असम बोर्ड ने रचा नया इतिहास: कक्षा 10वीं के परिणाम 65.62 प्रतिशत के साथ घोषित, छात्रों में भारी उत्साह।

असम माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने आज सुबह 10:30 बजे हाई स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट (HSLC) परीक्षा 2026 के नतीजों की आधिकारिक घोषणा

Apr 10, 2026 - 11:19
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असम बोर्ड ने रचा नया इतिहास: कक्षा 10वीं के परिणाम 65.62 प्रतिशत के साथ घोषित, छात्रों में भारी उत्साह।
असम बोर्ड ने रचा नया इतिहास: कक्षा 10वीं के परिणाम 65.62 प्रतिशत के साथ घोषित, छात्रों में भारी उत्साह।
  • शिक्षा जगत में छाई खुशी की लहर: माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने जारी किया हाई स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट परीक्षा का स्कोरकार्ड।
  • सफलता की नई इबारत: असम के 4.29 लाख से अधिक विद्यार्थियों का इंतजार खत्म, डिजिटल माध्यम से डाउनलोड करें मार्कशीट।

असम माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने आज सुबह 10:30 बजे हाई स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट (HSLC) परीक्षा 2026 के नतीजों की आधिकारिक घोषणा की है। इस वर्ष की परीक्षा में कुल 4,29,249 परीक्षार्थी शामिल हुए थे, जो राज्य की अब तक की सबसे बड़ी बोर्ड परीक्षाओं में से एक मानी जा रही है। परीक्षा का आयोजन फरवरी माह की 10 तारीख से शुरू होकर 27 तारीख तक चला था, जिसके बाद मूल्यांकन प्रक्रिया को अत्यंत गोपनीयता और सटीकता के साथ पूरा किया गया। बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष का कुल पास प्रतिशत 65.62 रहा है, जो पिछले वर्ष के मुकाबले लगभग 1.64 प्रतिशत का सुधार दर्शाता है। शिक्षा विभाग ने इस मामूली वृद्धि को राज्य में शिक्षा के स्तर में आ रहे सकारात्मक बदलाव के रूप में देखा है।

नतीजों के विश्लेषण से पता चलता है कि प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होने वाले छात्रों की संख्या काफी प्रभावशाली रही है। कुल सफल अभ्यर्थियों में से 85,189 विद्यार्थियों ने प्रथम श्रेणी प्राप्त कर अपनी शैक्षणिक योग्यता का परिचय दिया है। इसके अतिरिक्त, 1,50,167 परीक्षार्थियों ने द्वितीय श्रेणी और 46,345 विद्यार्थियों ने तृतीय श्रेणी में स्थान बनाकर सफलता प्राप्त की है। बोर्ड ने मेरिट सूची के साथ-साथ व्यक्तिगत अंकों के विवरण भी साझा किए हैं, ताकि छात्र अपनी ताकत और कमजोरियों का सही आकलन कर सकें। सफल छात्रों के चेहरे पर छाई मुस्कान उनके कठिन परिश्रम और शिक्षकों के मार्गदर्शन का प्रतिफल है, जिसने पूरे प्रदेश में एक सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण तैयार किया है।

विशेष उपलब्धियों की बात करें तो इस वर्ष 3,983 विद्यार्थियों ने डिस्टिंक्शन (Distinction) हासिल किया है, जिसके लिए उन्हें 510 या उससे अधिक अंक प्राप्त करने थे। वहीं, 13,681 अभ्यर्थियों ने 'स्टार मार्क्स' प्राप्त किए हैं, जो 450 से 509 अंकों के बीच के प्रदर्शन को दर्शाते हैं। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन छात्रों ने किसी भी विषय में 80 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हैं, उनकी मार्कशीट पर 'L' यानी लेटर मार्क्स का अंकन किया गया है। यह उच्च प्रदर्शन न केवल छात्रों के व्यक्तिगत विकास के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह असम की माध्यमिक शिक्षा व्यवस्था की मजबूती को भी प्रदर्शित करता है। परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए छात्रों को प्रत्येक विषय में कम से कम 30 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य है। यदि कोई छात्र एक या दो विषयों में सफल नहीं हो पाया है, तो उसे निराश होने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि बोर्ड जल्द ही पूरक या कंपार्टमेंट परीक्षा का आयोजन करेगा।

डिजिटल इंडिया की दिशा में कदम बढ़ाते हुए, बोर्ड ने छात्रों की सुविधा के लिए परिणाम देखने के कई विकल्प प्रदान किए हैं। परीक्षार्थी अपना रोल नंबर और जन्म तिथि दर्ज करके आधिकारिक वेबसाइटों से अपना डिजिटल स्कोरकार्ड तुरंत डाउनलोड कर सकते हैं। इसके अलावा, डिजीलॉकर और उमंग जैसे मोबाइल ऐप्स पर भी मार्कशीट उपलब्ध कराई गई है। यह डिजिटल दस्तावेज़ आगे के प्रवेश प्रक्रियाओं के लिए पूरी तरह मान्य होगा, जिससे छात्रों को भौतिक प्रति प्राप्त करने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। स्कूलों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने स्तर पर डेटा एकत्र करें और छात्रों को मार्कशीट वितरण में सहायता करें।

विषयवार प्रदर्शन पर नजर डालें तो विज्ञान और गणित जैसे कठिन विषयों में भी छात्रों ने सराहनीय प्रदर्शन किया है। बोर्ड ने उन क्षेत्रों की भी पहचान की है जहां छात्रों को अधिक सहायता की आवश्यकता है। परीक्षा परिणाम के साथ ही राज्य के विभिन्न जिलों के प्रदर्शन की रैंकिंग भी जारी की गई है, जिससे पता चलता है कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों ने भी शहरी क्षेत्रों के समकक्ष अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। कई दूरदराज के इलाकों से ऐसे मेधावी छात्र उभरकर सामने आए हैं जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद टॉपर्स की सूची में अपनी जगह बनाई है।

परिणामों की घोषणा के बाद अब छात्रों के सामने अगला महत्वपूर्ण पड़ाव उच्च माध्यमिक शिक्षा (कक्षा 11वीं) में प्रवेश का है। छात्र अब अपनी रुचि और अंकों के आधार पर विज्ञान, वाणिज्य या कला संकाय का चयन कर सकेंगे। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस वर्ष का बेहतर परिणाम स्नातक और पेशेवर पाठ्यक्रमों के लिए एक मजबूत नींव तैयार करेगा। स्कूलों और कॉलेजों ने भी नए शैक्षणिक सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया की तैयारियां शुरू कर दी हैं, ताकि सफल छात्र बिना किसी देरी के अपनी आगे की पढ़ाई जारी रख सकें।

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