Greece Education Protest - एथेंस की सड़कों पर 10 हजार छात्र और शिक्षक, वेतन वृद्धि और शिक्षा बजट बढ़ाने की मांग
ग्रीस की राजधानी एथेंस में 10 हजार से अधिक छात्रों और शिक्षकों ने कम वेतन और खस्ताहाल शिक्षा बजट के खिलाफ संसद के बाहर शांतिपूर्ण मार्च निकालकर विरोध दर्ज कराया।

- Global Education Crisis - ग्रीस में शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ फूटा आक्रोश, संसद के बाहर गूंजे सार्वजनिक शिक्षा के नारे
- Athens Students Rally - कम वेतन और बदहाल स्कूलों को लेकर ग्रीस में प्रदर्शन, मित्सोटाकिस सरकार पर बढ़ा दबाव
- Greece Teachers Strike - ग्रीस में हड़ताल से स्कूल और अस्पताल प्रभावित, महंगाई और भारी किराए के खिलाफ बड़ा मार्च
यूरोपीय देश ग्रीस की राजधानी एथेंस में शिक्षा व्यवस्था के गिरते स्तर, स्कूलों के खस्ताहाल बुनियादी ढांचे और शिक्षकों के असंतोषजनक वेतन को लेकर भारी विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। राजधानी की सड़कों पर 10 हजार से अधिक छात्र, शिक्षक और शिक्षाकर्मी उतर आए और सरकारी नीतियों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। प्रदर्शनकारियों का यह हुजूम शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए संसद भवन तक पहुंचा, जहां सरकार से सार्वजनिक शिक्षा के लिए वित्तीय आवंटन बढ़ाने की मांग की गई।
पुलिस प्रशासन के अनुसार, मध्य एथेंस और उसके नजदीकी इलाकों में आयोजित यह रैली पूरी तरह शांतिपूर्ण रही। हालांकि, शिक्षकों के साथ प्राथमिक स्वास्थ्य कर्मियों के भी कार्य बहिष्कार में शामिल होने से कई सरकारी प्राथमिक विद्यालयों और अस्पतालों की सामान्य कार्यप्रणाली प्रभावित हुई।
- सिंटाग्मा स्क्वायर पर तंबू लगाकर रातभर विरोध
बुधवार के मुख्य मार्च से पहले ही छात्रों ने अपने विरोध को धार देनी शुरू कर दी थी। प्रदर्शनकारी छात्रों ने एथेंस के केंद्रीय चौराहे सिंटाग्मा स्क्वायर पर तंबू लगा लिए थे और रातभर वहीं डटे रहे। सुबह होते ही उनके साथ शिक्षकों के विभिन्न संगठन और विश्वविद्यालयी छात्र भी जुड़ गए।
प्रदर्शनकारियों ने बैनरों और नारों के जरिए यूरोपीय स्तर पर चल रहे आंदोलनों का संदर्भ दिया। संसद के सामने जुटे युवाओं ने 'ग्रीस से लेकर फ्रांस तक, हमें सार्वजनिक और मुफ्त शिक्षा चाहिए' जैसे नारे लगाए। छात्रों का कहना है कि कक्षाओं में विद्यार्थियों की अत्यधिक संख्या से पढ़ाई की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है, इसलिए प्रति कक्षा छात्रों की सीमा तय की जानी चाहिए और स्कूलों के रखरखाव के लिए विशेष फंड जारी होना चाहिए।
- महंगाई, ऊर्जा लागत और रुके हुए वेतन से गहराया संकट
ग्रीस भले ही कुछ वर्ष पहले अपने भीषण संप्रभु ऋण संकट (Debt Crisis) से उबर चुका है, लेकिन आम नागरिकों की आर्थिक मुश्किलें अभी थमी नहीं हैं। देश में रहने वाले कामकाजी परिवारों और युवाओं को लगातार बढ़ती महंगाई, आसमान छूते मकान किराए और ऊर्जा की ऊंची लागत का सामना करना पड़ रहा है।
दूसरी ओर, शिक्षकों का आरोप है कि जीवन-यापन के खर्चों में जिस तेजी से वृद्धि हुई है, उस अनुपात में उनके वेतन में लंबे समय से कोई ठोस बढ़ोतरी नहीं की गई है। इसके अलावा, शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों की भारी कमी बनी हुई है, जिससे मौजूदा कर्मियों पर काम का अत्यधिक बोझ है।
- मित्सोटाकिस सरकार पर बढ़ता दबाव
साल 2027 के मध्य में होने वाले आम चुनावों से पहले इस तरह के व्यापक सार्वजनिक प्रदर्शनों ने प्रधानमंत्री किरियाकोस मित्सोटाकिस की कंजर्वेटिव सरकार पर राजनीतिक दबाव बढ़ा दिया है। जनता में यह धारणा बन रही है कि आर्थिक सुधारों का वास्तविक लाभ आम कर्मचारियों और छात्रों तक नहीं पहुंच रहा है।
बढ़ते असंतोष के बीच, ग्रीस की शिक्षा मंत्री सोफिया जाचाराकी ने बयान जारी कर कहा कि सरकार छात्रों और शिक्षकों की चिंताओं के प्रति संवेदनशील है। उन्होंने स्वीकार किया कि आवास और दैनिक जीवन की बढ़ती लागत से परिवारों पर वित्तीय दबाव बढ़ा है, और सरकार उपलब्ध संसाधनों के भीतर शिक्षा व्यवस्था में सुधार के रास्तों पर विचार कर रही है।
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