रियान पराग का 'विजयी' प्रहार लेकिन टीम को मिली हार: ई-सिगरेट विवाद और राजस्थान की विफलता पर खुलकर बोले कप्तान।
आईपीएल 2026 के 43वें मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में एक हाई-वोल्टेज
- आलोचकों के शोर के बीच रियान पराग की 90 रनों की आतिशी पारी: वेपिंग विवाद पर चुप्पी तोड़ते हुए कहा—'मेरा काम टीम को अंक दिलाना है'
- दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ राजस्थान रॉयल्स की करारी शिकस्त: मिडिल ओवर्स की गेंदबाजी और राहुल-निसांका की जोड़ी ने बिगाड़ा पराग का खेल
आईपीएल 2026 के 43वें मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में एक हाई-वोल्टेज भिड़ंत देखने को मिली। इस मैच का केंद्र बिंदु राजस्थान के कप्तान रियान पराग रहे, जिन्होंने न केवल बल्ले से तबाही मचाई बल्कि मैच के बाद अपने बयानों से भी सुर्खियां बटोरीं। पिछले कुछ दिनों से ई-सिगरेट (वेपिंग) विवाद में फंसे पराग ने अपनी शानदार बल्लेबाजी से यह साबित करने की कोशिश की कि मैदान के बाहर के शोर का असर उनके खेल पर नहीं पड़ता। हालांकि, रियान की 50 गेंदों पर खेली गई 90 रनों की कप्तानी पारी भी राजस्थान को हार से नहीं बचा सकी। मैच के बाद पुरस्कार वितरण समारोह में जब उनसे हालिया विवादों और उनकी फॉर्म पर उठ रहे सवालों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बहुत ही बेबाकी से अपना पक्ष रखा। रियान पराग ने ई-सिगरेट विवाद का सीधा नाम लिए बिना आलोचकों को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्हें किसी को भी स्पष्टीकरण देने या जवाब देने की आवश्यकता महसूस नहीं होती है। पराग के अनुसार, एक क्रिकेटर और कप्तान के तौर पर उनका प्राथमिक उत्तरदायित्व अपनी टीम के लिए मैदान पर प्रदर्शन करना और दो अंक हासिल करना है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि अगर उनकी टीम मैच हार जाती है, तो उनके व्यक्तिगत स्कोर या उनकी बड़ी पारियों का कोई विशेष महत्व नहीं रह जाता। पराग का यह बयान उस समय आया है जब हाल ही में पंजाब किंग्स के खिलाफ मैच के दौरान उन्हें ड्रेसिंग रूम में वेपिंग करते हुए देखा गया था, जिसके बाद बीसीसीआई ने उन पर मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना भी लगाया था।
मैच के तकनीकी पहलुओं पर बात करते हुए रियान पराग ने राजस्थान रॉयल्स की हार का मुख्य कारण मध्य ओवरों (मिडल ओवर्स) में खराब गेंदबाजी को बताया। राजस्थान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 225 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था, जो इस मैदान पर एक मजबूत लक्ष्य माना जा रहा था। पराग का मानना था कि 200 रन का स्कोर भी यहां प्रतिस्पर्धी होता, लेकिन उनके गेंदबाजों ने अहम समय पर रन लुटाए। विशेष रूप से दिल्ली कैपिटल्स की पारी के बीच के ओवरों में राजस्थान के स्पिनर्स और तेज गेंदबाज रनों की गति पर लगाम लगाने में पूरी तरह विफल रहे। पराग ने स्वीकार किया कि एक ही ओवर में कई बाउंड्री देना और उसी गलती को बार-बार दोहराना टीम के लिए आत्मघाती साबित हुआ। राजस्थान रॉयल्स ने शुरुआत में ही अपने दोनों सलामी बल्लेबाजों को खो दिया था, जिसके बाद रियान पराग और ध्रुव जुरेल ने 102 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी कर टीम को संभाला। पराग अपने पहले आईपीएल शतक की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन मिचेल स्टार्क ने उन्हें आउट कर राजस्थान की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया। दिल्ली कैपिटल्स की जीत की पटकथा उनके सलामी बल्लेबाजों केएल राहुल और पथुम निसांका ने लिखी। इन दोनों ने पहले विकेट के लिए 110 रनों की तूफानी साझेदारी कर राजस्थान के गेंदबाजों के हौसले पस्त कर दिए। केएल राहुल ने 40 गेंदों पर 75 रनों की संयमित और आक्रामक पारी खेली, जिसके लिए उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया। दूसरी ओर, निसांका ने 62 रनों का योगदान देकर दिल्ली को वह प्लेटफॉर्म प्रदान किया जिससे 226 रनों का बड़ा लक्ष्य भी छोटा नजर आने लगा। राजस्थान की गेंदबाजी में वह धार नहीं दिखी जो शुरुआती मैचों में नजर आई थी। युजवेंद्र चहल और रवि बिश्नोई जैसे अनुभवी गेंदबाजों के खिलाफ दिल्ली के बल्लेबाजों ने आसानी से रन बटोरे, जिसने मैच का रुख पूरी तरह पलट दिया।
राजस्थान रॉयल्स के लिए एक और चिंता का विषय रियान पराग की चोट रही। मैच के दौरान क्षेत्ररक्षण करते समय पराग को हैमस्ट्रिंग में खिंचाव महसूस हुआ, जिसके बाद उन्हें मैदान छोड़कर बाहर जाना पड़ा। उनकी अनुपस्थिति में यशस्वी जायसवाल ने कप्तानी की कमान संभाली। मैच के बाद पराग ने अपनी चोट पर अपडेट देते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि यह गंभीर नहीं है। उन्होंने राहत जताई कि टीम के पास अगले मैच से पहले लगभग एक सप्ताह का समय है, जिसमें वे अपनी रिकवरी पर ध्यान दे पाएंगे। पराग की फॉर्म में वापसी राजस्थान के लिए राहत की बात है, लेकिन उनकी फिटनेस आगामी प्लेऑफ की दौड़ के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होने वाली है। आलोचनाओं के दौर को लेकर पराग का रवैया हमेशा से ही चर्चा का विषय रहा है। इस सीजन में उनके खराब फॉर्म को लेकर काफी बातें हो रही थीं, लेकिन दिल्ली के खिलाफ उनकी 90 रनों की पारी ने उनके विरोधियों को कुछ समय के लिए शांत कर दिया है। 180 के स्ट्राइक रेट से की गई उनकी बल्लेबाजी में वह पुरानी झलक दिखी जिसने उन्हें घरेलू क्रिकेट का स्टार बनाया था। उन्होंने अपनी पारी में 8 चौके और 5 गगनचुंबी छक्के जड़े। मिडिल ऑर्डर की विफलता इस सीजन राजस्थान की सबसे बड़ी कमजोरी बनकर उभरी थी, जिसे पराग ने इस मैच में सुधारने की कोशिश की। हालांकि, डोनोवन फरेरा ने भी अंत में 14 गेंदों पर 47 रनों की कैमियो पारी खेली, लेकिन वह भी टीम को जीत की दहलीज पार कराने में नाकाम रही।
Also Read- रोमांचक जीत के बाद भी गंभीर दिखे संजू सैमसन: लखनऊ पर फतह के बावजूद RR के कप्तान ने जताई चिंता।
What's Your Reaction?







