Petrol Diesel Prices Today: 7 अगस्त को पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी, दिल्ली से मुंबई तक जानें आपके शहर के दाम

7 अगस्त 2026 को देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर रहीं। दिल्ली, मुंबई, नोएडा और कोलकाता समेत प्रमुख शहरों में आज के ताजा ईंधन रेट्स विस्तार से जानें।

Aug 7, 2026 - 10:39
Aug 7, 2026 - 18:11
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Petrol Diesel Prices Today: 7 अगस्त को पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी, दिल्ली से मुंबई तक जानें आपके शहर के दाम
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आज 7 अगस्त 2026 को देश की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के नए रेट जारी कर दिए हैं। सुबह 6 बजे आए आंकड़ों के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से लेकर मुंबई, कोलकाता, चेन्नई और उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों में ईंधन की दरों में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिला है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद घरेलू स्तर पर आम जनता को लगातार राहत मिल रही है। इस स्थिरता के कारण यात्रियों, ट्रांसपोर्टर्स और दैनिक नौकरीपेशा लोगों के बजट पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ा है। आने वाले दिनों में भी ईंधन दरों के इसी तरह स्थिर रहने का अनुमान है।

देशभर के पेट्रोल पंपों पर 7 अगस्त 2026 को ईंधन की दरें स्थिर दर्ज की गई हैं। सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने आज सुबह प्रतिदिन की भांति सुबह 6 बजे नए रेट अपडेट किए, जिनमें किसी भी बड़े बदलाव की घोषणा नहीं की गई। दिल्ली-एनसीआर के क्षेत्रों में जहां कीमतें अपेक्षाकृत कम बनी हुई हैं, वहीं महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में स्थानीय करों और परिवहन लागत के कारण दरें ऊंची बनी हुई हैं। इस स्थिरता ने लगातार बढ़ते दैनिक खर्चों के बीच आम उपभोक्ताओं और वाणिज्यिक वाहन चालकों को एक राहत भरी सांस लेने का अवसर दिया है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के बाजार में हलचल जारी रहने के बावजूद भारतीय बाजार में ईंधन के दाम बीते कई दिनों से एक सीमित दायरे में बने हुए हैं। आज के आंकड़ों पर नजर डालें तो दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर टिका हुआ है। नोएडा में पेट्रोल की कीमत 101.96 रुपये और डीजल 95.44 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई।

उत्तर प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों की बात करें तो लखनऊ में पेट्रोल 101.86 रुपये, कानपुर में 101.78 रुपये, आगरा में 101.66 रुपये, मुरादाबाद में 102.10 रुपये और हरदोई में 102.72 रुपये प्रति लीटर पर बिक्री के लिए उपलब्ध है। राज्य के भीतर वैट और परिवहन व्यय के अंतर से दरों में मामूली variation देखने को मिल रहा है।

जगह पेट्रोल (₹/लीटर) डीजल (₹/लीटर)
दिल्ली 102.12 95.20
नोएडा 101.96 95.44
लखनऊ 101.86 95.36
कानपुर 101.78 95.30
बरेली 101.91 95.34
शाहजहांपुर 101.97 95.39
बाराबंकी 102.68 95.86
मुरादाबाद 102.10 95.50
आगरा 101.66 95.02
हरदोई 102.72 95.39
कोलकाता 113.51 99.82
पुणे 112.02 98.66
मुम्बई 111.21 97.83
असम 105.73 97.23
चेन्नई 107.76 99.55
तमिलनाडु 107.97 99.60
मध्य प्रदेश 114.54 100.85
राजस्थान 112.66 98.25

देश के अन्य प्रमुख महानगरों और राज्यों में टैक्स ढांचे के कारण अलग-अलग दरें लागू हैं। महाराष्ट्र के मुंबई में पेट्रोल 111.21 रुपये और पुणे में 112.02 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है। पूर्वी भारत की बात करें तो कोलकाता में पेट्रोल का भाव 113.51 रुपये और डीजल 99.82 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है। दक्षिण भारत के चेन्नई में पेट्रोल 107.76 रुपये प्रति लीटर है। मध्य भारत और पश्चिमी राज्यों में राज्य कर अधिक होने के कारण मध्य प्रदेश में पेट्रोल 114.54 रुपये और राजस्थान में 112.66 रुपये प्रति लीटर के आसपास बना हुआ है, जबकि असम में दरें 105.73 रुपये प्रति लीटर हैं।

ईंधन दरों में बनी इस स्थिरता पर ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस और दैनिक यात्रियों की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली है। ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन से जुड़े प्रतिनिधियों का कहना है कि जब तक ईंधन के दाम स्थिर रहते हैं, तब तक माल भाड़े की दरों को नियंत्रित रखना आसान होता है। इससे खाद्य पदार्थों और दैनिक उपभोग की वस्तुओं की माल ढुलाई लागत में अचानक वृद्धि नहीं होती, जिससे बाजार में महंगाई नियंत्रित रहती है। वहीं आम वाहन चालकों का मानना है कि यद्यपि कई राज्यों में करों का बोझ अभी भी अधिक है, लेकिन बार-बार होने वाली मूल्य वृद्धि से बचाव ने उनके मासिक बजट को बिगड़ने से बचाया है।

पेट्रोल और डीजल के दामों में ठहराव का सीधा प्रभाव आम जनजीवन और भारतीय अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों पर पड़ता है। पेट्रोल की दरें सीधे तौर पर दोपहिया और चारपहिया वाहन मालिकों के जेब खर्च को प्रभावित करती हैं, जबकि डीजल की दरें देश के संपूर्ण लॉजिस्टिक्स और कृषि क्षेत्र की रीढ़ मानी जाती हैं। डीजल के रेट स्थिर रहने से माल ढुलाई का खर्च नियंत्रित रहता है, जिसका सीधा फायदा खुदरा बाजार में सब्जियों, अनाज और अन्य आवश्यक सामानों की कीमतों पर पड़ता है। जिन राज्यों में वैट की दरें कम हैं, वहां उपभोक्ताओं को सीधा आर्थिक लाभ मिल रहा है, जबकि उच्च कर वाले राज्यों में उपभोक्ताओं का बजट थोड़ा प्रभावित हो रहा है।

ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के अधिकारियों के अनुसार आने वाले दिनों में ईंधन की दरें काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की वैश्विक कीमतों, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की स्थिति और केंद्र तथा राज्य सरकारों की कर नीतियों पर निर्भर करेंगी। फिलहाल वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भी घरेलू कंपनियों ने कीमतों को स्थिर बनाए रखने की रणनीति अपनाई है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि वैश्विक बाजार में कोई बड़ा भू-राजनीतिक संकट नहीं उत्पन्न होता है, तो निकट भविष्य में भी भारतीय उपभोक्ताओं को ईंधन के मोर्चे पर इसी तरह की स्थिरता देखने को मिलती रहेगी।

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