Trending: अहमदाबाद विमान हादसा- 270 शव बरामद, केवल सात की पहचान हो पाई, तकनीकी खराबी की आशंका, जांच शुरू।
गुजरात के अहमदाबाद में 12 जून 2025 को हुए भीषण विमान हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171...
अहमदाबाद : गुजरात के अहमदाबाद में 12 जून 2025 को हुए भीषण विमान हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171, जो अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लंदन के गैटविक हवाई अड्डे के लिए उड़ान भर रही थी, टेकऑफ के महज दो मिनट बाद मेघानीनगर इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में अब तक 270 शव बरामद किए जा चुके हैं, जिनमें से केवल सात की पहचान हो पाई है। प्रारंभिक जांच में तकनीकी खराबी और मानवीय भूल को हादसे का प्रमुख कारण माना जा रहा है।
इस बीच, एक यात्री हिनाबेन कालरिया का बयान सामने आया है, जिन्होंने दावा किया कि हादसे से डेढ़ घंटे पहले उसी विमान से लंदन से अहमदाबाद पहुंचने के दौरान विमान में तकनीकी खराबी थी। एयर इंडिया का बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान, फ्लाइट नंबर AI-171, 12 जून 2025 को दोपहर 1:38 बजे अहमदाबाद हवाई अड्डे से उड़ान भरा था। इसमें 230 यात्री और 12 क्रू मेंबर, जिसमें दो अनुभवी पायलट शामिल थे, सवार थे। विमान ने टेकऑफ के बाद केवल 825 फीट की ऊंचाई हासिल की थी और इसकी गति 174 नॉट्स (लगभग 320 किमी/घंटा) थी, जो इस वजन के विमान के लिए आवश्यक 200-250 नॉट्स से काफी कम थी। दो मिनट बाद, दोपहर 1:40 बजे, विमान मेघानीनगर के बीजे मेडिकल कॉलेज के परिसर में बने एक हॉस्टल और मेस की इमारत से टकरा गया। टक्कर के बाद विमान आग के गोले में तब्दील हो गया, जिससे आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया। हादसे में विमान में सवार 241 यात्रियों और क्रू मेंबर की मौत हो गई, जबकि मलबे से 24 अन्य लोगों के शव बरामद किए गए, जो हॉस्टल में मौजूद मेडिकल छात्र और कर्मचारी थे।
हादसे में केवल एक यात्री, विश्वास कुमार रमेश, चमत्कारिक रूप से जीवित बचे। विश्वास, जो भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिक हैं, सीट नंबर 11ए पर बैठे थे। उनका इलाज अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में चल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को उनसे मुलाकात की और हादसे के दौरान के अनुभव के बारे में जानकारी ली।
- हिनाबेन कालरिया का दावा
सूरत की रहने वाली हिनाबेन कालरिया, जो हादसे से डेढ़ घंटे पहले उसी विमान से लंदन से अहमदाबाद पहुंची थीं, ने दावा किया कि विमान में कई तकनीकी खामियां थीं। उनके अनुसार, उड़ान के दौरान विमान का एयर कंडीशनिंग सिस्टम और सभी डिस्प्ले बंद थे। एयर होस्टेस ने इसे तकनीकी गड़बड़ी बताया था। लैंडिंग के दौरान विमान से खड़खड़ाहट की आवाजें आ रही थीं, जिससे यात्रियों में डर का माहौल था। हिनाबेन ने कहा, "हम बहुत डर गए थे, लेकिन हमें बताया गया कि यह सामान्य है। मैं खुशकिस्मत थी कि सुरक्षित उतर गई, लेकिन यह सोचकर दिल दहल जाता है कि उसी विमान में इतना बड़ा हादसा हो गया।"
- ब्लैक बॉक्स बरामद, जांच शुरू
हादसे के अगले दिन, 13 जून को, एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने विमान का ब्लैक बॉक्स हॉस्टल की छत से बरामद कर लिया। ब्लैक बॉक्स में फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर शामिल हैं, जो हादसे के अंतिम क्षणों की जानकारी दे सकते हैं। इसके अलावा, गुजरात एटीएस ने मलबे से एक डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (DVR) भी बरामद किया है, जिसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। प्रारंभिक जांच में विशेषज्ञों ने बताया कि हादसा संभवतः टेकऑफ के दौरान कॉन्फिगरेशन एरर (जैसे गलत फ्लैप सेटिंग, कम इंजन थ्रस्ट, या लैंडिंग गियर का नीचे रह जाना) के कारण हुआ। विमान की कम गति और ऊंचाई, साथ ही 43 डिग्री सेल्सियस की गर्मी, ने स्थिति को और जटिल बना दिया। कुछ विशेषज्ञों ने इंजन फेल होने या बर्ड स्ट्राइक की संभावना भी जताई, लेकिन दोनों इंजनों का एक साथ फेल होना दुर्लभ माना जाता है। नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा, "हम इस हादसे की गहन जांच करेंगे और यह पता लगाएंगे कि यह क्यों हुआ।" राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और अन्य केंद्रीय एजेंसियां भी जांच में शामिल हैं, हालांकि साजिश या आतंकी हमले के कोई सबूत नहीं मिले हैं।
- मृतकों और घायलों का विवरण
हादसे में मरने वालों में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी, बांसवाड़ा के एक ही परिवार के पांच सदस्य, और मणिपुर की दो युवा केबिन क्रू सदस्य शामिल हैं। मृतकों में 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, एक कनाडाई, और सात पुर्तगाली नागरिक थे। मृतकों की पहचान के लिए डीएनए टेस्ट किए जा रहे हैं, क्योंकि अधिकांश शव बुरी तरह जल चुके हैं। अब तक केवल सात शवों की पहचान हो पाई है। मेघानीनगर के बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में रहने वाले 20 से अधिक मेडिकल छात्रों की भी मौत हुई है, जबकि 50 से अधिक घायल हैं। अहमदाबाद पुलिस कमिश्नर जीएस मलिक ने बताया कि 270 शव बरामद किए जा चुके हैं, और 41 घायलों का इलाज चल रहा है। सिविल अस्पताल में स्ट्रेचर की कमी के कारण कुछ शवों को हाथ ठेले पर लाया गया। अस्पताल में ओ निगेटिव ब्लड की कमी के चलते ब्लड डोनेशन की अपील की गई है।
- बचाव और राहत कार्य
हादसे के तुरंत बाद गुजरात सरकार ने आपदा प्रबंधन इकाइयों को सक्रिय कर दिया। एनडीआरएफ, बीएसएफ, सीआरपीएफ, और रैपिड एक्शन फोर्स की टीमें बचाव कार्य में जुटीं। अहमदाबाद, वडोदरा, और सूरत से फायर ब्रिगेड की 25 गाड़ियां आग बुझाने में लगीं। विमान में सवा लाख लीटर ईंधन होने के कारण आग की तीव्रता इतनी थी कि बचाव कार्य में भारी चुनौतियां आईं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 जून को हादसे के स्थल का दौरा किया और सिविल अस्पताल में घायलों से मुलाकात की। उन्होंने गुजरात के पूर्व सीएम विजय रूपाणी के योगदान को याद करते हुए शोक व्यक्त किया। टाटा समूह, जो एयर इंडिया का मालिक है, ने मृतकों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
इस हादसे ने पूरे देश को शोक में डुबो दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने तत्काल राहत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। अमेरिकी परिवहन सचिव शॉन डफी ने भी शोक व्यक्त करते हुए भारत को जांच में सहायता का आश्वासन दिया। सोशल मीडिया पर हादसे के वीडियो और तस्वीरें वायरल हो रही हैं, जो इसकी भयावहता को दर्शाती हैं। एयर इंडिया ने हेल्पलाइन नंबर (1800 5691 444 और +91 8062779200) जारी किए हैं, ताकि परिजन जानकारी प्राप्त कर सकें। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमानों की उड़ान पर अस्थायी रोक लगाने पर विचार शुरू किया है। अहमदाबाद विमान हादसा भारत के इतिहास में सबसे घातक हादसों में से एक है। तकनीकी खराबी, मानवीय भूल, या अन्य कारणों की जांच चल रही है, और ब्लैक बॉक्स के विश्लेषण से सटीक जानकारी मिलने की उम्मीद है। हिनाबेन कालरिया का बयान इस बात की ओर इशारा करता है कि विमान में पहले से ही खामियां थीं, जो शायद समय रहते ठीक नहीं की गईं।
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