BSNL Satellite Phone: बीएसएनएल ने लॉन्च किया 1.35 लाख का सैटेलाइट फोन, बिना नेटवर्क भी होगी बात, जानें खरीदने के नियम

BSNL Satellite Phone: भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) ने 1.35 लाख रुपये की कीमत में एक सैटेलाइट फोन लॉन्च किया है जो बिना मोबाइल नेटवर्क के भी काम करेगा।

Jul 10, 2026 - 12:15
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BSNL Satellite Phone: बीएसएनएल ने लॉन्च किया 1.35 लाख का सैटेलाइट फोन, बिना नेटवर्क भी होगी बात, जानें खरीदने के नियम
BSNL 1.35 Lakh Phone Features
  • BSNL New Launch: बिना मोबाइल नेटवर्क काम करेगा BSNL का यह खास फोन, कीमत 1.35 लाख रुपये, हर कोई नहीं खरीद पाएगा
  • बिना नेटवर्क पहाड़ों और जंगलों में भी होगी बात! BSNL लाया 1.35 लाख का अनोखा फोन, लेकिन खरीदने के लिए मानने होंगे ये कड़े नियम
  • दूरसंचार क्रांति: BSNL ने भारत में पेश किया 1.35 लाख रुपये का सैटेलाइट फोन, शून्य नेटवर्क वाले इलाकों में भी मिलेगी निर्बाध कनेक्टिविटी

भारत की सरकारी दूरसंचार कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) ने देश के तकनीकी और संचार क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए एक विशेष सैटेलाइट फोन (Satellite Phone) लॉन्च किया है। इस अत्याधुनिक फोन की कीमत 1.35 लाख रुपये निर्धारित की गई है। इस हैंडसेट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह उन सुदूर क्षेत्रों, घने जंगलों, रेगिस्तानों और ऊंचे पहाड़ों पर भी सुचारू रूप से काम करेगा जहां पारंपरिक मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह से गायब हो जाता है। शुक्रवार को सामने आए आधिकारिक इनपुट के मुताबिक, यह डिवाइस सीधे उपग्रह से जुड़कर कॉलिंग और मैसेजिंग की सुविधा प्रदान करता है। हालांकि, राष्ट्रीय सुरक्षा और सरकारी दिशा-निर्देशों के कारण इसे आम कमर्शियल स्मार्टफोन की तरह हर कोई नहीं खरीद सकता। इसे प्राप्त करने के लिए बेहद कड़े नियमों और पात्रता मापदंडों का पालन करना अनिवार्य होगा।

दूरसंचार क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और आपातकालीन तकनीकी कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए बीएसएनएल ने इस सैटेलाइट फोन को आधिकारिक रूप से भारतीय बाजार में उतारा है। 1.35 लाख रुपये की शुरुआती कीमत वाला यह उपकरण मुख्य रूप से 'ग्लोबल सैटेलाइट फोन सर्विस' (GSPS) पर आधारित है। आम मोबाइल फोन जहां जमीन पर लगे बीटीएस (BTS - मोबाइल टावर) से सिग्नल लेते हैं, वहीं यह फोन सीधे पृथ्वी की कक्षा में चक्कर काट रहे उपग्रहों (Satellites) से संपर्क स्थापित करता है। सुरक्षा और संवेदनशीलता को देखते हुए सरकार ने इसकी बिक्री और उपयोग को लेकर एक कड़ा विनियामक ढांचा (Regulatory Framework) तैयार किया है, जिसके तहत केवल अधिकृत श्रेणियों को ही इसके मालिकाना हक की अनुमति दी जाएगी।

इस सैटेलाइट फोन सेवा को भारत में संचालित करने के लिए बीएसएनएल ने अंतरराष्ट्रीय सैटेलाइट ऑपरेटर 'इनमारसैट' (Inmarsat) के साथ साझेदारी की है। भारत में इस सेवा का गेटवे गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) में स्थापित किया गया है, जिससे सभी कॉल्स और डेटा सिग्नलों की सुरक्षा निगरानी गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप की जा सके।

तकनीकी विशिष्टताओं और फीचर्स की बात करें तो यह फोन अत्यधिक मजबूत (Rugged) मटीरियल से बना है जो शॉक, डस्ट और वॉटर रेजिस्टेंस के उच्च सैन्य मानकों को पूरा करता है। इसमें लंबे समय तक चलने वाली बैटरी दी गई है, जो बिना बिजली वाले आपदा क्षेत्रों में कई दिनों का स्टैंडबाय टाइम देती है। भारत में सैटेलाइट फोन का अनधिकृत उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित होने के कारण इसके वितरण की प्रक्रिया काफी जटिल रखी गई है। इसे खरीदने की इच्छा रखने वाले पात्र आवेदकों को नागरिक उड्डयन मंत्रालय या गृह मंत्रालय से क्लीयरेंस और आवश्यक दस्तावेज जमा कराने होंगे।

इस प्रीमियम और रणनीतिक लॉन्च पर दूरसंचार मंत्रालय और सुरक्षा विश्लेषकों की संतुलित प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। बीएसएनएल के एक वरिष्ठ तकनीकी निदेशक ने बताया, "यह फोन वाणिज्यिक प्रतिस्पर्धा के लिए नहीं, बल्कि जीवन बचाने और कठिन परिस्थितियों में कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए है। इसकी कीमत और इस पर लागू नियम इसकी विशिष्ट उपयोगिता को दर्शाते हैं। हम सुरक्षा मानकों से बिना किसी समझौते के पात्र विभागों को इसकी सुगम डिलीवरी सुनिश्चित कर रहे हैं।"

वहीं, रक्षा विशेषज्ञों ने इस कदम की सराहना करते हुए कहा है कि सीमावर्ती क्षेत्रों और प्राकृतिक आपदाओं (जैसे बाढ़, भूकंप और भूस्खलन) के समय जब पारंपरिक टावर गिर जाते हैं, तब यह फोन राहत और बचाव कार्यों के संचालन में रीढ़ की हड्डी साबित होगा।

बाजार और उपयोगिता

इस सैटेलाइट फोन के आने से संबंधित क्षेत्रों पर निम्नलिखित प्रभाव पड़ेगा:

रणनीतिक सुरक्षा में मजबूती: देश की सीमाओं, तटीय सुरक्षा बलों और आपदा प्रबंधन टीमों (NDRF) के पास अब संचार का एक स्वदेशी और सुरक्षित विकल्प होगा।

आम जनता के लिए सीमाएं: यह डिवाइस आम मोबाइल उपभोक्ताओं के लिए उपलब्ध नहीं होगी, जिससे मुख्यधारा के स्मार्टफोन बाजार पर इसका कोई व्यावसायिक असर नहीं पड़ेगा।

औद्योगिक उपयोग: समुद्री जहाजों, गहरे खनन (Mining) क्षेत्रों और तेल व गैस की खोज में लगी बड़ी कंपनियों को अपने कर्मचारियों की सुरक्षा और ट्रैकिंग के लिए एक भरोसेमंद गैजेट मिल सकेगा।

किसे और कैसे मिलेगा यह फोन

बीएसएनएल ने स्पष्ट किया है कि इस फोन को खरीदने के नियमों के तहत सरकारी विभागों, रक्षा बलों, अर्धसैनिक बलों, राज्य पुलिस, आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों और भारत सरकार से विशेष अनुमति प्राप्त निजी क्षेत्र की बुनियादी ढांचा कंपनियों (जैसे मैरीटाइम या माइनिंग फर्म) को प्राथमिकता दी जाएगी। यदि कोई भारतीय नागरिक या विदेशी पर्यटक इसे किसी विशेष शोध या पर्वतारोहण अभियान के लिए उपयोग करना चाहता है, तो उसे दूरसंचार विभाग (DoT) से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त करना होगा। आने वाले समय में बीएसएनएल इसके कॉल टैरिफ और मासिक रेंटल प्लान्स की विस्तृत सूची भी जारी करेगा, जो कि सामान्य मोबाइल रिचार्ज की तुलना में काफी प्रीमियम दरों पर आधारित होंगे।

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