Maharashtra Milk Price Hike: 11 अगस्त से महंगा होगा दूध, गाय का ₹62 और भैंस का ₹78 प्रति लीटर मिलेगा

महाराष्ट्र में 11 अगस्त से गाय और भैंस का दूध ₹2 प्रति लीटर महंगा हो जाएगा। दूध उत्पादक संघ ने बढ़ती लागत के कारण दूध और डेयरी उत्पादों के दाम बढ़ाने का फैसला लिया है।

Aug 9, 2026 - 12:36
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Maharashtra Milk Price Hike: 11 अगस्त से महंगा होगा दूध, गाय का ₹62 और भैंस का ₹78 प्रति लीटर मिलेगा
Maharashtra Milk Price Hike
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महाराष्ट्र के आम उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ा झटका देने वाली खबर सामने आई है। राज्य भर में 11 अगस्त से गाय और भैंस दोनों के दूध की कीमतों में ₹2 प्रति लीटर का इजाफा होने जा रहा है। 'दूध उत्पादक एवं संसाधक कल्याण संघ' (Milk Producers and Processors Welfare Association) की ओर से आयोजित बैठक में सहकारी और निजी डेयरी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से इस बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। दूध की कीमतों में बढ़ोतरी के साथ ही आने वाले हफ्तों में दही, पनीर, मक्खन और छाछ जैसे अन्य डेयरी उत्पादों के दामों में भी 10 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

महाराष्ट्र में दूध और दूध से बने उत्पादों के प्रसंस्करण और बिक्री से जुड़ी प्रमुख संस्थाओं ने बढ़ती लागत का हवाला देते हुए खुदरा बिक्री दरों में संशोधन किया है। 11 अगस्त से प्रभावी होने वाली नई दरों के तहत अब राज्य भर के उपभोक्ताओं को दूध खरीदने के लिए अतिरिक्त पैसे चुकाने होंगे। इस फैसले के बाद गाय का दूध अब ₹60 प्रति लीटर से बढ़कर ₹62 प्रति लीटर हो जाएगा, जबकि भैंस का दूध ₹76 प्रति लीटर से बढ़कर ₹78 प्रति लीटर की दर से मिलेगा।

दूध उत्पादक एवं संसाधक कल्याण संघ के अध्यक्ष गोपालराव म्हस्के की अध्यक्षता में हुई महत्वपूर्ण बैठक के दौरान राज्य की प्रमुख डेयरी कंपनियों ने परिचालन और प्रसंस्करण से जुड़ी वित्तीय चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में डेयरी संघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पिछले कुछ समय से दूध के संग्रह (प्रोक्योरमेंट), परिवहन (ट्रांसपोर्टेशन) और प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) की लागत में लगातार भारी उछाल आया है।

विशेष रूप से, ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण ट्रांसपोर्टेशन लागत काफी बढ़ गई है। संघ के अनुसार, हाल के दिनों में डीजल के दामों में लगभग ₹10 प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हुई है, जिससे दूध के दैनिक परिवहन का खर्च अत्यधिक बढ़ गया है। इसके अतिरिक्त, पैकेजिंग सामग्री और प्लास्टिक फिल्म्स के दामों में भी करीब 30 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। साथ ही, दुग्ध उत्पादक किसानों को उचित और आकर्षक खरीद मूल्य देना भी आवश्यक हो गया था, ताकि वे पशुपालन व्यवसाय को सुचारू रूप से चला सकें। इन सभी वित्तीय दबावों को संतुलित करने के लिए अंततः खुदरा कीमतों में ₹2 प्रति लीटर की वृद्धि करने का निर्णय लिया गया।

दूध संघ के अधिकारियों का कहना है कि यह निर्णय मजबूरी में लिया गया है ताकि डेयरी आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) बिना किसी रुकावट के संचालित होती रहे। संघ के प्रतिनिधियों ने तर्क दिया कि यदि खुदरा कीमतें नहीं बढ़ाई जातीं, तो डेयरी किसानों को भुगतान करना मुश्किल हो जाता और प्रसंस्करण इकाइयों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ता।

दूसरी ओर, इस फैसले से आम उपभोक्ताओं और गृहिणियों के बीच चिंता बढ़ गई है। उपभोक्ता संगठनों का मानना है कि पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे मध्यमवर्गीय और निम्नवर्गीय परिवारों की रसोई का बजट इस वृद्धि से सीधे तौर पर प्रभावित होगा। विशेषकर उन परिवारों के लिए, जहां छोटे बच्चे और बुजुर्ग हैं, दूध की दैनिक खपत पर मासिक खर्च काफी बढ़ जाएगा।

दूध की दरों में हुई यह वृद्धि केवल दूध की दैनिक खरीद तक सीमित नहीं रहेगी। चूंकि दूध सभी प्रमुख डेयरी उत्पादों का प्राथमिक कच्चा माल है, इसलिए इसका सीधा असर मीठे उत्पादों, चाय, कॉफी और डेयरी आउटलेट्स पर पड़ने वाला है। डेयरी संघ के अनुसार, दही, पनीर, मक्खन, घी, लस्सी और फ्लेवर्ड मिल्क जैसे उत्पादों की कीमतों में भी आने वाले दिनों में 5 से 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके साथ ही होटलों, रेस्तरां और मिठाई की दुकानों पर भी चाय-कॉफी और दूध से बनने वाली मिठाइयों की दरों में हल्का उछाल देखा जा सकता है।

11 अगस्त से पूरे महाराष्ट्र में सभी छोटे-बड़े डेयरी ब्रांड्स नई संशोधित दरों को लागू कर देंगे। संघ और डेयरी कंपनियों ने सभी खुदरा विक्रेताओं को नई रेट लिस्ट के अनुसार ही बिक्री करने का निर्देश दिया है। हालांकि, उपभोक्ता मांग कर रहे हैं कि सरकार को कच्चे माल की दरों और परिवहन शुल्कों को नियंत्रित करने के लिए मध्यस्थता करनी चाहिए ताकि भविष्य में आवश्यक खाद्य पदार्थों के दाम बार-बार न बढ़ें।

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