चूरू में भीषण सड़क हादसा: डंपर से टकराकर धू-धू कर जली SUV, 3 लोगों की जिंदा जलने से दर्दनाक मौत।

राजस्थान के चूरू जिले में एक हृदयविदारक सड़क हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। देर रात राष्ट्रीय राजमार्ग पर

Apr 24, 2026 - 10:43
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चूरू में भीषण सड़क हादसा: डंपर से टकराकर धू-धू कर जली SUV, 3 लोगों की जिंदा जलने से दर्दनाक मौत।
चूरू में भीषण सड़क हादसा: डंपर से टकराकर धू-धू कर जली SUV, 3 लोगों की जिंदा जलने से दर्दनाक मौत।
  • राजस्थान के चूरू में मौत का तांडव: डंपर और कार की भिड़ंत के बाद लगी भीषण आग, पांच लोग गंभीर रूप से झुलसे
  • हाईवे पर मची चीख-पुकार: अनियंत्रित डंपर ने SUV को मारी टक्कर, आग के गोले में तब्दील हुई गाड़ी, 3 ने मौके पर ही तोड़ा दम

राजस्थान के चूरू जिले में एक हृदयविदारक सड़क हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। देर रात राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक अनियंत्रित डंपर और तेज रफ्तार SUV के बीच हुई आमने-सामने की भीषण भिड़ंत ने 3 जिंदगियों को बेरहमी से खत्म कर दिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि SUV का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया और देखते ही देखते वाहन में भीषण आग लग गई। गाड़ी के भीतर सवार लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला और 3 यात्रियों की जिंदा जलने से मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे ने सुरक्षा मानकों और हाईवे पर भारी वाहनों की अनियंत्रित गति पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण और राहगीर मौके पर पहुंचे, लेकिन आग की लपटें इतनी तेज थीं कि बचाव कार्य करना नामुमकिन साबित हो रहा था।

हादसे की सूचना मिलने के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस और दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, SUV में कुल आठ लोग सवार थे, जो एक पारिवारिक समारोह से वापस लौट रहे थे। डंपर की सीधी टक्कर के बाद गाड़ी का फ्यूल टैंक फट गया, जिससे आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। पुलिस और ग्रामीणों की मदद से गाड़ी के पिछले हिस्से में फंसे पांच अन्य लोगों को बड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया। ये सभी पांचों लोग आग की लपटों और धुएं के कारण गंभीर रूप से झुलस गए हैं। घायलों को तुरंत एम्बुलेंस के जरिए नजदीकी राजकीय अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी नाजुक हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। घटनास्थल पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने बताया कि नजारा इतना खौफनाक था कि पहचान करना भी मुश्किल हो रहा था। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि हादसा डंपर चालक की लापरवाही और ओवरटेकिंग के प्रयास के कारण हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, डंपर काफी तेज गति में था और गलत दिशा से आने के कारण सीधे SUV से टकरा गया। टक्कर के बाद डंपर चालक मौके से फरार होने में कामयाब रहा, जिसकी तलाश में पुलिस ने जिले भर में नाकाबंदी कर दी है। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और दोनों वाहनों को सड़क से हटाकर यातायात सुचारू करवाया है। आग बुझने के बाद जब SUV की जांच की गई, तो कंकाल बन चुके शवों को बाहर निकाला गया। पुलिस अब मृतकों के परिजनों से संपर्क कर रही है और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस घटना ने हाईवे पर रात्रि गश्त और भारी वाहनों के चालकों की मनमानी को एक बार फिर प्रशासनिक कटघरे में खड़ा कर दिया है।

हादसे के बाद अस्पताल में भर्ती पांचों घायलों की स्थिति पर डॉक्टरों की एक विशेष टीम नजर रख रही है। बताया जा रहा है कि घायल व्यक्तियों के शरीर का 40 से 60 प्रतिशत हिस्सा आग की चपेट में आने से झुलस गया है, जिससे संक्रमण का खतरा बना हुआ है। अस्पताल प्रशासन ने घायलों के बेहतर इलाज के लिए पर्याप्त इंतजाम किए हैं। वहीं दूसरी ओर, चूरू जिला प्रशासन ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और मृतकों के आश्रितों को उचित मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन दिया है। स्थानीय विधायक और जनप्रतिनिधियों ने भी अस्पताल पहुंचकर घायलों की कुशलता जानी और पुलिस विभाग को फरार डंपर चालक के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई करने के निर्देश दिए। हाईवे पर इस तरह के हादसों को रोकने के लिए गति सीमा निर्धारित करने और सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने की मांग भी जोर पकड़ रही है।

चूरू के इस दुर्घटनास्थल पर फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम को भी बुलाया गया है ताकि आग लगने के सटीक तकनीकी कारणों का विश्लेषण किया जा सके। जांच टीम इस बात की पड़ताल कर रही है कि क्या SUV में कोई अवैध गैस किट लगी थी या फिर यह केवल पेट्रोल टैंक फटने का नतीजा था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, जिस जगह यह हादसा हुआ, वह सड़क का एक ब्लैक स्पॉट (संवेदनशील स्थान) माना जाता है, जहां पहले भी कई छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि रात के समय यहां स्ट्रीट लाइट्स की कमी और डंपरों की अनियंत्रित आवाजाही के कारण हमेशा खतरा बना रहता है। सड़क सुरक्षा समिति अब इस मार्ग के डिजाइन और सुरक्षा संकेतों की समीक्षा करने की तैयारी कर रही है ताकि भविष्य में ऐसी जानलेवा घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनके गांवों में मातम पसर गया है। एक साथ 3 लोगों की मौत की खबर ने पूरे इलाके को शोक संतप्त कर दिया है। ग्रामीण और सामाजिक कार्यकर्ता प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि हाईवे पर भारी वाहनों के लिए अलग लेन बनाई जाए और रात के समय शराब पीकर वाहन चलाने वाले चालकों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाए। पुलिस ने डंपर मालिक की पहचान कर ली है और उसे जांच में शामिल होने के लिए नोटिस जारी किया गया है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही फरार चालक को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। यह हादसा न केवल मानवीय क्षति है, बल्कि यह हमारे सड़क परिवहन तंत्र की उन कमियों को भी दर्शाता है जिन्हें दूर करना अब अनिवार्य हो गया है।

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