दिल्ली में 'दूध चोर' गिरोह का भंडाफोड़: दुकानों के बाहर से क्रेट उड़ाने वाले पाठा और पंडित गिरफ्तार।
दिल्ली के उत्तम नगर और आसपास के इलाकों में पिछले कुछ समय से डेयरी उत्पादों की चोरी की घटनाएं लगातार सामने आ रही थीं। दुकानदार
- 300 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और सोशल मीडिया वीडियो से मिला सुराग, उत्तम नगर में फैला था खौफ
- चोरी की गाड़ियों से करते थे दूध की तस्करी, डाबरी और बिंदापुर के सप्लाई पॉइंट्स पर बेचते थे माल
दिल्ली के उत्तम नगर और आसपास के इलाकों में पिछले कुछ समय से डेयरी उत्पादों की चोरी की घटनाएं लगातार सामने आ रही थीं। दुकानदार इस बात से परेशान थे कि सुबह-सुबह डिलीवरी वैन द्वारा छोड़े गए दूध और दही के पैकेट ग्राहकों तक पहुँचने से पहले ही गायब हो रहे थे। इस गिरोह का खुलासा तब हुआ जब 26 मार्च 2026 की एक वारदात का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में साफ देखा जा सकता था कि ऑटो-रिक्शा में आए कुछ युवक बड़ी सफाई से दुकानों के बाहर रखे दूध के क्रेट्स को अपने वाहन में लोड कर फरार हो रहे हैं। इस वीडियो के संज्ञान में आते ही पुलिस उपायुक्त (बाहरी) विक्रम सिंह के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई।
पुलिस के लिए इन चोरों तक पहुँचना आसान नहीं था क्योंकि वे किसी निश्चित समय या स्थान पर वारदात नहीं करते थे। एटीएस और एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड की टीम ने इलाके के लगभग 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को बारीकी से खंगाला। जांच में पता चला कि यह गिरोह अलसुबह दूध सप्लाई करने वाली गाड़ियों का पीछा करता था। जैसे ही डिलीवरी वैन किसी दुकान के बाहर क्रेट उतारकर आगे बढ़ती, ये आरोपी तुरंत वहां पहुँचते और चंद सेकंड में पूरा का पूरा क्रेट उठाकर अपने ऑटो में रख लेते। स्थानीय मुखबिरों और तकनीकी सर्विलांस की मदद से पुलिस ने इन दोनों संदिग्धों की पहचान मोहित उर्फ पाठा और आयुष्मान पांडे उर्फ पंडित के रूप में की, जो रणहौला इलाके के रहने वाले हैं।
पुलिस को 3 अप्रैल को एक ठोस सूचना मिली कि ये दोनों आरोपी शिव विहार, विकास नगर स्थित एक चर्च के पास अपने किसी साथी से मिलने आने वाले हैं। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी की और जैसे ही एक संदिग्ध तिपहिया वाहन (ऑटो) वहां पहुँचा, पुलिस ने उसे रोक लिया। वाहन की तलाशी लेने पर उसके भीतर से दूध के 14 खाली क्रेट्स बरामद हुए। पूछताछ के दौरान आरोपी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके और न ही वाहन के कागजात दिखा पाए। जब पुलिस ने 'जिपनेट' (Zonal Integrated Police Network) के जरिए वाहन की जांच की, तो पता चला कि वह ऑटो-रिक्शा भी प्रेम नगर इलाके से चोरी किया गया था।
'पाठा' का पुराना आपराधिक इतिहास
गिरफ्तार किया गया मुख्य आरोपी मोहित उर्फ पाठा एक आदतन अपराधी है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उस पर पहले से ही चोरी, झपटमारी और वाहन चोरी के 38 आपराधिक मामले दर्ज हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि वह इसी साल फरवरी 2026 में जेल से रिहा होकर बाहर आया था और बाहर आते ही उसने आयुष्मान पांडे के साथ मिलकर यह नया गिरोह बना लिया।
पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि वे उत्तम नगर और आसपास के इलाकों से दूध और दही के पैकेट चुराते थे। इस चोरी किए गए माल को वे डाबरी और बिंदापुर इलाकों में स्थित दूध सप्लाई केंद्रों और छोटे दुकानदारों को सस्ते दामों पर बेच देते थे। वे केवल दूध ही नहीं, बल्कि भारी मात्रा में दही के पैकेट भी चुराते थे। उनकी गिरफ्तारी से पुलिस ने इलाके के पांच बड़े मामलों को सुलझाने का दावा किया है। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने तिलक नगर और रणहौला से चुराई गई एक स्कूटी और एक मोटरसाइकिल भी बरामद की है, जिनका उपयोग वे रेकी करने के लिए करते थे।
यह गिरोह केवल दूध की चोरी तक सीमित नहीं था, बल्कि यह एक संगठित तरीके से वाहन चोरी और झपटमारी की वारदातों को भी अंजाम दे रहा था। 19 वर्षीय आयुष्मान पांडे उर्फ पंडित ने जल्दी पैसा कमाने के लालच में पाठा के साथ हाथ मिलाया था। पुलिस अब उन लोगों की भी तलाश कर रही है जो इन चोरों से चोरी का दूध और दही खरीदते थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चोरी का सामान खरीदना भी उतना ही बड़ा अपराध है जितना कि चोरी करना। इस गिरोह के पकड़े जाने से स्थानीय दुकानदारों और वेंडरों ने राहत की सांस ली है, जो पिछले कई हफ्तों से आर्थिक नुकसान झेल रहे थे।
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