Ayodhya Ram Mandir CEO Interview: पूर्व IAS-IPS समेत 16 दावेदार रेस में, तीन नामों का पैनल तैयार, जानिए कौन संभालेगा जिम्मेदारी
Ram Mandir Trust CEO: अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट को जल्द ही पहला पूर्णकालिक CEO मिलने जा रहा है। पूर्व IAS, IPS और रक्षा विशेषज्ञों समेत 16 उम्मीदवारों का इंटरव्यू पूरा हो चुका है।

- Ram Mandir Trust CEO Selection: राम मंदिर ट्रस्ट को जल्द मिलेगा पहला CEO, 16 दिग्गजों के इंटरव्यू संपन्न, जानें चयन प्रक्रिया
- अयोध्या राम मंदिर में अब CEO संभालेंगे व्यवस्थाएं! 16 पूर्व अधिकारियों का इंटरव्यू पूरा, 3 नामों की सूची ट्रस्ट को सौंपी जाएगी
- Ram Mandir CEO Appointment: राम मंदिर ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी का चयन अंतिम चरण में, 16 दिग्गजों में से 3 नाम शॉर्टलिस्ट
अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर के प्रशासनिक कामकाज, वित्तीय पारदर्शिता और श्रद्धालुओं की सुरक्षा-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अपने पहले पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति करने जा रहा है। इस ऐतिहासिक पद के लिए दो दिवसीय व्यक्तिगत साक्षात्कार की प्रक्रिया 11 और 12 अगस्त 2026 को राम मंदिर परिसर में सफलता पूर्वक पूरी हो चुकी है। देश भर से प्राप्त 5,585 से अधिक आवेदनों में से छांटे गए 16 उच्चस्तरीय दावेदारों का साक्षात्कार लिया गया, जिनमें पूर्व IAS, IPS अधिकारी, सेना के दिग्गज, कॉर्पोरेट विशेषज्ञ और शिक्षाविद शामिल हैं। चयन समिति अब तीन श्रेष्ठ नामों का पैनल ट्रस्ट को सौंपेगी, जिस पर आगामी बैठक में अंतिम मुहर लगाई जाएगी।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से पहली बार पेशेवर प्रशासनिक व्यवस्था के तहत एक पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया जा रहा है। अयोध्या में भव्य राम मंदिर के उद्घाटन के बाद प्रतिदिन लाखों श्रद्धालुओं के आगमन, मंदिर परिसर के सुरक्षा प्रबंधन, वित्तीय लेखा-जोखा और आगामी निर्माण परियोजनाओं की निगरानी के लिए यह पद अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस प्रमोद कोहली की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय चयन समिति ने साक्षात्कार की प्रक्रिया को पूरा कर लिया है। समिति में भारतीय सेना के सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और शिरडी साईं बाबा संस्थान ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष डॉ. सुरेश हावड़े भी शामिल हैं। इस साक्षात्कार के बाद समिति 16 उम्मीदवारों के मूल्यांकन के आधार पर बंद लिफाफे में तीन नामों का एक गोपनीय पैनल तैयार कर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास और कार्यकारी समिति को सौंपेगी।
इण्डियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, CEO पद के लिए कुल 5,585 उम्मीदवारों ने देश भर से आवेदन जमा किए थे। विस्तृत दस्तावेजों और कार्य अनुभव की प्राथमिक जांच के बाद 1,580 उम्मीदवारों के प्रोफेशनल्स प्रोफाइल का मूल्यांकन किया गया। इनमें से 111 योग्य उम्मीदवारों को वर्चुअल संवाद के लिए आमंत्रित किया गया, जहाँ उनकी संचार क्षमता, रणनीतिक सोच, तकनीकी समझ और नेतृत्व गुणों को परखा गया।
अंतिम चरण के लिए 16 प्रत्याशियों को अयोध्या में व्यक्तिगत साक्षात्कार के लिए आमंत्रित किया गया था। 11 और 12 अगस्त को आयोजित साक्षात्कार में 8-8 उम्मीदवारों को समिति के समक्ष प्रस्तुत होना था। साक्षात्कार में शामिल होने वाले प्रमुख चेहरों में उत्तर प्रदेश कैडर के पूर्व IPS अधिकारी और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के संस्थापक सदस्य रहे राजेश पांडेय, 2012 बैच के पूर्व IAS अधिकारी दिनेश चंद्र (जो जौनपुर और बहराइच के जिलाधिकारी रह चुके हैं), तथा बिहार के एक पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) का नाम शामिल है।
साक्षात्कार के दौरान उम्मीदवारों से केवल उनके पूर्व प्रशासनिक रिकॉर्ड और आपदा प्रबंधन क्षमता पर ही सवाल नहीं पूछे गए, बल्कि मंदिर प्रणाली की कार्यप्रणाली, विशाल जनसमूह के प्रबंधन (Crowd Management), तकनीकी नवाचारों और धार्मिक संस्थाओं के प्रति उनके दृष्टिकोण पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
चयन समिति की ओर से जारी आधिकारिक वक्तव्य के अनुसार, यह पूरी चयन प्रक्रिया योग्यता, पारदर्शिता और संस्थागत उत्कृष्टता के उच्च मानकों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। समिति का कहना है कि अंतिम 16 में स्थान पाने वाले सभी उम्मीदवार अपने-अपने क्षेत्रों के विशेषज्ञ हैं और उनके पास विशाल प्रोजेक्ट्स व टीमों के संचालन का व्यापक अनुभव है।
साक्षात्कार प्रक्रिया में शामिल हुए पूर्व अधिकारियों ने भी चयन व्यवस्था को काफी पारदर्शी और पेशेवर बताया। प्रत्याशियों ने स्पष्ट किया कि समिति का मुख्य फोकस मंदिर परिसर की प्रशासनिक चुनौतियों, सुरक्षा ढांचे, श्रद्धालुओं की सुविधाओं के विस्तार और ट्रस्ट की दूरदर्शी योजनाओं को धरातल पर उतारने की क्षमता पर केंद्रित था। टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, ट्रस्ट अब पेशेवरों के हाथों में दैनिक संचालन सौंपकर मंदिर प्रबंधन को अधिक संगठित रूप देना चाहता है।
राम मंदिर के निर्माण के बाद से अयोध्या एक वैश्विक धार्मिक केंद्र के रूप में उभरी है। ऐसे में हर दिन लाखों श्रद्धालुओं के आगमन और करोड़ों रुपये के दान व चढ़ावे के पारदर्शी वित्तीय प्रबंधन के लिए पेशेवर CEO का होना समय की मांग बन चुका था।
एक पेशेवर प्रशासनिक प्रमुख के आने से ट्रस्ट के आंतरिक वित्तीय ऑडिट, सुरक्षा व्यवस्था और बुनियादी ढांचे के विकास में तेजी आएगी। इससे पहले मंदिर परिसर की व्यवस्थाएं ट्रस्ट के सदस्यों और स्वयंसेवकों के भरोसे चल रही थीं, लेकिन एक आईएएस-आईपीएस स्तर के अनुभवी अधिकारी के सीईओ बनने से सरकारी एजेंसियों, जिला प्रशासन और पुलिस के साथ तालमेल बिठाना काफी आसान हो जाएगा।
साक्षात्कार की प्रक्रिया संपन्न होने के बाद तीन सदस्यीय चयन समिति शॉर्टलिस्ट किए गए अंतिम 3 नामों का पैनल तैयार कर रही है। यह सूची श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पास सौंपी जाएगी। आगामी 2 सितंबर 2026 को प्रस्तावित ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक में इन तीन नामों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
ट्रस्ट की हरी झंडी मिलते ही देश के इस सबसे प्रतिष्ठित धार्मिक ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक CEO के नाम की आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी। प्रथम सीईओ का कार्यकाल प्रारंभिक रूप से तीन वर्षों के लिए तय माना जा रहा है।
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