अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीआईपी विवाद: हरिद्वार पुलिस ने उर्मिला सनावर के खिलाफ दर्ज मामलों की जांच के लिए SIT गठित की।
अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी का नाम उजागर करने के दावे के बाद सुर्खियों में आई उर्मिला सनावर के खिलाफ हरिद्वार जिले
अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी का नाम उजागर करने के दावे के बाद सुर्खियों में आई उर्मिला सनावर के खिलाफ हरिद्वार जिले के विभिन्न थानों में दर्ज मामलों की जांच अब एक विशेष जांच टीम करेगी। हरिद्वार पुलिस ने सोमवार को इस उद्देश्य से SIT का गठन किया है। यह टीम अलग-अलग थानों में दर्ज सभी मामलों की एक साथ जांच करेगी और जल्द अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। SIT की अध्यक्षता हरिद्वार सिटी के पुलिस अधीक्षक अभय प्रताप सिंह कर रहे हैं और इसमें रणिपुर, ज्वालापुर, बहादराबाद तथा झबरेड़ा थानों के थाना प्रभारी सहित कुल सात सदस्य शामिल हैं। उर्मिला सनावर ने हाल के दिनों में अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े कथित वीआईपी को लेकर कई दावे किए थे, जिनमें वीडियो और ऑडियो क्लिप जारी करने की बात शामिल थी। इन दावों के बाद उनके खिलाफ हरिद्वार के विभिन्न थानों में मामले दर्ज हुए। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उर्मिला सनावर के खिलाफ जनपद के चार थानों में मुकदमे पंजीकृत हैं। इनमें बहादराबाद थाने में दर्ज मामला भी शामिल है, जहां शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसी तरह अन्य थानों में भी अलग-अलग शिकायतों पर मामले दर्ज हुए। अब SIT इन सभी मामलों को एक साथ जोड़कर जांच करेगी ताकि निष्पक्ष और व्यापक जांच सुनिश्चित हो सके।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोबाल ने SIT को निर्देश दिए हैं कि जांच में तेजी लाई जाए और तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष निष्कर्ष निकाले जाएं। पुलिस का कहना है कि SIT का गठन इसलिए किया गया ताकि सभी मामलों की जांच एक ही टीम के माध्यम से हो और कोई विरोधाभास न रहे। टीम को जल्द रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। उर्मिला सनावर सहारनपुर निवासी हैं और खुद को ज्वालापुर से पूर्व विधायक सुरेश राठौर की दूसरी पत्नी बताती हैं। उनके द्वारा जारी किए गए वीडियो और कथित ऑडियो क्लिप में अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े वीआईपी की बातचीत होने का दावा किया गया था। इन क्लिप के सामने आने के बाद हरिद्वार और देहरादून में अलग-अलग थानों में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। देहरादून के नेहरू कॉलोनी थाने में भी एक मामला दर्ज हुआ, जहां शिकायत के आधार पर कार्रवाई की गई। हरिद्वार के बहादराबाद थाने में दर्ज मामले में भ्रामक ऑडियो और वीडियो क्लिप प्रसारित करने का आरोप शामिल है। इसी तरह अन्य थानों में भी मामले दर्ज हैं, जिनमें आईटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी हुई। अब SIT इन सभी मामलों को कवर करेगी।
अंकिता भंडारी हत्याकांड 2022 का मामला है, जिसमें रिसॉर्ट की रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या हुई थी। उनके शव की बरामदगी नहर से हुई थी। इस मामले में तीन आरोपियों को उम्रकैद की सजा हो चुकी है। हालांकि, हाल के दावों में वीआईपी के शामिल होने की बात उठी, जिसके बाद उर्मिला सनावर के वीडियो और ऑडियो क्लिप सामने आए। इन क्लिप में कथित रूप से वीआईपी का जिक्र था, जिसे लेकर विवाद बढ़ा। इसके बाद उर्मिला सनावर और सुरेश राठौर के खिलाफ विभिन्न स्थानों पर प्राथमिकी दर्ज हुई। हरिद्वार पुलिस ने इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए SIT का गठन किया है। टीम में शामिल थाना प्रभारी विभिन्न थानों से जुड़े मामलों की फाइलें एकत्र करेंगे और संयुक्त रूप से जांच आगे बढ़ाएंगे। पुलिस का उद्देश्य सभी तथ्यों को सामने लाना और कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई करना है। SIT को निर्देश है कि जांच पारदर्शी और त्वरित हो। उर्मिला सनावर के खिलाफ दर्ज मामलों में ब्लैकमेलिंग और भ्रामक सामग्री प्रसारित करने जैसे आरोप शामिल हैं।
इसके अलावा, सुरेश राठौर की पहली पत्नी रविंदर कौर ने ज्वालापुर थाने में आवेदन देकर सुरक्षा की मांग की है। उन्होंने कहा कि उनके पति की जान को खतरा है। इस आवेदन की प्रतियां मुख्यमंत्री, गृह सचिव और पुलिस महानिरीक्षक को भेजी गई हैं। सुरेश राठौर के खिलाफ भी एक अलग मामला दर्ज है, जिसमें उन्हें पूछताछ के लिए समन जारी किए गए थे, लेकिन वे पेश नहीं हुए। बाद में उनकी पत्नी थाने पहुंची और जानकारी दी कि वे शहर से बाहर हैं। पुलिस ने उन्हें समय दिया है। अंकिता भंडारी मामले में पहले से ही SIT जांच हुई थी, जिसमें आरोपियों को सजा हुई। लेकिन नए दावों के बाद मामला फिर चर्चा में आया। उर्मिला सनावर के दावों ने इस पुराने मामले को नया मोड़ दिया। उनके वीडियो में वीआईपी का नाम सामने लाने की बात कही गई थी। इन दावों के आधार पर विभिन्न शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें छवि खराब करने और भ्रामक जानकारी फैलाने के आरोप हैं। अब हरिद्वार पुलिस की नई SIT इन सभी शिकायतों और मामलों की जांच करेगी।
SIT गठन से जांच प्रक्रिया में एकरूपता आएगी। पुलिस ने टीम को सभी पहलुओं की गहन जांच करने के निर्देश दिए हैं। उर्मिला सनावर के खिलाफ चार थानों में दर्ज मुकदमों को अब एक साथ देखा जाएगा। यह कदम जांच को तेज और प्रभावी बनाने के लिए उठाया गया है। मामले में शामिल सभी पक्षों की स्थिति स्पष्ट करने के लिए SIT रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी। इस पूरे प्रकरण में अंकिता भंडारी हत्याकांड का पुराना संदर्भ जुड़ा हुआ है। 2022 में हुई इस घटना में रिसॉर्ट मालिक और उसके साथियों को सजा मिली। लेकिन वीआईपी वाले कोण पर नए दावे सामने आए। उर्मिला सनावर ने इन दावों को सार्वजनिक किया, जिसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई हुई। हरिद्वार पुलिस अब SIT के माध्यम से सभी मामलों को सुलझाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। SIT की जांच से मामलों के तथ्य सामने आएंगे। पुलिस ने टीम को जल्द कार्यवाही करने को कहा है। उर्मिला सनावर के दावों और उसके बाद दर्ज मामलों ने इस पुराने हत्याकांड को फिर सुर्खियों में ला दिया। अब SIT की रिपोर्ट पर सभी की नजरें टिकी हैं। जांच निष्पक्ष और तथ्य आधारित होने की बात पुलिस ने कही है।
Also Read- Lucknow: उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री दानिश अंसारी की अजमेर ज़ियारत: अमन की कामना के साथ चादर चढ़ाई।
What's Your Reaction?







