भारत में 24 सितम्बर 2025 को पेट्रोल और डीजल के दाम।

भारत के विभिन्न राज्यों और प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हलचल देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की

Sep 24, 2025 - 12:04
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भारत में 24 सितम्बर 2025 को पेट्रोल और डीजल के दाम।
भारत में 24 सितम्बर 2025 को पेट्रोल और डीजल के दाम।

24 सितम्बर 2025 को भारत के विभिन्न राज्यों और प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हलचल देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों, डॉलर-रुपया विनिमय दर और करों में बदलाव के चलते भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम समय-समय पर प्रभावित होते हैं। आज के इस विस्तृत रिपोर्ट में हम दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, लखनऊ, पटना, नोएडा, आगरा, बरेली, असम सहित तमिलनाडु और अन्य बड़े शहरों में पेट्रोल और डीजल के दामों का विश्लेषण करेंगे। इसके साथ ही हाल के रुझानों और भविष्य की संभावनाओं पर भी चर्चा करेंगे।

शहर

पेट्रोल (प्रति लीटर)

डीजल (प्रति लीटर)

दिल्ली

₹94.77

₹87.67

मुंबई

₹103.50

₹90.03

कोलकाता

₹105.41

₹92.02

चेन्नई

₹100.90

₹92.48

हैदराबाद

₹107.46

₹95.70

लखनऊ

₹94.69

₹87.81

नोएडा

₹94.69

₹87.81

आगरा

₹94.69

₹87.81

बरेली

₹94.69

₹87.81

असम (गुवाहाटी)

₹94.77

₹87.67

पटना

₹105.23

₹91.49

तमिलनाडु (मदुरै)

₹100.90

₹92.48

 

अंतरराष्ट्रीय बाजार का प्रभाव

 

पेट्रोल और डीजल की कीमतें मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर करती हैं। पिछले कुछ महीनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। अमेरिका, रूस, सऊदी अरब और ओपेक देशों की उत्पादन नीतियों का सीधा असर भारत के ईंधन बाजार पर पड़ता है। सितम्बर 2025 में कच्चे तेल की कीमतें औसतन 85 से 90 डॉलर प्रति बैरल के बीच रही हैं। यह स्तर भारतीय उपभोक्ताओं के लिए महंगा साबित हो रहा है।

  • रुपये की मजबूती और कमजोरी

डॉलर-रुपया विनिमय दर भी ईंधन की कीमतों पर बड़ा प्रभाव डालती है। यदि रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर होता है, तो भारत को कच्चे तेल का आयात महंगा पड़ता है, जिससे घरेलू स्तर पर पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ जाती हैं। 24 सितम्बर 2025 को रुपये की विनिमय दर लगभग 83.20 प्रति डॉलर रही, जो हाल के महीनों की तुलना में थोड़ी कमजोर है।

  • कर और वैट का असर

भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों का बड़ा हिस्सा करों से प्रभावित होता है। केंद्र सरकार द्वारा लगाए गए एक्साइज ड्यूटी और राज्य सरकारों द्वारा लगाए गए वैट से कीमतों में बड़ा अंतर आता है। उदाहरण के लिए, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में कर की दर अपेक्षाकृत कम है, जबकि महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में कर की दर अधिक होने से पेट्रोल-डीजल महंगा हो जाता है।

  • उपभोक्ताओं पर असर

ईंधन की कीमतों का सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ता है। परिवहन लागत बढ़ने से खाद्य वस्तुओं और दैनिक उपयोग की वस्तुओं के दाम भी बढ़ जाते हैं। सितम्बर 2025 में लगातार ऊंचे स्तर पर बने पेट्रोल और डीजल की कीमतों ने मध्यवर्ग और निम्नवर्ग परिवारों पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है।

त्योहारी सीजन और अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में निकट भविष्य में स्थिरता आ सकती है। हालांकि अगर कच्चे तेल की कीमतें 95 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जाती हैं, तो भारत में फिर से ईंधन महंगा हो सकता है।

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