दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस की 'वोट चोर, गद्दी छोड़' महारैली- राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोप, इम्यूनिटी कानून को रेट्रोस्पेक्टिवली बदलने की चेतावनी दी।

दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में 14 दिसंबर 2025 को कांग्रेस पार्टी ने 'वोट चोर, गद्दी छोड़' नाम से एक विशाल रैली का आयोजन

Dec 15, 2025 - 12:49
 0  8
दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस की 'वोट चोर, गद्दी छोड़' महारैली- राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोप, इम्यूनिटी कानून को रेट्रोस्पेक्टिवली बदलने की चेतावनी दी।
दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस की 'वोट चोर, गद्दी छोड़' महारैली- राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोप, इम्यूनिटी कानून को रेट्रोस्पेक्टिवली बदलने की चेतावनी दी।

दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में 14 दिसंबर 2025 को कांग्रेस पार्टी ने 'वोट चोर, गद्दी छोड़' नाम से एक विशाल रैली का आयोजन किया। यह रैली कथित वोट चोरी और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर केंद्रित थी, जिसमें पार्टी ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर मिलीभगत के आरोप लगाए। रैली में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे, जहां नारे लगाए गए और संविधान की प्रतियां लहराई गईं। कांग्रेस ने दावा किया कि वोट चोरी के खिलाफ अब तक करीब छह करोड़ हस्ताक्षर जुटाए गए हैं, जिन्हें राष्ट्रपति को सौंपा जाएगा। रैली में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने हिस्सा लिया, जिसमें सोनिया गांधी की मौजूदगी भी रही।

रैली को संबोधित करते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सत्य और असत्य की लड़ाई का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सत्य के साथ खड़ी है और नरेंद्र मोदी-आरएसएस सरकार को सत्ता से हटाने का संकल्प लिया है। राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर सीधा हमला बोलते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तथा चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधु और विवेक जोशी का नाम लेकर आरोप लगाया कि वे भाजपा के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग देश का है, न कि मोदी का। राहुल गांधी ने दावा किया कि चुनावों में अनियमितताएं हुईं, जैसे बिहार में 10 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए लेकिन चुनाव आयोग ने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने हरियाणा चुनावों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां उत्तर प्रदेश के मतदाता और अन्य जगहों से नाम जुड़े लेकिन चुनाव आयोग ने कोई जवाब नहीं दिया। राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों (नियुक्ति, सेवा शर्तें और कार्यकाल) अधिनियम 2023 का जिक्र किया, जिसमें चुनाव आयुक्तों को उनके कार्यकाल में लिए गए फैसलों के लिए कानूनी कार्रवाई से इम्यूनिटी दी गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस सत्ता में आने पर इस कानून को रेट्रोस्पेक्टिवली बदल देगी और आयुक्तों के खिलाफ कार्रवाई करेगी। राहुल गांधी ने कहा कि यह लड़ाई सत्य और शक्ति के बीच है, जिसमें चुनाव आयोग असत्य के साथ खड़ा नजर आ रहा है। उन्होंने संसद में गृह मंत्री अमित शाह के हाथ कांपने का जिक्र करते हुए कहा कि सत्ता जाने के बाद उनकी बहादुरी भी खत्म हो जाएगी। राहुल गांधी ने महात्मा गांधी के सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चलकर मोदी और शाह को हराने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का आत्मविश्वास खत्म हो चुका है क्योंकि उनकी वोट चोरी पकड़ी गई है।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी रैली को संबोधित किया और कहा कि देश को बचाने के लिए कांग्रेस की विचारधारा को मजबूत करना सभी भारतीयों का कर्तव्य है। उन्होंने आरोप लगाया कि आरएसएस की विचारधारा राष्ट्र को खत्म कर देगी। खड़गे ने कहा कि भाजपा के लोग नाटक करते हैं और सत्ता से हटाने की जरूरत है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के विदेश दौरों और संसद में अनुपस्थिति का जिक्र किया। प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि अगर बैलेट पेपर से चुनाव हुए तो भाजपा जीत नहीं पाएगी। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया के हर चरण पर सवाल उठाए और कहा कि चुनाव आयुक्तों को जवाब देना होगा कि लोगों का वोटिंग अधिकार कैसे छीना गया। सचिन पायलट ने चुनाव आयोग की तटस्थता पर सवाल उठाए और कहा कि पिछले 11 वर्षों में संस्थाओं को खोखला करने का माहौल बनाया गया है। रैली का आयोजन बिहार विधानसभा चुनावों में हार के बाद शुरू हुए वोट चोरी अभियान का हिस्सा था, जिसमें कांग्रेस ने विभिन्न राज्यों में प्रेस कॉन्फ्रेंस कीं और डेटा पेश किया। पार्टी ने चुनाव सुधारों की मांग की, जैसे मतदाता सूची मशीन रीडेबल फॉर्मेट में एक महीने पहले देना, सीसीटीवी फुटेज नष्ट करने के दिशानिर्देश वापस लेना और ईवीएम की आर्किटेक्चर तक पहुंच देना। रैली में कर्नाटक, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री भी मौजूद रहे। यह रैली लोकसभा में चुनाव सुधारों पर हुई बहस के कुछ दिनों बाद हुई, जहां विपक्ष और सरकार के बीच तीखी नोकझोंक हुई थी। कांग्रेस ने इस रैली को लोकतंत्र और संविधान बचाने की लड़ाई का प्रतीक बताया। रामलीला मैदान में हजारों कार्यकर्ताओं की भीड़ ने नारे लगाए और पार्टी नेताओं के भाषणों का जोरदार स्वागत किया। रैली के जरिए कांग्रेस ने मतदाता अधिकारों की रक्षा का संदेश देने की कोशिश की।

Also Read- लोकसभा में तीखी बहस: निशिकांत दुबे ने पप्पू यादव को बीच चर्चा में टोका, SIR पर गरमाया माहौल।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow