21 मार्च 2026 को सोने-चांदी के बाजार में भारी गिरावट, जानें दिल्ली, लखनऊ समेत इन शहरों के ताज़ा भाव

ऐतिहासिक रूप से देखें तो पिछले एक साल में 24 कैरेट सोना करीब 18 प्रतिशत महंगा हुआ है। 21 मार्च 2025 को दिल्ली में 24 कैरेट का भाव 12350 रुपये प्रति ग्राम के आसपास था। इस साल की शुरुआत से अब तक 12 प्रति

Mar 21, 2026 - 11:52
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21 मार्च 2026 को सोने-चांदी के बाजार में भारी गिरावट, जानें दिल्ली, लखनऊ समेत इन शहरों के ताज़ा भाव
21 मार्च 2026 को सोने-चांदी के बाजार में भारी गिरावट, जानें दिल्ली, लखनऊ समेत इन शहरों के ताज़ा भाव

21 मार्च 2026 को भारतीय आभूषण और निवेश बाजार में सोने के भाव में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। विश्वसनीय स्रोतों से प्राप्त और कई बार क्रॉस-चेक की गई जानकारी के मुताबिक आज 24 कैरेट सोने के भाव में 275 से 360 रुपये प्रति ग्राम तक की कमी आई है। यह गिरावट मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय बाजार के संकेतों, अमेरिकी डॉलर की मजबूती और घरेलू रुपये की स्थिरता के कारण हुई है। दिल्ली, नोएडा, लखनऊ, कानपुर, बरेली, शाहजहांपुर, बाराबंकी, मुरादाबाद, आगरा, हरदोई जैसे उत्तर प्रदेश के शहरों, कोलकाता, पुणे, मुंबई, असम, चेन्नई, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश और राजस्थान सहित पूरे देश में निवेशक और आभूषण खरीदार इस अपडेट का इंतजार कर रहे थे। आज के भाव न केवल शुद्ध सोने बल्कि 18, 22 और 24 कैरेट के साथ-साथ चांदी और प्लैटिनम के लिए भी अलग-अलग शहरों में थोड़े-थोड़े अंतर के साथ उपलब्ध हैं।

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में वैश्विक स्तर पर सोने की मांग में कमी आई है क्योंकि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों पर अनिश्चितता बनी हुई है। इसके अलावा, चीन और भारत जैसे प्रमुख खरीदार देशों में त्योहारों के बाद की मंदी ने भी कीमतों पर दबाव डाला है। घरेलू स्तर पर ईद और अन्य त्योहारों के बाद आभूषण की मांग कम होने से भी भाव प्रभावित हुए हैं। चांदी के भाव में भी करीब 10 रुपये प्रति ग्राम की गिरावट देखी गई है जबकि प्लैटिनम स्थिरता के साथ थोड़ी नरमी दिखा रहा है। ये सभी भाव अच्छी तरह से सत्यापित हैं ताकि कोई त्रुटि न रहे और निवेशक सही निर्णय ले सकें।

सोने के विभिन्न कैरेट का मतलब समझना भी जरूरी है। 24 कैरेट शुद्धतम सोना होता है जिसमें 99.9 प्रतिशत शुद्धता होती है, लेकिन यह नरम होने के कारण आभूषण बनाने में कम इस्तेमाल होता है। 22 कैरेट में 91.67 प्रतिशत शुद्धता होती है जो भारत में सबसे लोकप्रिय है क्योंकि यह टिकाऊ और चमकदार होता है। 18 कैरेट में 75 प्रतिशत शुद्धता होती है जो आधुनिक डिजाइन वाले जेवर के लिए पसंद किया जाता है। चांदी मुख्य रूप से औद्योगिक उपयोग और आभूषण दोनों में काम आती है जबकि प्लैटिनम दुर्लभ धातु होने के कारण ऑटोमोबाइल कैटेलिस्ट, इलेक्ट्रॉनिक्स और लग्जरी जेवर में मांग रखता है।

आज के भावों को देखते हुए दिल्ली और नोएडा जैसे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के शहरों में निवेशक थोड़ी राहत महसूस कर रहे हैं क्योंकि यहां कीमतें अपेक्षाकृत स्थिर रहीं। वहीं उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, बरेली, शाहजहांपुर, बाराबंकी, मुरादाबाद, आगरा और हरदोई जैसे शहरों में ग्रामीण मांग के कारण भाव थोड़े ऊंचे रहे। दक्षिण भारत में चेन्नई और तमिलनाडु हमेशा की तरह महंगे रहे क्योंकि वहां सोने की सांस्कृतिक मांग बहुत अधिक है। मुंबई और पुणे जैसे वित्तीय केंद्रों में व्यापारिक कारक कीमतों को प्रभावित करते हैं। कोलकाता में पूर्वी भारत की मांग के हिसाब से भाव मध्यम स्तर पर हैं। असम में उत्तर-पूर्वी राज्यों की विशेष जरूरतों के कारण थोड़े अलग भाव हैं। मध्य प्रदेश और राजस्थान में दिल्ली जैसे भाव देखे जा रहे हैं क्योंकि इन राज्यों में आपूर्ति चेन एक समान है।

रेट्स की तालिका (21 मार्च 2026 के ताजा भाव - ₹ प्रति ग्राम इकाई में, चांदी प्रति किलोग्राम)

स्थान 18 कैरेट सोना 22 कैरेट सोना 24 कैरेट सोना चांदी (प्रति किलो) प्लैटिनम
दिल्ली, नोएडा 10963 13395 14612 245000 6022
लखनऊ, कानपुर, बरेली, शाहजहांपुर, बाराबंकी, मुरादाबाद, आगरा, हरदोई (उत्तर प्रदेश) 11187 13669 14905 245000 6022
कोलकाता 10948 13380 14597 245000 6022
पुणे, मुम्बई 10948 13380 14597 245000 6022
असम (गुवाहाटी) 11172 13654 14890 245000 6022
चेन्नई, तमिलनाडु 11360 13620 14858 245000 6022
मध्य प्रदेश 10963 13395 14612 245000 6022
राजस्थान 10963 13395 14612 245000 6022

उपरोक्त तालिका में दिए गए भाव आज सुबह 11 बजे तक के हैं और इन्हें कई विश्वसनीय प्लेटफॉर्म्स पर क्रॉस-वेरिफाई किया गया है ताकि कोई गलती न हो। ध्यान दें कि वास्तविक खरीदारी में मेकिंग चार्ज 5 से 15 प्रतिशत तक और 3 प्रतिशत जीएसटी अतिरिक्त लगता है। इसलिए अंतिम कीमत ज्वेलर से कन्फर्म करें।

इस गिरावट के पीछे कई कारण हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने का भाव 2600 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंचकर स्थिर हो गया है। डॉलर इंडेक्स मजबूत होने से निवेशक सोने से हटकर अन्य एसेट्स की ओर जा रहे हैं। भारत में आयात शुल्क 6 प्रतिशत और जीएसटी के चलते घरेलू कीमतें अंतरराष्ट्रीय से थोड़ी ऊंची रहती हैं। उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में शादी-ब्याह सीजन अभी खत्म नहीं हुआ है इसलिए मांग बनी हुई है जिससे भाव ऊंचे हैं। वहीं मुंबई और पुणे में स्टॉक मार्केट के उतार-चढ़ाव का असर दिखता है। चेन्नई में महिलाओं द्वारा सोने के प्रति लगाव के कारण हमेशा 200-300 रुपये प्रति ग्राम ज्यादा भाव रहते हैं। असम जैसे राज्यों में परिवहन लागत बढ़ने से भी अंतर आता है।

चांदी के बाजार पर नजर डालें तो यह मुख्य रूप से सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और मेडिकल क्षेत्र की मांग से प्रभावित होता है। आज के 245000 रुपये प्रति किलो के भाव पिछले सप्ताह से 1000 रुपये कम हैं। प्लैटिनम 6022 रुपये प्रति ग्राम पर स्थिर है जो ऑटो इंडस्ट्री की रिकवरी के साथ भविष्य में अच्छा प्रदर्शन कर सकता है। निवेश की दृष्टि से सोना हमेशा सुरक्षित माना जाता है। अगर आप लंबे समय के लिए निवेश करना चाहते हैं तो 22 कैरेट गोल्ड सिक्के या बार खरीदें। ईटीएफ या म्यूचुअल फंड के जरिए पेपर गोल्ड भी अच्छा विकल्प है क्योंकि इसमें मेकिंग चार्ज और स्टोरेज की समस्या नहीं होती।

ऐतिहासिक रूप से देखें तो पिछले एक साल में 24 कैरेट सोना करीब 18 प्रतिशत महंगा हुआ है। 21 मार्च 2025 को दिल्ली में 24 कैरेट का भाव 12350 रुपये प्रति ग्राम के आसपास था। इस साल की शुरुआत से अब तक 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि दिवाली तक भाव 15500 रुपये प्रति ग्राम तक पहुंच सकते हैं अगर वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता बनी रही। मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में किसान समुदाय सोने को बचत का माध्यम मानता है इसलिए यहां मांग स्थिर रहती है।

खरीदारी के टिप्स: हमेशा हॉलमार्क वाले जेवर खरीदें। BIS सर्टिफिकेशन चेक करें। छोटे शहरों जैसे शाहजहांपुर या बाराबंकी में भी बड़ी ज्वेलरी चेन से खरीदें ताकि शुद्धता की गारंटी रहे। प्लैटिनम खरीदते समय इसकी दुर्लभता को ध्यान में रखें क्योंकि यह सोने से भी महंगा हो सकता है लंबे समय में। चांदी के सिक्के या बार घरेलू पूजा-पाठ के लिए अच्छे हैं।

बाजार के भावों का आर्थिक प्रभाव भी महत्वपूर्ण है। ज्वेलरी उद्योग भारत की जीडीपी में 7 प्रतिशत योगदान देता है और लाखों लोगों को रोजगार देता है। भाव गिरने से खरीदारी बढ़ सकती है जो अर्थव्यवस्था को बूस्ट देगी। वहीं निर्यातकों के लिए अंतरराष्ट्रीय भाव महत्वपूर्ण हैं। तमिलनाडु और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में ज्वेलरी एक्सपोर्ट हब हैं जहां आज के भाव सकारात्मक संकेत दे रहे हैं।

आगे बढ़ते हुए, निवेशकों को सलाह है कि भावों की दैनिक निगरानी करें। अगर आप शॉर्ट टर्म में लाभ चाहते हैं तो गिरावट के समय खरीदारी करें। लंबे समय के लिए सोने का पोर्टफोलियो 10-15 प्रतिशत रखें। चांदी और प्लैटिनम को डाइवर्सिफिकेशन के लिए जोड़ें। उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में लोग अभी भी सोने को दहेज और बचत का जरिया मानते हैं। दिल्ली-एनसीआर में युवा पीढ़ी डिजिटल गोल्ड की ओर रुझान दिखा रही है।

समग्र रूप से आज का बाजार मिश्रित संकेत दे रहा है। गिरावट के बावजूद सोना लंबे समय का सुरक्षित निवेश बना हुआ है। चांदी औद्योगिक विकास के साथ चमकेगी जबकि प्लैटिनम ग्रीन एनर्जी ट्रेंड से फायदा उठाएगा। सभी उल्लिखित शहरों और राज्यों में भावों में मामूली अंतर केवल लोकल फैक्टरों के कारण है। निवेश से पहले स्थानीय ज्वेलर या बैंक से परामर्श लें।

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