'मुझे लगा 155 रन काफी होंगे', हार के बाद दिल्ली के कप्तान अक्षर पटेल का छलका दर्द।

आईपीएल 2026 के एक बेहद रोमांचक मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स (DC) को चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के हाथों 8 विकेट से

May 6, 2026 - 12:12
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'मुझे लगा 155 रन काफी होंगे', हार के बाद दिल्ली के कप्तान अक्षर पटेल का छलका दर्द।
'मुझे लगा 155 रन काफी होंगे', हार के बाद दिल्ली के कप्तान अक्षर पटेल का छलका दर्द।
  • चेन्नई से मिली शिकस्त ने बढ़ाई दिल्ली की मुश्किलें, अक्षर पटेल ने बताई हार की असली वजह
  • 'पिच का मिजाज समझने में हुई गलती', सीएसके के हाथों हार के बाद अक्षर पटेल का बड़ा बयान

आईपीएल 2026 के एक बेहद रोमांचक मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स (DC) को चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के हाथों 8 विकेट से करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में दिल्ली की टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 7 विकेट खोकर केवल 155 रन ही बना सकी। जवाब में चेन्नई ने संजू सैमसन की शानदार 87 रनों की नाबाद पारी के दम पर 17.3 ओवरों में ही लक्ष्य हासिल कर लिया। इस हार के बाद दिल्ली के कप्तान अक्षर पटेल काफी निराश नजर आए और उन्होंने मैच के बाद टीम की बल्लेबाजी और पिच की स्थिति पर खुलकर अपनी बात रखी। दिल्ली कैपिटल्स और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच आईपीएल 2026 का यह मुकाबला दिल्ली के घरेलू मैदान पर खेला गया था। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला अक्षर पटेल के लिए उस समय सही लगा था, जब उन्होंने पिच को धीमा पाया। हालांकि, मैच खत्म होने के बाद अक्षर ने स्वीकार किया कि उनकी टीम बल्लेबाजी में करीब 10 से 15 रन पीछे रह गई। उन्होंने कहा कि जिस तरह से पहली पारी में गेंद रुककर आ रही थी, उन्हें लगा था कि 155 रनों का स्कोर प्रतिस्पर्धी होगा और उनके गेंदबाज इस स्कोर का बचाव कर लेंगे। लेकिन संजू सैमसन की आक्रामक बल्लेबाजी और ओस के मामूली प्रभाव ने दिल्ली के समीकरणों को पूरी तरह से बिगाड़ कर रख दिया।

अक्षर पटेल ने मैच के बाद अपनी टीम के शीर्ष क्रम के चरमराने पर चिंता जताई। दिल्ली ने अपने पहले पांच विकेट केवल 69 रनों पर ही गंवा दिए थे, जिसमें केएल राहुल (12) और पथुम निसांका (19) जैसे प्रमुख बल्लेबाजों का सस्ते में आउट होना शामिल था। अक्षर ने बताया कि जब आपके शीर्ष क्रम के बल्लेबाज जल्दी पवेलियन लौट जाते हैं, तो मध्यक्रम पर दबाव बढ़ जाता है। हालांकि समीर रिज़वी (नाबाद 40) और ट्रिस्टन स्टब्स (38) ने छठे विकेट के लिए 65 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी कर टीम को 150 के पार पहुंचाया, लेकिन कप्तान के अनुसार यह प्रयास जीत के लिए पर्याप्त नहीं था। पिच के व्यवहार पर चर्चा करते हुए अक्षर पटेल ने एक बहुत ही महत्वपूर्ण बात साझा की। उन्होंने कहा कि अरुण जेटली स्टेडियम की यह पिच नई गेंद और नए बल्लेबाजों के लिए बहुत कठिन थी क्योंकि गेंद लेंथ एरिया से रुककर आ रही थी और कभी-कभी नीचे रह रही थी। उन्होंने तर्क दिया कि क्रीज पर जम चुके बल्लेबाज के लिए स्थितियां आसान हो गई थीं, लेकिन जो नया बल्लेबाज आ रहा था, उसके लिए पहली ही गेंद से प्रहार करना नामुमकिन जैसा था। संजू सैमसन ने इसी का फायदा उठाया और एक बार सेट होने के बाद उन्होंने दिल्ली के किसी भी गेंदबाज को जमने का मौका नहीं दिया।

  • कुलदीप यादव की कमी खली

मैच के बाद कप्तान अक्षर पटेल ने अपनी गेंदबाजी इकाई के प्रदर्शन पर भी असंतोष जाहिर किया। उन्होंने विशेष रूप से अपने साथी स्पिनर कुलदीप यादव की लय को लेकर चिंता जताई। अक्षर ने कहा कि उन्हें मैदान पर कुलदीप की उस मारक क्षमता की कमी महसूस हुई जिसके लिए वे जाने जाते हैं। कुलदीप ने इस मैच में 3 ओवरों में 34 रन दिए और उन्हें एक भी सफलता नहीं मिली। अक्षर का मानना है कि अगर स्पिन विभाग से बीच के ओवरों में विकेट मिलते, तो मैच का परिणाम कुछ और हो सकता था।

कप्तान ने अपनी कप्तानी के फैसलों का बचाव करते हुए कहा कि आठ बल्लेबाजों के साथ खेलने के बावजूद टीम का कम स्कोर पर रुकना उनके लिए निराशाजनक है। उन्होंने माना कि जब आप लंबी बैटिंग लाइन-अप के साथ उतरते हैं, तो कम से कम 170-175 रनों की उम्मीद की जाती है। अक्षर ने स्वयं बल्लेबाजी में केवल 2 रन बनाए, जिस पर उन्होंने अफसोस जताया कि उन्हें अंत तक टिककर टीम को एक फिनिशिंग टच देना चाहिए था। उन्होंने इस हार को एक बड़े सबक की तरह लिया है और आगामी मैचों में अपनी रणनीति में बदलाव करने के संकेत दिए हैं। चेन्नई सुपर किंग्स की ओर से संजू सैमसन की पारी की सराहना करते हुए अक्षर ने कहा कि एक 'सेट बल्लेबाज' ही इस पिच पर अंतर पैदा कर सकता था और सैमसन ने ठीक वही किया। सैमसन ने अपनी पारी में 6 छक्के और 7 चौके लगाकर दिल्ली के गेंदबाजों को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया। अक्षर के अनुसार, संजू की पारी ने यह साबित कर दिया कि अगर आप पिच के मिजाज को समझकर थोड़े समय के लिए संयम दिखाएं, तो यहां बड़े रन बनाए जा सकते हैं। दिल्ली के गेंदबाजों ने अंतराल पर विकेट लेने के मौके गंवाए, जिसका पूरा फायदा चेन्नई के बल्लेबाजों ने उठाया।

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