसका हिंदी अनुवाद "अफसोस, साथ में नहीं..." है। उन्होंने इस कमेंट में मजाकिया अंदाज अपनाया और स्पष्ट किया कि हालांकि दोनों एक ही कॉन्फ्रेंस में वक्ता थे, लेकिन वे एक साथ मंच साझा नहीं कर पाए। यह पोस्ट और थरूर का रिएक्शन तेजी से वायरल हो गया। थरूर ने पोस्ट को रीट्वीट या उद्धृत करते हुए यह टिप्पणी की, जिससे यह बात और फैली।
- कॉन्फ्रेंस में दोनों की अलग भूमिका, लेकिन नाम साथ आने से बनी चर्चा
हार्वर्ड इंडिया कॉन्फ्रेंस 2026 की 23वीं कड़ी थी, जिसमें 100 से अधिक वक्ता, 30 से अधिक पैनल और 1000 से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए। स्पीकर्स में शशि थरूर, प्रियंका चोपड़ा के अलावा अन्य प्रमुख नाम जैसे अमिताव आचार्य, पीवी सिंधु, रोहित जावा, अंजुला आचारिया और महिमा कौल शामिल थे। शशि थरूर पूर्व राजनयिक, लेखक और तिरुवनंतपुरम से सांसद हैं, जबकि प्रियंका चोपड़ा अभिनेत्री, प्रोड्यूसर और यूनिसेफ गुडविल एंबेसडर हैं। कॉन्फ्रेंस में भारत की कल्पना, वैश्विक स्थिति, सांस्कृतिक प्रभाव और भविष्य की संभावनाओं पर फोकस रहा। प्रियंका चोपड़ा की सेशन "The India We Imagine: Fireside Chat with Priyanka" थी, जिसमें भारत की अगली पीढ़ी कैसे संस्कृति और आत्मविश्वास से प्रभावित होगी, इस पर चर्चा हुई। थरूर का मुख्य भाषण पहले दिन था। दोनों के अलग सत्र होने के बावजूद, जब उनके नाम एक पोस्ट में साथ दिखे, तो थरूर ने हास्यपूर्ण तरीके से अफसोस जताया कि वे साथ नहीं थे।
कॉन्फ्रेंस हार्वर्ड में छात्रों द्वारा आयोजित सबसे प्रभावशाली प्लेटफॉर्म्स में से एक है, जो भारत की बदलती भूमिका पर विचार-विमर्श करता है। इस साल के स्पीकर्स की सूची में नीति, शिक्षा, व्यवसाय और संस्कृति के क्षेत्र से लोग थे। शशि थरूर और प्रियंका चोपड़ा दोनों ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जाने जाते हैं, इसलिए उनके नाम साथ आने पर ध्यान गया। थरूर का कमेंट "But not together, alas!" ने स्थिति को हल्का बनाया और यह स्पष्ट किया कि वे अलग-अलग समय पर बोलने वाले थे। यह कमेंट 15 फरवरी 2026 को आया और जल्दी ही चर्चा का विषय बन गया।
कॉन्फ्रेंस में कुल मिलाकर भारत के विभिन्न पहलुओं पर बात हुई, जैसे वैश्विक संबंध, सांस्कृतिक डिप्लोमेसी और भविष्य की कल्पना। प्रियंका चोपड़ा ने अपनी सेशन में व्यक्तिगत अनुभव और वैश्विक नजरिए से भारत की छवि पर प्रकाश डाला। थरूर ने राजनीतिक और राजनयिक दृष्टिकोण से भारत की कल्पना पर जोर दिया। दोनों के योगदान अलग-अलग सत्रों में होने से कॉन्फ्रेंस विविध रहा। सोशल मीडिया पर जब एक पोस्ट में उनके नाम साथ दिखे, तो थरूर ने मजाक में कहा कि अफसोस है कि साथ नहीं थे, जिससे यह बात और फैली।
यह घटना दिखाती है कि कैसे एक छोटा मजाकिया कमेंट वायरल हो सकता है, खासकर जब इसमें दो प्रमुख हस्तियां शामिल हों। थरूर का अंदाज हमेशा की तरह शब्दों से खेलने वाला रहा और इस बार भी उन्होंने "alas" शब्द का इस्तेमाल कर हास्य जोड़ा। कॉन्फ्रेंस सफलतापूर्वक संपन्न हुई और भारत की वैश्विक छवि पर सकारात्मक चर्चा हुई।
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