बिहार बोर्ड 11वीं नामांकन 2026: ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू, छात्र 18 अप्रैल तक जमा कर सकेंगे फॉर्म

बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने राज्य के करीब 10,000 इंटरमीडिएट स्तर के शिक्षण संस्थानों में उपलब्ध 17.50 लाख से अधिक

Apr 8, 2026 - 16:44
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बिहार बोर्ड 11वीं नामांकन 2026: ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू, छात्र 18 अप्रैल तक जमा कर सकेंगे फॉर्म
बिहार बोर्ड 11वीं नामांकन 2026: ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू, छात्र 18 अप्रैल तक जमा कर सकेंगे फॉर्म
  • इंटरमीडिएट सत्र 2026-28 के लिए OFSS पोर्टल सक्रिय, राज्य के 10 हजार संस्थानों में 17.50 लाख सीटों पर होगा दाखिला
  • बिहार इंटर एडमिशन 2026: मैट्रिक पास छात्र आज से करें अप्लाई, Rs.350 आवेदन शुल्क के साथ चुनें अपनी पसंद के कॉलेज

बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने राज्य के करीब 10,000 इंटरमीडिएट स्तर के शिक्षण संस्थानों में उपलब्ध 17.50 लाख से अधिक सीटों पर नामांकन के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस साल नामांकन प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल रखा गया है ताकि सुदूर क्षेत्रों में रहने वाले छात्रों को भी समान अवसर प्राप्त हो सकें। आवेदन की समयसीमा काफी संक्षिप्त रखी गई है, जिसमें छात्रों को केवल 11 दिनों का समय दिया गया है। ऐसे में बोर्ड ने छात्रों को सलाह दी है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते अपनी पंजीकरण प्रक्रिया पूरी कर लें ताकि अंतिम समय में वेबसाइट पर होने वाले भारी ट्रैफिक या तकनीकी दिक्कतों से बचा जा सके। यह पोर्टल बिहार बोर्ड के साथ-साथ सीबीएसई, आईसीएसई और अन्य मान्यता प्राप्त बोर्डों से मैट्रिक उत्तीर्ण करने वाले छात्रों के लिए भी खुला है।

नामांकन के लिए आवेदन करने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी को 350 रुपये का आवेदन शुल्क निर्धारित किया गया है, जिसका भुगतान पूरी तरह से ऑनलाइन माध्यमों जैसे नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड के जरिए किया जा सकता है। यह शुल्क सभी श्रेणियों के छात्रों के लिए समान रखा गया है। छात्रों को आवेदन करने से पहले आधिकारिक वेबसाइट से 'कॉमन प्रोस्पेक्टस' डाउनलोड करने और उसे गहराई से पढ़ने के निर्देश दिए गए हैं। इस प्रोस्पेक्टस में विभिन्न कॉलेजों के कोड, उपलब्ध संकायों (विज्ञान, कला, वाणिज्य, कृषि और व्यावसायिक) और सीटों की संख्या का विस्तृत विवरण दिया गया है। आवेदन प्रक्रिया के दौरान एक छात्र को कम से कम 10 और अधिकतम 20 शिक्षण संस्थानों का विकल्प चुनने की आजादी दी गई है, जिससे उनके चयन की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। बिहार बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि इंटरमीडिएट नामांकन के लिए किसी भी परिस्थिति में ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। छात्रों को केवल आधिकारिक OFSS पोर्टल के माध्यम से ही अपना कॉमन एप्लिकेशन फॉर्म (CAF) भरना होगा।

आवेदन प्रक्रिया के तकनीकी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने छात्रों को अपना मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी तैयार रखने को कहा है, क्योंकि भविष्य की सभी सूचनाएं और ओटीपी (OTP) इन्हीं माध्यमों से भेजे जाएंगे। एक मोबाइल नंबर का उपयोग केवल एक ही आवेदन के लिए किया जा सकता है। फॉर्म भरते समय छात्रों को अपनी व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक विवरण जैसे रोल कोड, रोल नंबर और जन्म तिथि दर्ज करनी होगी। बिहार बोर्ड से उत्तीर्ण छात्रों के लिए एक विशेष सुविधा यह है कि जैसे ही वे अपना रोल कोड और रोल नंबर डालेंगे, उनके अंक और व्यक्तिगत विवरण पोर्टल पर स्वतः प्रदर्शित हो जाएंगे। अन्य बोर्ड के छात्रों को अपने अंक और संबंधित जानकारी मैन्युअल रूप से दर्ज करनी होगी और अपनी पासपोर्ट साइज फोटो भी अपलोड करनी होगी।

बिहार बोर्ड की इस केंद्रीकृत प्रणाली का सबसे बड़ा लाभ यह है कि छात्रों को अलग-अलग कॉलेजों के चक्कर नहीं काटने पड़ते। आरक्षण नीति की बात करें तो बोर्ड ने राज्य सरकार के नियमों के तहत विभिन्न वर्गों के लिए सीटों का कोटा निर्धारित किया है। इसमें अनुसूचित जाति के लिए 16 प्रतिशत, अनुसूचित जनजाति के लिए 1 प्रतिशत, अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए 18 प्रतिशत, पिछड़ा वर्ग के लिए 12 प्रतिशत, महिलाओं के लिए 3 प्रतिशत और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। मेरिट लिस्ट तैयार करते समय छात्र के अंकों के साथ-साथ उसकी श्रेणी और उसके द्वारा चुने गए विकल्पों को प्राथमिकता दी जाएगी। यदि छात्र का चयन उसकी पहली प्राथमिकता वाले कॉलेज में हो जाता है, तो उसे वहां नामांकन लेना अनिवार्य होगा।

नामांकन प्रक्रिया को लेकर छात्रों की सहायता के लिए बिहार बोर्ड ने एक विशेष हेल्पलाइन नंबर 0612-2230051 भी जारी किया है। इसके अतिरिक्त, जिला स्तर पर जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्रों (DRCC) पर भी सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहाँ छात्र जाकर आवेदन प्रक्रिया के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं या फॉर्म भरने में मदद ले सकते हैं। बोर्ड ने यह भी साफ किया है कि आवेदन पत्र को 'सबमिट' करने से पहले उसका 'प्रीव्यू' जरूर देख लें ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटि न रहे। एक बार आवेदन शुल्क जमा होने के बाद फॉर्म में बदलाव करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। यह केंद्रीकृत व्यवस्था दाखिले में होने वाली धांधली को रोकने और मेधावी छात्रों को उनके अंकों के आधार पर सही संस्थान दिलाने में कारगर साबित हो रही है।

इंटरमीडिएट में विज्ञान, कला, वाणिज्य और कृषि जैसे संकायों का चुनाव छात्रों के भविष्य के करियर की नींव रखता है। विशेषज्ञों का कहना है कि छात्रों को अपने रुचि और योग्यता के अनुसार ही संकाय और कॉलेजों का चयन करना चाहिए। आवेदन की प्रक्रिया संपन्न होने के बाद, बोर्ड द्वारा प्रथम मेरिट सूची (First Merit List) जारी की जाएगी। जिन छात्रों का नाम इस सूची में आएगा, उन्हें आवंटित कॉलेज में जाकर अपने मूल दस्तावेजों का सत्यापन कराना होगा और नामांकन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। यदि कोई छात्र आवंटित कॉलेज से संतुष्ट नहीं है, तो वह 'स्लाइड-अप' (Slide-up) विकल्प का उपयोग कर सकता है, बशर्ते उसने पहले आवंटित संस्थान में अपना नामांकन करा लिया हो।

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