Adani Ports Q2 Results - दूसरी तिमाही में नेट प्रॉफिट 18% बढ़कर ₹3,682 करोड़ हुआ, FY27 गाइडेंस में भी इजाफा
अदाणी पोर्ट्स ने Q2 में ₹3,682 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो सालाना 18% अधिक है। रेवेन्यू और EBITDA में वृद्धि के साथ कंपनी ने FY27 गाइडेंस में बढ़ोतरी की।

देश की सबसे बड़ी निजी पोर्ट ऑपरेटर अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन (APSEZ) ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के वित्तीय परिणाम घोषित किए हैं। कंपनी का कंसॉलिडेटेड शुद्ध लाभ (Net Profit) सालाना आधार पर 18 प्रतिशत बढ़कर 3,682 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। अंतरराष्ट्रीय व्यापार और कार्गो हैंडलिंग में निरंतर मांग के चलते कंपनी के समग्र संचालन को बल मिला है।
समीक्षाधीन तिमाही के दौरान कंपनी का कुल परिचालन राजस्व (Revenue from Operations) 24 प्रतिशत के उछाल के साथ 11,340 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। संचालन दक्षता और बेहतर लागत प्रबंधन के परिणामस्वरूप परिचालन मुनाफा यानी EBITDA भी सालाना आधार पर 23 प्रतिशत बढ़कर 6,807 करोड़ रुपये रहा।
अंतरराष्ट्रीय पोर्ट्स का राजस्व 71% उछला, मजबूत रही पहली छमाही
तिमाही नतीजों में सबसे उल्लेखनीय प्रदर्शन कंपनी के अंतरराष्ट्रीय पोर्ट कारोबार का रहा, जिसके राजस्व में सालाना आधार पर 71 प्रतिशत की तेज वृद्धि दर्ज की गई। वैश्विक समुद्री व्यापार मार्गों पर रणनीतिक उपस्थिति और विदेशी टर्मिनलों से बढ़ते कार्गो प्रवाह ने इस सेगमेंट को मजबूत समर्थन दिया है।
चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही (H1) के मजबूत आंकड़ों को देखते हुए प्रबंधन ने मध्यम अवधि के वित्तीय लक्ष्यों में संशोधन किया है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) के लिए अपने रेवेन्यू गाइडेंस और EBITDA गाइडेंस दोनों में 1,000-1,000 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी की घोषणा की है। यह संशोधन लंबी अवधि में व्यापारिक विस्तार और कार्गो वॉल्यूम की स्थिरता पर प्रबंधन के भरोसे को दर्शाता है।
बाजार की सकारात्मक प्रतिक्रिया, शेयर में बढ़त
वित्तीय नतीजों और गाइडेंस में वृद्धि के ऐलान के बाद घरेलू शेयर बाजार में कंपनी के शेयरों में लिवाली का रुख देखा गया। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर अदाणी पोर्ट्स का शेयर 1.33 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,778 रुपये के स्तर पर कारोबार करता नजर आया।
विश्लेषकों का मानना है कि घरेलू स्तर पर लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के विस्तार और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पोर्ट्स के बढ़ते योगदान से कंपनी की वित्तीय स्थिति मजबूत बनी हुई है। बुनियादी ढांचा क्षेत्र में पूंजीगत व्यय और आपूर्ति शृंखला के आधुनिकीकरण के प्रयासों से कंपनी की कार्गो हैंडलिंग क्षमता में निरंतर सुधार देखा जा रहा है।
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