गोरखपुर में तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर ने ली दो मासूमों की जान, आरोपी गोल्डन साहनी गिरफ्तार।

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में होली की रात एक तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर ने मोहद्दीपुर-कौवाबाग ओवरब्रिज पर भयानक हादसा कर दिया, जिसमें दो लोगों की मौत

Mar 7, 2026 - 12:43
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गोरखपुर में तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर ने ली दो मासूमों की जान, आरोपी गोल्डन साहनी गिरफ्तार।
गोरखपुर में तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर ने ली दो मासूमों की जान, आरोपी गोल्डन साहनी गिरफ्तार।
  • होली की रात मोहद्दीपुर ओवरब्रिज पर हुआ हादसा, MBBS छात्र और एक अन्य युवक की मौत
  • मंत्री संजय निषाद को 'फूफा' बताने वाला आरोपी पुलिस कस्टडी में भी दिखाया रंगबाजी

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में होली की रात एक तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर ने मोहद्दीपुर-कौवाबाग ओवरब्रिज पर भयानक हादसा कर दिया, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हुए। हादसे में पहली मौत मौके पर ही हो गई, जबकि दूसरा घायल व्यक्ति इलाज के दौरान एम्स में दम तोड़ दिया। आरोपी गोल्डन साहनी, जो एक प्रॉपर्टी डीलर है और स्थानीय राजनीतिक परिवार से जुड़ा हुआ है, ने कथित तौर पर नशे की हालत में गाड़ी रॉन्ग साइड से तेज रफ्तार में चलाई। फॉर्च्यूनर ने पहले एक स्कूटी सवार MBBS छात्र आकाश पांडेय को जोरदार टक्कर मारी, जिससे छात्र हवा में उछलकर ओवरब्रिज की रेलिंग पर जा गिरा और उसकी मौत हो गई। इसके बाद गाड़ी ने एक अन्य स्कूटी सवार उमेश शर्मा को टक्कर मारी, जो नेत्र रोग विशेषज्ञ के बड़े भाई थे। उमेश को गंभीर चोटें आईं और वे एम्स में भर्ती हुए, जहां गुरुवार रात उनकी मौत हो गई। पुलिस ने हादसे के तुरंत बाद फॉर्च्यूनर को जब्त कर लिया और गोल्डन साहनी को गिरफ्तार किया। आरोपी पर गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है और उसे 14 दिनों की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। घटना के बाद गोल्डन साहनी ने फरार होने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने CCTV फुटेज और अन्य सुरागों की मदद से उसे एक घंटे के भीतर पकड़ लिया।

हादसे की पूरी घटना बुधवार रात करीब 9:30 बजे हुई, जब होली का उत्सव चल रहा था। आकाश पांडेय, जो बीआरडी मेडिकल कॉलेज में तीसरे वर्ष का एमबीबीएस छात्र था, होली मनाने दोस्त के घर गया था। वहां खाना खाकर हॉस्टल लौट रहा था, तभी ओवरब्रिज पर फॉर्च्यूनर ने सामने से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि छात्र की बॉडी हवा में उछलकर रेलिंग पर जा गिरी और 30 मिनट तक वहीं लटकी रही। उमेश शर्मा भी उसी समय स्कूटी से घर जा रहे थे और गाड़ी ने उन्हें भी नहीं बख्शा। हादसे में फॉर्च्यूनर ने कई अन्य वाहनों को भी टक्कर मारी, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया और जांच शुरू की। गोल्डन साहनी को नशे की हालत में पाया गया, और जांच में पता चला कि वह गलत दिशा में तेज रफ्तार से गाड़ी चला रहा था। आरोपी ने हादसे के बाद गाड़ी छोड़कर भागने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने उसे दबोच लिया।

हादसे के प्रमुख तथ्य

स्थान: मोहद्दीपुर-कौवाबाग ओवरब्रिज, शाहपुर थाना क्षेत्र
समय: बुधवार रात करीब 9:30 बजे
मृतक: आकाश पांडेय (MBBS छात्र, मौके पर मौत), उमेश शर्मा (नेत्र रोग विशेषज्ञ के भाई, इलाज के दौरान मौत)
आरोपी: गोल्डन साहनी (प्रॉपर्टी डीलर), फॉर्च्यूनर जब्त
मुकदमा: गैर-इरादतन हत्या, पुलिस रिमांड 14 दिन

गोल्डन साहनी की पृष्ठभूमि में वह एक प्रॉपर्टी डीलर है और स्थानीय राजनीतिक परिवार से जुड़ा हुआ है। पुलिस कस्टडी में उसकी रंगबाजी सामने आई, जहां वह जेब में हाथ डालकर घूम रहा था और कैबिनेट मंत्री संजय निषाद को 'फूफा' बताकर अपनी कनेक्शन दिखा रहा था। मंत्री संजय निषाद निषाद पार्टी से हैं और गोरखपुर में प्रभावशाली हैं। गोल्डन साहनी खुद को भावी ब्लॉक प्रमुख बताता है और पहले से काफिले में गाड़ियां चलवाता था। हादसे के बाद उसने थाने में कपड़े बदले और रंगबाजी दिखाई, जिससे इलाके में आक्रोश फैल गया। परिवार और स्थानीय लोगों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने कहा कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और आरोपी पर सख्त सेक्शन लगाए गए हैं।

हादसे ने गोरखपुर में सनसनी फैला दी है, क्योंकि आरोपी की राजनीतिक कनेक्शन और रंगबाजी ने मामले को और विवादास्पद बना दिया। MBBS छात्र आकाश पांडेय की मौत ने मेडिकल कम्युनिटी में शोक की लहर दौड़ा दी। आकाश होली पर दोस्तों के साथ मस्ती कर रहा था लेकिन रात में हॉस्टल लौटते समय उसकी जान चली गई। उमेश शर्मा की मौत ने परिवार को दूसरा झटका दिया। पुलिस ने फॉर्च्यूनर को जब्त कर लिया और आरोपी से पूछताछ कर रही है। जांच में पता चला कि गाड़ी में नशे के असर के सबूत मिले हैं।

आरोपी गोल्डन साहनी के बारे में

गोल्डन साहनी प्रॉपर्टी डीलर है और स्थानीय राजनीतिक परिवार से जुड़ा। वह मंत्री संजय निषाद को 'फूफा' बताता है। पहले से काफिले में गाड़ियां चलवाता था और खुद को भावी ब्लॉक प्रमुख कहता है। पुलिस कस्टडी में भी रंगबाजी दिखाई। यह घटना सड़क सुरक्षा और वाहन चालकों की जिम्मेदारी पर सवाल उठाती है। होली जैसे त्योहार में नशे में गाड़ी चलाने के कई मामले सामने आते हैं, और यह हादसा उसकी भयावहता दिखाता है। पुलिस ने आरोपी पर गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया है और आगे की जांच जारी है। स्थानीय लोग और मेडिकल छात्रों ने न्याय की मांग की है। इस हादसे से गोरखपुर में रोड सेफ्टी पर बहस छिड़ गई है। तेज रफ्तार और नशे में ड्राइविंग के खिलाफ सख्ती की जरूरत बताई जा रही है। आरोपी की गिरफ्तारी और रिमांड से मामले में तेजी आई है।

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