17 जून 2025: भारत के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें, जानें आपके शहर का ताजा रेट।
भारत के विभिन्न शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं, हालांकि कुछ शहरों में मामूली उतार-चढ़ाव देखा गया है। भारत में ईंधन की कीमतें...
भारत के विभिन्न शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं, हालांकि कुछ शहरों में मामूली उतार-चढ़ाव देखा गया है। भारत में ईंधन की कीमतें रोजाना सुबह 6 बजे संशोधित होती हैं, जो डायनामिक फ्यूल प्राइसिंग सिस्टम के तहत तय की जाती हैं। यह प्रणाली जून 2017 से लागू है और वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों, रुपये-डॉलर विनिमय दर, केंद्रीय उत्पाद शुल्क, राज्य वैट, और डीलर कमीशन जैसे कारकों पर आधारित है। सभी जानकारी विश्वसनीय स्रोतों जैसे इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), न्यूज18, और अन्य प्रतिष्ठित मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है।
- प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें (17 जून 2025)
निम्नलिखित तालिका में भारत के प्रमुख मेट्रो शहरों और अन्य महत्वपूर्ण शहरों में 17 जून 2025 को पेट्रोल और डीजल की प्रति लीटर कीमतें (रुपये में) दी गई हैं, जो इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) और अन्य स्रोतों के आधार पर हैं:
शहर पेट्रोल (₹/लीटर) डीजल (₹/लीटर)
नई दिल्ली 94.77 87.67
मुंबई 103.50 90.03
कोलकाता 105.41 92.02
चेन्नई 100.80 92.39
बेंगलुरु 102.92 90.99
हैदराबाद 107.46 95.70
अहमदाबाद 94.49 90.17
जयपुर 104.88 90.36
लखनऊ 94.65 87.76
पटना 105.18 92.04
चंडीगढ़ 94.24 82.40
भोपाल 106.47 91.84
इटानगर 90.62 80.16
स्रोत: इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), न्यूज18, और CarDekho.com (16-17 जून 2025 के डेटा के आधार पर)।
- राज्यवार कीमतों में अंतर
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें राज्यों और शहरों में अलग-अलग होती हैं, मुख्य रूप से निम्नलिखित कारणों से:
राज्य वैट (मूल्य वर्धित कर): प्रत्येक राज्य अपनी वैट दरें तय करता है, जो पेट्रोल और डीजल की कीमतों को प्रभावित करता है। उदाहरण के लिए, महाराष्ट्र और राजस्थान में वैट अधिक होने के कारण मुंबई और जयपुर में कीमतें दिल्ली की तुलना में अधिक हैं।
केंद्रीय उत्पाद शुल्क: केंद्र सरकार द्वारा लगाया गया उत्पाद शुल्क पूरे देश में समान है (पेट्रोल पर ₹21 प्रति लीटर और डीजल पर ₹17.33 प्रति लीटर, 2017 के डेटा के अनुसार), लेकिन यह कुल कीमत का एक बड़ा हिस्सा है।
परिवहन लागत: तेल डिपो से पेट्रोल पंप तक की दूरी जितनी अधिक होती है, उतनी ही कीमतें बढ़ती हैं। उदाहरण के लिए, मुंबई में परिवहन लागत अधिक होने से कीमतें दिल्ली से अधिक हैं।
डीलर कमीशन: डीलर कमीशन भी शहरों और पंपों के बीच भिन्न होता है, जो कीमतों में मामूली अंतर पैदा करता है।
उदाहरण के लिए:
दिल्ली में पेट्रोल की कीमत ₹94.77 प्रति लीटर है, जो मेट्रो शहरों में सबसे कम है, क्योंकि दिल्ली में वैट अपेक्षाकृत कम है।
मुंबई में पेट्रोल ₹103.50 प्रति लीटर है, जो उच्च वैट और परिवहन लागत के कारण है।
हैदराबाद में पेट्रोल ₹107.46 प्रति लीटर है, जो मेट्रो शहरों में सबसे अधिक है, क्योंकि आंध्र प्रदेश में वैट दरें अधिक हैं।
इटानगर में पेट्रोल ₹90.62 और डीजल ₹80.16 प्रति लीटर है, जो देश में सबसे कम है, क्योंकि अरुणाचल प्रदेश में वैट दरें कम हैं।
- कीमतों में स्थिरता और उतार-चढ़ाव
17 जून 2025 को पेट्रोल और डीजल की कीमतें ज्यादातर शहरों में स्थिर हैं, जैसा कि न्यूज18 और Goodreturns की रिपोर्ट्स में बताया गया है। हालांकि, कुछ शहरों में मामूली बदलाव देखे गए:
चेन्नई में पेट्रोल की कीमत में 16 जून को ₹0.23 की बढ़ोतरी हुई थी, जो 17 जून को ₹100.80 पर स्थिर रही।
कोलकाता में पेट्रोल ₹105.41 और डीजल ₹92.02 प्रति लीटर है, जो हाल के दिनों में मामूली वृद्धि के बाद स्थिर है।
पटना में डीजल की कीमत में हाल ही में कमी देखी गई थी, जो अब ₹92.04 प्रति लीटर है।
X पर कुछ पोस्ट्स में दावा किया गया कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ी गिरावट (जैसे ₹82 प्रति लीटर) या वृद्धि (डीजल में ₹8 की बढ़ोतरी) हुई है, लेकिन ये दावे असत्यापित और अतिशयोक्तिपूर्ण हैं। विश्वसनीय स्रोतों जैसे IOC और CarDekho.com के अनुसार, कीमतें औसतन ₹94.25 से ₹107.50 (पेट्रोल) और ₹78.05 से ₹97.57 (डीजल) के बीच हैं।
- कीमतों को प्रभावित करने वाले कारक
वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें: 19 मई 2025 को भारतीय क्रूड बास्केट की कीमत $64.63 प्रति बैरल थी, जो हाल के महीनों में स्थिर रही है। वैश्विक तेल बाजार में ईरान-इजरायल तनाव और चीन की आर्थिक नीतियों ने अस्थिरता पैदा की, लेकिन इसका भारत पर सीमित प्रभाव पड़ा।
रुपये-डॉलर विनिमय दर: चूंकि कच्चा तेल अमेरिकी डॉलर में खरीदा जाता है, रुपये का मूल्यह्रास ईंधन की कीमतों को बढ़ाता है। 17 जून 2025 को विनिमय दर स्थिर थी, जिसने कीमतों को नियंत्रित रखा।
कर और शुल्क: पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमत का लगभग 57% हिस्सा कर, शुल्क, और डीलर मार्जिन में जाता है। जीएसटी के दायरे में ईंधन न होने के कारण वैट और उत्पाद शुल्क की दरें कीमतों को प्रभावित करती हैं।
मांग और आपूर्ति: भारत में दोपहिया वाहनों की अधिकता और इलेक्ट्रिक वाहनों की धीमी प्रगति के कारण पेट्रोल की मांग अधिक है। डीजल की मांग परिवहन और लॉजिस्टिक्स सेक्टर (28.48%) पर निर्भर है।
- सरकारी और OMC की भूमिका
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम, और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी तेल विपणन कंपनियां (OMCs) तय करती हैं। सरकार ने 2010 (पेट्रोल) और 2014 (डीजल) में ईंधन की कीमतों को डी-रेगुलेट किया, जिसके बाद बाजार आधारित मूल्य निर्धारण शुरू हुआ।
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने हाल ही में कहा कि यदि वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें कम रहती हैं, तो OMCs के पास कीमतें घटाने की गुंजाइश है। हालांकि, 30 अक्टूबर 2024 से डीलर मार्जिन में समायोजन के बावजूद खुदरा कीमतों पर कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ा।
- सोशल मीडिया पर चर्चा
X पर 17 जून 2025 को कई न्यूज चैनलों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर अपडेट साझा किए। @aajtak ने पोस्ट किया, “Petrol-Diesel Price: 17 जून को क्या है पेट्रोल-डीजल का दाम, तेल कंपनियों ने जारी किए नए रेट।” @RTVnewsnetwork ने भी प्रमुख शहरों की कीमतें साझा कीं। हालांकि, @IBC24News की कुछ पोस्ट्स में अतिशयोक्तिपूर्ण दावे किए गए, जैसे डीजल में ₹8 की वृद्धि, जो IOC और अन्य स्रोतों से मेल नहीं खाते।
- उपभोक्ताओं के लिए सुझाव
कीमतें चेक करें: उपभोक्ता IOC के मोबाइल ऐप (Fuel@IOC), SMS सेवा (RSP <डीलर कोड> to 9224992249), या OMC वेबसाइट्स के माध्यम से दैनिक कीमतें देख सकते हैं।
कम वैट वाले क्षेत्रों का लाभ: यदि संभव हो, कम वैट वाले राज्यों (जैसे अरुणाचल प्रदेश) में ईंधन भरवाएं।
ईंधन दक्षता: वाहनों की नियमित सर्विसिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों पर विचार करके ईंधन खपत कम करें।
Also Read- 16 जून 2025 को भारत के विभिन्न शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें: एक विस्तृत अवलोकन।
17 जून 2025 को भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें ज्यादातर स्थिर हैं, लेकिन शहरों और राज्यों में वैट और परिवहन लागत के कारण अंतर देखा जाता है। दिल्ली और इटानगर जैसे शहरों में कीमतें सबसे कम हैं, जबकि हैदराबाद और मुंबई में सबसे अधिक। वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता और रुपये की मजबूती ने कीमतों को नियंत्रित रखा है, लेकिन भविष्य में भू-राजनीतिक तनाव या मांग में वृद्धि कीमतों को प्रभावित कर सकती है।
उपभोक्ताओं को सलाह है कि वे दैनिक कीमतों पर नजर रखें और जिम्मेदार ईंधन उपयोग को बढ़ावा दें। सरकार और OMCs से उम्मीद है कि वे कम वैट और जीएसटी लागू करने जैसे कदमों पर विचार करें, ताकि ईंधन की कीमतें और कम हो सकें। यह खबर 17 जून 2025 की ताजा जानकारी पर आधारित है और विश्वसनीय स्रोतों से सत्यापित है।
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