Politics: CM नीतीश कुमार ने मंच से मंत्री विजय चौधरी को हाथ खींचकर हटाया, वीडियो वायरल

घटना का वीडियो सोशल मीडिया, खासकर X पर तेजी से फैल गया। @firstbiharnews ने पोस्ट किया, "CM नीतीश ने करीबी मंत्री विजय चौधरी का हाथ खींच कर जबरन हटाया, ..

Jun 29, 2025 - 13:09
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Politics: CM नीतीश कुमार ने मंच से मंत्री विजय चौधरी को हाथ खींचकर हटाया, वीडियो वायरल

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक बार फिर अपने असामान्य व्यवहार को लेकर सुर्खियों में हैं। 28 जून 2025 को पटना के बापू सभागार में आयोजित पुलिस नियुक्ति पत्र वितरण समारोह के दौरान नीतीश कुमार ने अपने करीबी मंत्री विजय कुमार चौधरी को मंच से हाथ खींचकर हटा दिया और उनकी जगह ऊर्जा मंत्री विजेंद्र यादव को बुलाया। यह घटना कैमरे में कैद हो गई और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। इस घटना ने न केवल मंच पर मौजूद दोनों उपमुख्यमंत्रियों सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा को हैरान कर दिया, बल्कि विपक्षी दलों को भी नीतीश कुमार की मानसिक स्थिति पर सवाल उठाने का मौका दे दिया। यह पहली बार नहीं है जब नीतीश का व्यवहार चर्चा में आया है; इससे पहले भी उनके कई असामान्य कृत्य सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं। 28 जून 2025 को पटना के बापू सभागार में बिहार पुलिस के 21,391 नए सिपाहियों को नियुक्ति पत्र वितरित करने के लिए एक भव्य समारोह आयोजित किया गया था। इस समारोह में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्रियों सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा, जल संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, ऊर्जा मंत्री विजेंद्र यादव, और कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। समारोह का मुख्य उद्देश्य नए सिपाहियों को नियुक्ति पत्र सौंपना और बिहार में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की सरकार की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करना था।

कार्यक्रम के दौरान विजय कुमार चौधरी मंच पर नियुक्ति पत्र वितरित कर रहे थे। तभी नीतीश कुमार उनके पास पहुंचे और पहले उनसे साइड होने को कहा। चौधरी ने थोड़ी देर तक खड़े रहकर स्थिति को समझने की कोशिश की, लेकिन नीतीश ने उनका हाथ पकड़कर जबरन उन्हें मंच के एक किनारे खींच लिया। इसके बाद नीतीश ने ऊर्जा मंत्री विजेंद्र यादव को आगे बुलाया और उन्हें नियुक्ति पत्र वितरित करने का काम सौंपा। इस घटना से मंच पर मौजूद सभी लोग हैरान रह गए, और विजय चौधरी का चेहरा असहजता से भरा हुआ दिखा। यह पूरा दृश्य कैमरे में रिकॉर्ड हो गया और कुछ ही घंटों में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

घटना का वीडियो सोशल मीडिया, खासकर X पर तेजी से फैल गया। @firstbiharnews ने पोस्ट किया, "CM नीतीश ने करीबी मंत्री विजय चौधरी का हाथ खींच कर जबरन हटाया, फिर दूसरे मंत्री को बुलाया, यह देख दोनों डिप्टी सीएम समेत सारे लोग रह गए हक्का-बक्का।" @news24tvchannel ने भी लिखा, "CM नीतीश ने मंत्री विजय चौधरी को मंच से हटाया।" कई यूजर्स ने इस घटना को नीतीश की मानसिक स्थिति से जोड़ा। @Ashutos14465885 ने लिखा, "भाई मानना पड़ेगा नीतीश कुमार की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। वजह सिर्फ इतनी थी कि वह भी नियुक्ति पत्र बांटकर फोटो खिंचवाने लगे।" हालांकि, ये पोस्ट्स तथ्यात्मक रूप से पूरी तरह सटीक नहीं हो सकतीं, लेकिन ये इस घटना के प्रति लोगों की प्रतिक्रिया को दर्शाती हैं।

विपक्षी नेता और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के कार्यकर्ताओं ने इस वीडियो का इस्तेमाल नीतीश कुमार पर निशाना साधने के लिए किया। RJD ने अपने आधिकारिक X हैंडल पर लिखा, "नीतीश से बिहार अब संभल नहीं रहा। वे थक चुके हैं।" पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने भी इस घटना पर टिप्पणी करते हुए कहा, "नीतीश जी का व्यवहार अब नियंत्रण से बाहर हो रहा है। बिहार की जनता को एक स्वस्थ नेतृत्व की जरूरत है।"

  • नीतीश कुमार का पहले का व्यवहार

यह पहली बार नहीं है जब नीतीश कुमार का असामान्य व्यवहार चर्चा में आया है। हाल के महीनों में उनके कई कृत्य सुर्खियों में रहे हैं, जिन्हें विपक्ष ने उनकी मानसिक और शारीरिक स्थिति से जोड़ा है:

20 मार्च 2025: पटना के पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में एक कार्यक्रम के दौरान नीतीश ने राष्ट्रगान के समय हंसना शुरू कर दिया और पत्रकारों का अभिवादन किया, जबकि प्रोटोकॉल के अनुसार उन्हें खड़े रहना था।
15 मार्च 2025: होली मिलन समारोह में नीतीश ने बीजेपी सांसद रवि शंकर प्रसाद के पैर छूने की कोशिश की, जो उनसे उम्र में छोटे हैं।
30 जनवरी 2025: महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने के एक कार्यक्रम में नीतीश ने श्रद्धांजलि देने के बाद तालियां बजानी शुरू कर दीं, जिसे विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव ने रोका।
21 सितंबर 2024: नीतीश ने मंत्री अशोक चौधरी के कंधे पर सिर टिकाया और कहा, "हम उनसे बहुत प्यार करते हैं।"
3 मार्च 2024: बजट सत्र के दौरान नीतीश ने तेजस्वी यादव के साथ इशारों में बात की, जो असामान्य माना गया।

इन घटनाओं ने विपक्ष को नीतीश की मानसिक स्थिति पर सवाल उठाने का मौका दिया। RJD नेता लालू प्रसाद यादव ने X पर लिखा, "भारत राष्ट्रगान का अपमान बर्दाश्त नहीं करेगा।" वहीं, पब्लिक यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज (PUCL) के पुष्पेंद्र ने सवाल उठाया कि जब नौकरी के लिए उम्मीदवारों को मानसिक स्वास्थ्य प्रमाणपत्र देना पड़ता है, तो मुख्यमंत्री की स्थिति पर मेडिकल बुलेटिन क्यों नहीं जारी किया जाता।

  • नीतीश कुमार और विजय चौधरी का रिश्ता

विजय कुमार चौधरी नीतीश कुमार के सबसे करीबी मंत्रियों में से एक माने जाते हैं। वे जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता हैं और वर्तमान में जल संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री हैं। नीतीश के नेतृत्व वाली सरकारों में वे कई महत्वपूर्ण विभागों, जैसे शिक्षा, वित्त, और गृह, की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। 2024 में नीतीश के राजभवन दौरे के दौरान भी विजय चौधरी उनके साथ थे, जब उन्होंने राज्यपाल से विश्वविद्यालयों के कुलपति नियुक्ति पर चर्चा की थी। इस घटना के बाद विजय चौधरी ने कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया, लेकिन सूत्रों के अनुसार, वे इस व्यवहार से असहज थे। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि नीतीश का यह कदम मंच पर अपनी प्रभुता दिखाने का प्रयास हो सकता है, जबकि अन्य इसे उनकी उम्र और स्वास्थ्य से जोड़ रहे हैं। नीतीश 74 साल के हैं और बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रह चुके हैं।

  • बीजेपी और JDU की प्रतिक्रिया

इस घटना पर बीजेपी और जनता दल (यूनाइटेड) ने आधिकारिक तौर पर चुप्पी साध रखी है। JDU के प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने नीतीश की मानसिक स्थिति पर उठ रहे सवालों को खारिज करते हुए कहा, "नीतीश जी पूरी तरह स्वस्थ हैं। विपक्ष बेवजह विवाद पैदा कर रहा है।" वहीं, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा कि नीतीश कुमार NDA के मजबूत नेता हैं और बिहार की प्रगति के लिए काम कर रहे हैं। हालांकि, बीजेपी की चुप्पी को कुछ विश्लेषकों ने रणनीतिक माना है। रशीद किदवई जैसे राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि बीजेपी को नीतीश की जरूरत है, क्योंकि बिहार में उनके पास अभी कोई ऐसा नेता नहीं है जो नीतीश की तरह पूरे राज्य में प्रभाव रखता हो। 2025 के विधानसभा चुनावों में नीतीश को NDA का चेहरा बनाया गया है, और उनकी छवि को नुकसान पहुंचाना बीजेपी के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

  • विपक्ष का हमला

विपक्ष, खासकर RJD, ने इस घटना को नीतीश की कमजोर नेतृत्व क्षमता का सबूत बताया है। तेजस्वी यादव ने कहा, "नीतीश जी का यह व्यवहार उनकी हताशा और अस्थिरता को दर्शाता है। बिहार को अब एक मजबूत और जवाबदेह सरकार चाहिए।" RJD ने यह भी आरोप लगाया कि नीतीश की मानसिक स्थिति बिहार की प्रगति में बाधा बन रही है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना 2025 के विधानसभा चुनावों से पहले बिहार की राजनीति में नया मोड़ ला सकती है। नीतीश की उम्र और स्वास्थ्य पर सवाल उठने से JDU के भीतर नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा शुरू हो सकती है। हालांकि, नीतीश ने मई 2025 में स्पष्ट किया था कि वे NDA में बने रहेंगे और बिहार के विकास के लिए काम करते रहेंगे।

नीतीश कुमार का विजय चौधरी को मंच से हटाने का कृत्य भले ही कुछ सेकंड का रहा हो, लेकिन इसने बिहार की राजनीति में तूफान खड़ा कर दिया है। यह घटना नीतीश के नेतृत्व, उनकी मानसिक स्थिति, और NDA की एकजुटता पर सवाल उठा रही है। विपक्ष इसे अपने फायदे के लिए इस्तेमाल कर रहा है, जबकि JDU और बीजेपी इसे छोटी घटना बताकर बचाव कर रहे हैं। यह वीडियो न केवल नीतीश के व्यवहार को लेकर चर्चा का विषय बना है, बल्कि यह भी सवाल उठा रहा है कि क्या बिहार को अब नए नेतृत्व की जरूरत है। 2025 के विधानसभा चुनावों से पहले यह घटना बिहार की सियासत में और गर्मी ला सकती है। इस विवाद के बावजूद, समारोह का मुख्य उद्देश्य पूरा हुआ। नीतीश कुमार ने 21,391 नए सिपाहियों को नियुक्ति पत्र सौंपे, जो बिहार में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे पहले, 19 जून 2025 को नीतीश ने बिहार पुलिस को 618 नए वाहन भी सौंपे थे, जिसमें 520 चार-पहिया और 98 दो-पहिया वाहन शामिल थे। इन कदमों से सरकार ने पुलिस की गतिशीलता और आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता को बढ़ाने की कोशिश की है।

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