Petrol-Diesel Price 8 August: आज पेट्रोल और डीजल की नई दरें जारी, जानिए आपके शहर में कितना है दाम

Petrol Diesel Prices Today (8 August 2026): तेल विपणन कंपनियों ने 8 अगस्त 2026 को पेट्रोल-डीजल के भाव स्थिर रखे हैं। दिल्ली, मुंबई, नोएडा और लखनऊ समेत प्रमुख शहरों के ताजा रेट्स यहां पढ़ें।

Aug 8, 2026 - 10:52
Aug 8, 2026 - 11:18
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Petrol-Diesel Price 8 August: आज पेट्रोल और डीजल की नई दरें जारी, जानिए आपके शहर में कितना है दाम
  • पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट जारी: दिल्ली, मुंबई से यूपी तक जानें 8 अगस्त 2026 को आपके शहर के भाव
  • Fuel Price Today: कच्चे तेल के उतार-चढ़ाव के बीच पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर, देखें पूरी रेट लिस्ट
  • Petrol Diesel Rate Today: 8 अगस्त को तेल कंपनियों ने जारी किए नए रेट, उपभोक्ताओं को मिली राहत

देश की सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने शनिवार, 08 अगस्त 2026 की सुबह पेट्रोल और डीजल की नई दरें जारी कर दी हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार जारी उतार-चढ़ाव के बावजूद भारतीय ईंधन कंपनियों ने घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल के दामों में कोई बदलाव नहीं किया है। राजधानी दिल्ली, नोएडा, लखनऊ, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई समेत देश के सभी छोटे-बड़े शहरों में ईंधन के रेट स्थिर बने हुए हैं। वैश्विक अनिश्चितता के दौर में ईंधन दरों का स्थिर रहना आम उपभोक्ताओं, दैनिक यात्रियों और लॉजिस्टिक्स कारोबारियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। तेल कंपनियों के इस फैसले से आने वाले दिनों में माल ढुलाई और दैनिक आवागमन की लागत नियंत्रित रहने की उम्मीद है।

देशभर में सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने 08 अगस्त 2026 को पेट्रोल और डीजल की खुदरा दरों को जस का तस रखने का निर्णय लिया है। सुबह 6 बजे जारी की गई दैनिक दर सूची के अनुसार, देश के प्रमुख महानगरों और विभिन्न राज्यों के शहरों में कीमतों में किसी तरह की बढ़ोतरी या कटौती दर्ज नहीं की गई है। उत्तर भारत के अधिकांश राज्यों में जहां पेट्रोल 100 से 102 रुपये के दायरे में बिक रहा है, वहीं दक्षिणी और पश्चिमी राज्यों में स्थानीय करों की वजह से यह आंकड़ा 110 रुपये के पार बना हुआ है।

वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के भाव में लगातार अस्थिरता देखी जा रही है, लेकिन घरेलू स्तर पर तेल कंपनियों द्वारा मूल्य स्थिरता बनाए रखने की नीति से खुदरा महंगाई पर अंकुश लगाने में मदद मिल रही है। इस निर्णय से देश के करोड़ों वाहन चालकों और परिवहन क्षेत्र से जुड़े कारोबारियों ने राहत की सांस ली है।

भारतीय तेल विपणन कंपनियों द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर बिक रहा है। वहीं उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर नोएडा में पेट्रोल 101.96 रुपये और डीजल 95.44 रुपये प्रति लीटर दर्ज किया गया है। राज्य की राजधानी लखनऊ की बात करें तो वहां पेट्रोल 101.86 रुपये और डीजल 95.36 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर है।

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में पेट्रोल की कीमत 113.50 रुपये और डीजल 99.82 रुपये प्रति लीटर बनी हुई है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में पेट्रोल 111.21 रुपये प्रति लीटर और डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से उपलब्ध है। इसके अलावा महाराष्ट्र के पुणे शहर में पेट्रोल 112.02 रुपये और डीजल 98.66 रुपये प्रति लीटर पर मिल रहा है। दक्षिण भारत के प्रमुख केंद्र चेन्नई और पूरे तमिलनाडु राज्य में पेट्रोल 107.76 रुपये और डीजल 99.55 रुपये प्रति लीटर की दर से बेचा जा रहा है। पूर्वोत्तर राज्य असम में पेट्रोल 105.73 रुपये और डीजल 97.23 रुपये प्रति लीटर बना हुआ है।

मध्य भारत और पश्चिमी राज्यों में राज्य स्तरीय करों (वैट) के कारण दरें थोड़ी अधिक हैं। मध्य प्रदेश में पेट्रोल का भाव 114.37 रुपये और डीजल 99.49 रुपये प्रति लीटर है, जबकि राजस्थान में पेट्रोल 113.19 रुपये तथा डीजल 98.25 रुपये प्रति लीटर की दर से बिक रहा है।

विभिन्न शहरों में ईंधन दरें (08 अगस्त 2026):

  • दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 | डीजल ₹95.20

  • नोएडा: पेट्रोल ₹101.96 | डीजल ₹95.44

  • लखनऊ: पेट्रोल ₹101.86 | डीजल ₹95.36

  • कानपुर: पेट्रोल ₹101.78 | डीजल ₹95.06

  • मुंबई: पेट्रोल ₹111.21 | डीजल ₹97.83

  • कोलकाता: पेट्रोल ₹113.50 | डीजल ₹99.82

  • चेन्नई: पेट्रोल ₹107.76 | डीजल ₹99.55

पेट्रोल और डीजल के खुदरा मूल्य निर्धारण में कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू घटक भूमिका निभाते हैं। सबसे प्रमुख कारक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमत होती है। इसके अलावा भारतीय रुपये और अमेरिकी डॉलर के बीच विनिमय दर (Exchange Rate) का सीधा असर तेल आयात की लागत पर पड़ता है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 85 प्रतिशत कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है, इसलिए वैश्विक बाजार की हलचल यहां सीधे प्रभाव डालती है।

जब कच्चा तेल भारत पहुंचता है, तो उस पर केंद्र सरकार द्वारा उत्पाद शुल्क (Excise Duty) और राज्य सरकारों द्वारा मूल्य वर्धित कर (VAT) लगाया जाता है। इसके साथ ही तेल रिफाइनरियों का मार्जिन, परिवहन लागत और डीलर कमीशन जोड़कर अंतिम खुदरा मूल्य तय किया जाता है। अलग-अलग राज्यों में वैट की दरें भिन्न होने के कारण ही दिल्ली, मुंबई, जयपुर और भोपाल जैसे शहरों में पेट्रोल और डीजल के दामों में अंतर दिखाई देता है।

ईंधन दरों में स्थिरता का सीधा फायदा आम उपभोक्ता के मासिक बजट पर पड़ता है। दैनिक आवागमन के लिए बाइक, कार या ऑटो रिक्शा का उपयोग करने वाले मध्यवर्गीय परिवारों को बार-बार बदलते बजट की चिंता नहीं करनी पड़ती। उत्तर भारत के अधिकांश शहरों में डीजल का भाव 95 रुपये के आसपास बना रहने से कृषि और स्थानीय परिवहन लागत नियंत्रण में है।

दूसरी ओर, देश के लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट सेक्टर के लिए डीजल की कीमतों का स्थिर रहना बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। माल ढुलाई का मुख्य खर्च डीजल पर निर्भर करता है। यदि डीजल की कीमतें अचानक बढ़ती हैं, तो फल, सब्जियां, खाद्यान्न और अन्य दैनिक उपभोग की वस्तुओं के परिवहन का भाड़ा बढ़ जाता है, जिससे देश में खुदरा महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो जाता है। वर्तमान स्थिरता से सप्लाई चेन पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव नहीं पड़ रहा है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में चल रही भू-राजनीतिक गतिविधियों और ओपेक (OPEC) देशों के उत्पादन संबंधी फैसलों पर भारतीय तेल कंपनियों की कड़ी नजर है। यदि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के भाव में लंबी अवधि तक भारी उछाल नहीं आता है, तो घरेलू स्तर पर दरें इसी तरह स्थिर रहने की संभावना है। हालांकि, विनिमय दर में बड़े उतार-चढ़ाव या वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में किसी भी प्रकार की बाधा आने पर भविष्य में दरों की समीक्षा की जा सकती है। फिलहाल, उपभोक्ता बिना किसी अतिरिक्त वित्तीय बोझ के पुराने दरों पर ही ईंधन खरीद सकते हैं।

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