OnEMI Technology IPO Update: ₹162 के प्राइस बैंड वाले Kissht की पेरेंट कंपनी का IPO 9.9 गुना सब्सक्राइब, जानें GMP और डिटेल्स
OnEMI Technology Solutions IPO: ₹162–₹171 के प्राइस बैंड वाले इस आईपीओ के बंद होने तक कुल 9.94 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है। जानें कितना चल रहा है ताज़ा GMP।

- OnEMI Technology (Kissht) IPO: 926 करोड़ के पब्लिक इश्यू पर निवेशकों ने लगाया बड़ा दांव, ग्रे मार्केट में भी दिखी हलचल
- ₹162 से ₹171 के प्राइस बैंड वाले इस IPO पर टूटे निवेशक! अंतिम दिन 9.9 गुना से अधिक मिला सब्सक्रिप्शन, चेक करें ग्रे मार्केट प्रीमियम
- प्राइमरी मार्केट में धूम: डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म 'Kissht' की पेरेंट कंपनी ऑनईएमआई टेक्नोलॉजीज का आईपीओ बंद, संस्थागत निवेशकों ने दिखाई भारी रुचि
भारतीय प्राथमिक बाजार (Primary Market) में फिनटेक क्षेत्र की एक बड़ी कंपनी के सार्वजनिक निर्गम (IPO) को लेकर निवेशकों के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिला है। देश के प्रमुख डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म 'Kissht' और पेमेंट्स ऐप 'Ring' की संचालक मूल कंपनी ऑनईएमआई टेक्नोलॉजीज लिमिटेड (OnEMI Technology Solutions Limited) का लगभग 926 करोड़ रुपये का आईपीओ सफलता के साथ बंद हो गया है। ₹162 से ₹171 प्रति शेयर के तय प्राइस बैंड वाले इस बुक-बिल्ट इश्यू को बिडिंग के अंतिम दिन तक कुल 9.94 गुना (लगभग 10 गुना) ओवरऑल सब्सक्रिप्शन हासिल हुआ है। शुरुआती दो दिनों में सुस्त रफ्तार दिखाने वाले इस आईपीओ में आखिरी दिन संस्थागत निवेशकों (QIB) की ओर से भारी बोलियां लगाई गईं, जिससे इसका सब्सक्रिप्शन ग्राफ तेजी से ऊपर चढ़ गया।
डिजिटल उधारी और फिनटेक सॉल्यूशंस के क्षेत्र में तेजी से विस्तार कर रही ऑनईएमआई टेक्नोलॉजीज (Kissht) ने कार्यशील पूंजी (Working Capital) और अपनी सहायक कंपनी 'सि क्रेवा' (Si Creva) के पूंजीगत आधार को मजबूत करने के लिए बाजार से फंड जुटाने का फैसला किया था। कंपनी का यह आईपीओ कुल 925.92 करोड़ रुपये का था, जो निवेश के लिए खुला था। इस इश्यू में 850 करोड़ रुपये के फ्रेश इक्विटी शेयर जारी किए गए हैं, जबकि 75.92 करोड़ रुपये का हिस्सा मौजूदा शेयरधारकों द्वारा ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत पेश किया गया था। बाजार बंद होने के बाद स्टॉक एक्सचेंज (BSE & NSE) के डेटा के अनुसार, कंपनी को कुल 3.79 करोड़ शेयरों के मुकाबले 37.66 करोड़ से अधिक शेयरों के लिए बोलियां प्राप्त हुई हैं।
इस आईपीओ के तीन दिनों के सफर को देखें, तो यह भारतीय बाजार में निवेशकों के बदलते मिजाज की एक दिलचस्प कहानी बयां करता है। पहले दिन यह इश्यू केवल 24% यानी 0.24 गुना ही सब्सक्राइब हो सका था। दूसरे दिन भी निवेशकों में थोड़ी सावधानी दिखी और कुल सब्सक्रिप्शन 0.63 गुना तक ही पहुंच पाया।
हालांकि, अंतिम दिन पासा पूरी तरह पलट गया। योग्य संस्थागत खरीदारों (QIB) के कोटे में आखिरी घंटों में रिकॉर्ड आवेदन आए, जिसके चलते यह सेगमेंट 25.97 गुना (लगभग 26 गुना) सब्सक्राइब हो गया। गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) का हिस्सा भी 6.89 गुना भरकर बंद हुआ, जिसमें बड़े एचएनआई (Big HNI) की भागीदारी 8.59 गुना रही। खुदरा व्यक्तिगत निवेशकों (Retail Category) ने भी अपना कोटा पार करते हुए 2.08 गुना सब्सक्रिप्शन दर्ज कराया।
ग्रे मार्केट (Grey Market Premium) की बात करें, तो अनौपचारिक बाजार में इस आईपीओ को लेकर सकारात्मक सेंटिमेंट बना हुआ है। बाजार विश्लेषकों के अनुसार, इसका अनौपचारिक प्रीमियम (GMP) ऊपरी प्राइस बैंड ₹171 के मुकाबले कुछ रुपये ऊपर ट्रेड कर रहा है, जो स्टॉक एक्सचेंज पर सकारात्मक या स्थिर शुरुआत (Listing) के संकेत दे रहा है। हालांकि, ग्रे मार्केट के दाम पूरी तरह अनौपचारिक होते हैं और शेयर आवंटन (Allotment) व लिस्टिंग के दिन बाजार के मूड पर इनका अंतिम असर निर्भर करता है।
इस मजबूत क्लोजिंग पर वित्तीय विश्लेषकों और बाजार विशेषज्ञों की संतुलित प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। प्रमुख ब्रोकरेज फर्म्स के रिसर्च हेड ने बताया, "ऑनईएमआई टेक्नोलॉजीज का बिजनेस मॉडल काफी हद तक स्केलेबल है और उनके पास दिसंबर 2025 तक 63 मिलियन से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ताओं का एक विशाल डेटाबेस है। शुरुआती दो दिनों की सुस्ती के बाद QIB का इस कदर आगे आना यह दर्शाता है कि दीर्घकालिक बड़े निवेशक कंपनी के डिजिटल लेंडिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और रिस्क मैनेजमेंट पर भरोसा कर रहे हैं। हालांकि, रिटेल निवेशकों ने थोड़ा संभलकर दांव लगाया है, क्योंकि वर्तमान में अनरेगुलेटेड अनौपचारिक प्रीमियम (GMP) बहुत ज्यादा ऊंचे स्तर पर नहीं था।"
वहीं, कंपनी प्रबंधन ने एंकर निवेशकों और सार्वजनिक बाजार से मिले इस शानदार रिस्पॉन्स पर खुशी जताई है और कहा है कि आईपीओ से प्राप्त राशि का उपयोग मुख्य रूप से ऋण व्यवसाय की वृद्धि और भविष्य की तकनीकों को उन्नत बनाने में किया जाएगा।
इस बड़े फिनटेक आईपीओ के बंद होने के बाद बाजार पर निम्नलिखित प्रभाव पड़ सकते हैं:
फिनटेक सेक्टर को मजबूती: न्यू-एज डिजिटल कंपनियों के प्रति निवेशकों का भरोसा एक बार फिर बहाल हुआ है, जिससे आने वाले महीनों में अन्य फिनटेक स्टार्टअप्स के लिए भी आईपीओ लाने का रास्ता आसान होगा।
फंड यूटिलाइजेशन: कंपनी की सहायक लेंडिंग इकाई (NBFC) में 637.5 करोड़ रुपये का नया कैपिटल इन्फ्यूजन (पूंजी निवेश) होने से उनकी लोन देने की क्षमता में भारी बढ़ोतरी होगी, जो सीधे तौर पर कंपनी के रेवेन्यू को प्रभावित करेगी।
खुदरा आवंटन पर कॉम्पिटिशन: खुदरा सेगमेंट में 2 गुना से अधिक आवेदन आने के कारण, अब लॉटरी सिस्टम के आधार पर ही आवेदकों को शेयर आवंटित किए जाएंगे, जिससे कई छोटे निवेशकों को रिफंड की प्रक्रिया का सामना करना होगा।
आईपीओ की बिडिंग प्रक्रिया सफलतापूर्वक समाप्त होने के बाद, अब निवेशकों की नजरें शेयर आवंटन (Basis of Allotment) की तारीख पर टिकी हैं। नियमों के मुताबिक, कंपनी एक्सचेंजों और अपने रजिस्ट्रार के माध्यम से सफल आवेदकों के डिमैट खाते में शेयर क्रेडिट करने की प्रक्रिया शुरू करेगी। जिन निवेशकों को शेयर अलॉट नहीं हो पाएंगे, उनके बैंक खातों में ब्लॉक की गई राशि (ASBA अमाउंट) को अनब्लॉक या रिफंड कर दिया जाएगा। इसके बाद, आगामी कार्य दिवसों में कंपनी के शेयरों की आधिकारिक लिस्टिंग नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के मुख्य प्लेटफॉर्म पर की जाएगी। लिस्टिंग के दिन बाजार की ओपनिंग चाल ही इसके वास्तविक प्रीमियम और निवेशकों के मुनाफे की अंतिम दिशा तय करेगी।
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