महाराष्ट्र सीएम फडणवीस का दावा- पाकिस्तान सीधी लड़ाई में भारत को हरा नहीं सकता, इसलिए प्रॉक्सी युद्ध की रणनीति

कार्यक्रम का नाम था ग्लोबल पीस ऑनर्स: रिमेंबरिंग द हिरोज ऑफ 26/11 एंड विक्टिम्स ऑफ पहलगाम अटैक। यह आयोजन दिव्यांज फाउंडेशन द्वारा किया गया, जि

Nov 23, 2025 - 15:20
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महाराष्ट्र सीएम फडणवीस का दावा- पाकिस्तान सीधी लड़ाई में भारत को हरा नहीं सकता, इसलिए प्रॉक्सी युद्ध की रणनीति

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को गेटवे ऑफ इंडिया पर आयोजित ग्लोबल पीस ऑनर्स 2025 कार्यक्रम में पाकिस्तान पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान जानता है कि वह सीधे युद्ध में भारत को हरा नहीं सकता, इसलिए वह प्रॉक्सी युद्ध और आतंकवादी हमलों के जरिए भारत को कमजोर करने की कोशिश करता रहता है। फडणवीस ने दिल्ली के रेड फोर्ट के पास हाल ही में हुए कार ब्लास्ट को भी पाकिस्तान की साजिश का हिस्सा बताया, जिसमें 15 लोगों की जान गई थी। उनका यह बयान 26/11 मुंबई हमलों की 17वीं बरसी के ठीक पहले आया, जब पूरा देश आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर शहीदों को याद कर रहा था।

कार्यक्रम का नाम था ग्लोबल पीस ऑनर्स: रिमेंबरिंग द हिरोज ऑफ 26/11 एंड विक्टिम्स ऑफ पहलगाम अटैक। यह आयोजन दिव्यांज फाउंडेशन द्वारा किया गया, जिसके प्रमुख फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस हैं। मुंबई के इस ऐतिहासिक स्थल पर सैकड़ों लोग जुटे थे। इसमें बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह, शाहरुख खान, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, रिलायंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन नीता अंबानी, गायक शंकर महादेवन और सिद्धार्थ महादेवन जैसे प्रमुख हस्तियां शामिल हुईं। कार्यक्रम के दौरान वॉक ऑफ ऑनर का आयोजन हुआ, जिसमें शहीदों और पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी गई। फडणवीस ने एनआईए के महानिदेशक सदानंद दाते को भी सम्मानित किया, जो 26/11 के दौरान आतंकी अजमल कसाब से सीधे मुकाबला करने वाले वीर थे। इसके अलावा एनएसजी कमांडो सुनील जोधा और नीता अंबानी को भी ग्लोबल पीस ऑनर से नवाजा गया।

फडणवीस ने अपने संबोधन में कहा, पाकिस्तान अब जानता है कि सीधी लड़ाई में भारत से मुकाबला नहीं कर सकता। इसलिए वह छद्म युद्ध की रणनीति अपनाता है। दिल्ली ब्लास्ट इसी का उदाहरण है। उन्होंने खुलासा किया कि पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठनों ने भारत के हर कोने में बम धमाके करने की बड़ी साजिश रची थी। इसमें मुंबई सहित प्रमुख शहरों को निशाना बनाया जाना था। लेकिन भारतीय खुफिया एजेंसियों ने इस साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया। लगभग 3000 किलोग्राम आरडीएक्स जब्त किया गया, जो मुंबई और अन्य शहरों में हमलों के लिए इस्तेमाल होना था। फडणवीस ने सुरक्षा बलों की तारीफ की और कहा कि यह सफेद कॉलर आतंकवाद का मॉड्यूल था, जिसे एनआईए और ईडी जैसी एजेंसियों ने तोड़ा।

मुख्यमंत्री ने 26/11 हमलों को याद करते हुए कहा कि यह केवल ताज या ट्राइडेंट होटलों पर हमला नहीं था। मुंबई भारत की आर्थिक राजधानी है और इस पर हमला पूरे देश की संप्रभुता पर प्रहार था। 26 नवंबर 2008 को पाकिस्तानी आतंकियों ने समुद्री रास्ते से मुंबई में घुसकर 166 निर्दोष लोगों की जान ले ली। आज भी उस दर्द की टीस महसूस होती है। उन्होंने कहा कि अगर उस समय ऑपरेशन सिंदूर जैसी कार्रवाई की जाती, तो शायद बाद में कोई हमला करने की हिम्मत ही न करता। ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए फडणवीस ने बताया कि अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर सटीक हमला किया था। इस हमले में 26 पर्यटक मारे गए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हरी झंडी पर हुई इस कार्रवाई ने दुनिया को बता दिया कि भारत अब आतंक के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर चलता है।

फडणवीस ने कहा कि पहलगाम हमले के बाद मोदी सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया कि आतंक और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकती। सेना को खुली छूट दी गई और पाकिस्तान के आतंकी कैंपों को ध्वस्त कर दिया। पड़ोसी देश कुछ कर भी न सका। यह भारत की बदली हुई ताकत का प्रमाण है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आतंकवाद के खिलाफ जंग अभी खत्म नहीं हुई। भारत मजबूत देश है, लेकिन सतर्क रहना जरूरी है। हर नागरिक सुरक्षा एजेंसियों की आंख और कान बन सकता है। अगर हम सजग रहें, तो कोई साजिश सफल नहीं हो सकती।

कार्यक्रम के दौरान फडणवीस ने पाकिस्तान की रणनीति पर और विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि दिल्ली ब्लास्ट भारतीय एजेंसियों द्वारा साजिश नाकाम करने का बदला था। पाकिस्तान अपनी उपस्थिति दर्ज कराना चाहता था, लेकिन विफल रहा। यह हमला रेड फोर्ट के पास कार में विस्फोट से हुआ, जिसमें 15 लोग घायल हुए। केंद्र सरकार ने अभी तक पाकिस्तान के हाथ होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की, लेकिन फडणवीस का दावा कई खुफिया रिपोर्टों पर आधारित लगता है। उन्होंने कहा कि आतंकी सीधी लड़ाई नहीं लड़ सकते, इसलिए गुप्त युद्ध अपनाते हैं। भारत को अब हर स्तर पर तैयार रहना चाहिए।

फडणवीस ने 26/11 के शहीदों को याद करते हुए भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि 17 साल बीत चुके, लेकिन दर्द कम नहीं हुआ। हम यहां शहीदों और बहादुरों को सम्मान देने के लिए जुटे हैं। आतंक का खतरा अभी भी मौजूद है। हमें सतर्क रहना होगा। कार्यक्रम में 26/11 के परिवारों और पहलगाम पीड़ितों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था। यह आयोजन न केवल यादों को ताजा करता है, बल्कि भविष्य के लिए सबक भी देता है।

इस बयान से राजनीतिक हलचल तेज हो गई। विपक्ष ने फडणवीस के दावों पर सवाल उठाए, लेकिन भाजपा समर्थकों ने इसे मजबूत रुख का प्रतीक बताया। फडणवीस ने नागपुर में एक अन्य कार्यक्रम में जमीयत उलेमा-ए-हिंद के मौलाना अरशद मदनी के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भारत में मुसलमानों का सच्चा आइकन डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम हैं, जिन्हें राष्ट्रपति बनने का गौरव प्राप्त हुआ। हम सब उनके सामने सिर झुकाते हैं। दूसरे को आइकन बनाने की जरूरत नहीं।

ग्लोबल पीस ऑनर्स 2025 का यह आयोजन आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक एकजुटता का संदेश देता है। फडणवीस ने समापन में कहा कि भारत अब कमजोर नहीं। हमारी सेना, खुफिया तंत्र और सरकार की मजबूत नीतियां दुश्मनों को सबक सिखा रही हैं। ऑपरेशन सिंदूर जैसे कदमों से दुनिया को पता चल गया कि भारत अब चुप नहीं बैठेगा। नागरिकों से अपील की कि वे सतर्क रहें और देश की सुरक्षा में योगदान दें।

यह कार्यक्रम मुंबई की स्मृतियों को जीवंत करता है। 26/11 ने भारत को बदल दिया। तब से हमने सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयरस्ट्राइक जैसे कई कदम उठाए। पहलगाम हमला भी इसी कड़ी का हिस्सा था। फडणवीस का बयान भारत-पाकिस्तान संबंधों में तनाव को रेखांकित करता है। लेकिन यह भी स्पष्ट करता है कि भारत शांति चाहता है, पर आतंक के खिलाफ कोई समझौता नहीं।

कार्यक्रम की सफलता अमृता फडणवीस की मेहनत का नतीजा है। दिव्यांज फाउंडेशन सामाजिक कार्यों के लिए जाना जाता है। इस बार का फोकस शहीदों पर था। हस्तियों की मौजूदगी ने इसे विशेष बना दिया। शाहरुख खान ने कहा कि 26/11 ने हमें एकजुट किया। रणवीर सिंह ने शहीदों को सलाम किया। एकनाथ शिंदे ने कहा कि महाराष्ट्र आतंक के खिलाफ हमेशा आगे रहेगा।

फडणवीस ने समाप्ति में कविता सुनाई, जो राष्ट्रवाद की भावना जगाती है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया भारत की ताकत मानती है। हमारे जवान और मोदी सरकार की नीतियां ढाल हैं। 26/11 से पुलवामा तक हर हमले का जवाब दिया। अब दिल्ली से मुंबई तक नेतृत्व लोहे जैसा मजबूत है। यह संदेश न केवल पाकिस्तान, बल्कि दुनिया को है।

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