Ram Mandir Dispute: रायपुर में बोले RSS नेता इंद्रेश कुमार- 'अयोध्या का गौरव स्थापित करने वाले अखिलेश कौन होते हैं'

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार ने छत्तीसगढ़ के रायपुर में राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद पर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला।

Jun 28, 2026 - 12:14
 0  0
Ram Mandir Dispute: रायपुर में बोले RSS नेता इंद्रेश कुमार- 'अयोध्या का गौरव स्थापित करने वाले अखिलेश कौन होते हैं'
Indresh Kumar RSS
  • Indresh Kumar on Akhilesh Yadav: राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद पर छत्तीसगढ़ में गरमाई सियासत, आरएसएस ने विपक्ष को घेरा
  • राम मंदिर विवाद पर छत्तीसगढ़ में गरजे आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार, अखिलेश और प्रियंका गांधी को लेकर दिया बड़ा बयान
  • Ram Mandir Row: राम मंदिर दान विवाद पर रायपुर पहुंचे इंद्रेश कुमार, विपक्षी नेताओं को दी राजनीति न करने की नसीहत

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की राशि में हुई कथित हेराफेरी और चोरी के मामले पर देशव्यापी राजनीतिक बहस छिड़ी हुई है। इसी क्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार ने छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में इस विवाद पर अपनी पहली और तीखी प्रतिक्रिया दी है। इंद्रेश कुमार ने समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के बयानों पर पलटवार करते हुए कहा कि अयोध्या का गौरव हमेशा से स्थापित रहा है और राजनेताओं को इस संवेदनशील विषय पर राजनीति करने से पूरी तरह बचना चाहिए। उन्होंने आश्वस्त किया कि विशेष जांच टीम (SIT) इस मामले की गहनता से छानबीन कर रही है और जो भी कसूरवार होगा उसे बख्शा नहीं जाएगा।

अयोध्या के राम मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित किए गए चढ़ावे में कथित गबन और चोरी की घटना के बाद विपक्षी दलों ने उत्तर प्रदेश सरकार और मंदिर ट्रस्ट को घेरना शुरू कर दिया था। इस विवाद की गूंज अब छत्तीसगढ़ तक पहुंच गई है। रायपुर के एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने आए आरएसएस के शीर्ष नेता इंद्रेश कुमार ने इस मामले पर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि सनातन समाज और सरकार इस पूरे मामले को लेकर पूरी तरह जागरूक हैं, इसलिए किसी को भी इस पर राजनीतिक रोटियां सेकने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती और रख-रखाव के दौरान वित्तीय गड़बड़ी की बात सामने आई। इसके बाद शासन स्तर पर एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया, जिसने शुरुआती जांच के बाद आठ लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। इस घटनाक्रम पर विपक्ष के नेताओं ने लगातार तीखे बयान दिए। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हाल ही में बयान दिया था कि वे भविष्य में अपनी सरकार बनाएंगे और अयोध्या का गौरव दोबारा स्थापित करेंगे।

इसी बयान का जवाब देते हुए रायपुर में इंद्रेश कुमार ने तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा, "अयोध्या का गौरव कल भी था, आज भी है और हमेशा रहेगा। अयोध्या का गौरव स्थापित करने वाले अखिलेश यादव कौन होते हैं? क्या वे भगवान राम को स्थापित करेंगे, राम तो सदियों से स्वयं स्थापित हैं।" इसके अलावा, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी द्वारा मंदिर दान की जिम्मेदारी पर उठाए गए सवालों पर भी इंद्रेश कुमार ने स्थिति स्पष्ट की और कहा कि एसआईटी अपना काम पूरी निष्पक्षता से कर रही है।

इंद्रेश कुमार के इस बयान के बाद छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानों का दौर तेज हो गया है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के स्थानीय प्रवक्ताओं का तर्क है कि विपक्ष केवल देश के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था की रक्षा के लिए सवाल उठा रहा है क्योंकि दान के पैसों की चोरी एक गंभीर और निंदनीय अपराध है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी और संघ से जुड़े पदाधिकारियों ने इंद्रेश कुमार के रुख का समर्थन करते हुए कहा है कि जब जांच एजेंसियां आरोपियों को पकड़कर जेल भेज रही हैं, तब विपक्ष द्वारा जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाना केवल राजनीतिक हताशा को दर्शाता है।

इस बयानबाजी का सीधा प्रभाव आगामी दिनों में होने वाले राजनीतिक विमर्शों पर देखने को मिल सकता है। राम मंदिर से जुड़ा कोई भी मुद्दा देश के बहुसंख्यक समाज की भावनाओं को सीधे तौर पर प्रभावित करता है। आरएसएस द्वारा विपक्ष को सीधे तौर पर कटघरे में खड़ा करने से यह साफ हो गया है कि संगठन इस मुद्दे पर किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। इस बयान के बाद इंटरनेट मीडिया पर भी 'अयोध्या का गौरव' और 'राम मंदिर दान विवाद' जैसे विषय लगातार ट्रेंड कर रहे हैं, जिससे जनता के बीच सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

इस मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस की एसआईटी जांच अब अंतिम दौर में पहुंच रही है, जिसमें गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है। इंद्रेश कुमार ने कहा है कि समाज को एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार करना चाहिए। आने वाले दिनों में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि क्या अखिलेश यादव या कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेता संघ के इस सीधे हमले पर कोई जवाबी पलटवार करते हैं या फिर जांच रिपोर्ट के सामने आने तक इस मुद्दे पर चुप्पी साधते हैं।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow