Bollywood: '120 बहादुर' विवाद पर फरहान अख्तर का स्पष्ट बयान: अहीर समाज के योगदान को सम्मान देने वाली फिल्म, नाम बदलने की मांग पर कही ये बात। 

बॉलीवुड अभिनेता और निर्माता फरहान अख्तर की आगामी फिल्म '120 बहादुर' रिलीज से पहले ही विवादों में घिर गई है। यह फिल्म 1962 के

Nov 21, 2025 - 11:00
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Bollywood: '120 बहादुर' विवाद पर फरहान अख्तर का स्पष्ट बयान: अहीर समाज के योगदान को सम्मान देने वाली फिल्म, नाम बदलने की मांग पर कही ये बात। 
'120 बहादुर' विवाद पर फरहान अख्तर का स्पष्ट बयान: अहीर समाज के योगदान को सम्मान देने वाली फिल्म, नाम बदलने की मांग पर कही ये बात। 

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता और निर्माता फरहान अख्तर की आगामी फिल्म '120 बहादुर' रिलीज से पहले ही विवादों में घिर गई है। यह फिल्म 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान रेजांग ला की ऐतिहासिक लड़ाई पर आधारित है, जहां 13 कुमाऊं रेजिमेंट के 120 सैनिकों ने चीनी सेना के हजारों सैनिकों का डटकर मुकाबला किया। इनमें से अधिकांश सैनिक अहीर समुदाय से थे, और मेजर शैतान सिंह भाटी के नेतृत्व में उन्होंने अपनी जान की बाजी लगा दी। फिल्म में फरहान अख्तर मेजर शैतान सिंह का किरदार निभा रहे हैं, लेकिन अहीर समाज का आरोप है कि फिल्म का नाम '120 वीर अहीर' होना चाहिए और प्रचार सामग्री में समुदाय के योगदान को नजरअंदाज किया गया है। इस प्रदर्शन और विवाद पर फरहान अख्तर ने खुलकर बात की है। उन्होंने कहा कि फिल्म पूरे समुदाय को सम्मान देती है, और अगर नाम 'मेजर शैतान सिंह' होता तो शायद विवाद न होता।

फिल्म '120 बहादुर' का ट्रेलर हाल ही में रिलीज हुआ, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। यह 21 नवंबर 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है। ट्रेलर में बर्फीले पहाड़ों के बीच युद्ध के दृश्य, सैनिकों का जज्बा और देशभक्ति की भावना दिखाई गई है। फरहान अख्तर का अभिनय इंटेंस लग रहा है, जहां वे मेजर शैतान सिंह के रूप में एक दृढ़ नायक के किरदार में नजर आ रहे हैं। राशी खन्ना फिल्म में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं, जो सैनिकों के परिवार की भावनाओं को दर्शाती है। फिल्म का निर्माण फरहान की प्रोडक्शन कंपनी एक्सेल एंटरटेनमेंट ने किया है, और निर्देशक विवान भटेना हैं। लेकिन रिलीज से महीनों पहले ही अहीर समाज ने विरोध शुरू कर दिया। गुरुग्राम में सितंबर 2025 में हजारों अहीर समुदाय के लोगों ने दिल्ली-जयपुर हाईवे पर प्रदर्शन किया। उन्होंने फरहान अख्तर का पुतला जलाया और नारे लगाए, '120 वीर अहीर'। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि रेजांग ला की लड़ाई में 114 से अधिक सैनिक अहीर थे, जो वीर चक्र विजेता थे। वे चाहते थे कि फिल्म का नाम बदलकर अहीर समुदाय को श्रेय दिया जाए।

यह विरोध केवल एक दिन का नहीं था। अक्टूबर 2025 में खेड़की दौला टोल से दिल्ली बॉर्डर तक पैदल मार्च निकाला गया। अखिल भारतीय यादव महासभा ने भी जयपुर में प्रदर्शन किया। समाज के नेताओं ने कहा कि फिल्म में मेजर शैतान सिंह को अकेला हीरो दिखाकर अन्य सैनिकों के बलिदान को कमतर आंका गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि हरियाणा और राजस्थान में फिल्म की रिलीज नहीं होने देंगे। प्रदर्शन के दौरान हाईवे जाम हो गया, और पुलिस को भारी फोर्स तैनात करनी पड़ी। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, 'हमारे पूर्वजों का बलिदान किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं। पूरी कंपनी ने लड़ाई लड़ी, इसलिए नाम '120 वीर अहीर' हो।' इस विवाद ने सोशल मीडिया पर भी तूल पकड़ा। ट्विटर पर 120VeerAhir और 120BahadurAhir जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे। कई यूजर्स ने फरहान से नाम बदलने की अपील की, जबकि कुछ ने फिल्म को देशभक्ति की कहानी बताकर समर्थन दिया।

फरहान अख्तर ने इस विवाद पर पहली बार नवंबर 2025 में 'आप की अदालत' शो में बात की। राजत शर्मा के सवाल पर उन्होंने कहा, 'अगर मैंने फिल्म का नाम 'मेजर शैतान सिंह' रखा होता, तो शायद कोई विवाद न होता। लेकिन नाम '120 बहादुर' इसलिए रखा गया क्योंकि यह पूरी कंपनी के साहस को दर्शाता है। फिल्म में हर सैनिक का योगदान दिखाया गया है। अहीर समुदाय के बहादुरों को हमने नजरअंदाज नहीं किया।' फरहान ने आगे जोड़ा कि ट्रेलर में फोकस मेजर पर है क्योंकि वे कमांडिंग ऑफिसर थे, लेकिन फिल्म में सभी 120 सैनिकों की कहानी है। उन्होंने अहीर रेजिमेंट के वॉर क्राई 'दादा किशन की जय' का भी जिक्र किया, जो फिल्म में इस्तेमाल किया गया है। एक महिला पत्रकार के सवाल पर फरहान ने स्पष्ट किया कि सभी जवान अहीर समाज से थे, इसलिए यह क्राई प्राकृतिक था। उन्होंने कहा, 'हमारा इरादा किसी को ठेस पहुंचाना नहीं। फिल्म बलिदान और एकता की कहानी है। उम्मीद है दर्शक इसे समझेंगे।'

फरहान का यह बयान विवाद को शांत करने का प्रयास लगता है। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि फिल्म रेजांग ला के शौर्य दिवस पर रिलीज हो रही है, जो 18 नवंबर को मनाया जाता है। 'यह फिल्म युवाओं को बताएगी कि हमारे सैनिकों ने क्या-क्या सहा। माइनस 50 डिग्री ठंड में बिना भोजन के उन्होंने दुश्मन को रोका।' विवाद बढ़ने पर अहीर समाज ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट ने 19 नवंबर 2025 को फैसला सुनाया कि फिल्म रिलीज हो सकती है, लेकिन इसमें कोई तथ्यात्मक गलती नहीं होनी चाहिए। जस्टिस ने कहा, 'इतनी संवेदनशीलता क्यों? फिल्म ऐतिहासिक घटना पर है, नाम पर इतना विवाद उचित नहीं।' फिल्ममेकर्स ने कोर्ट में हलफनामा दिया कि फिल्म में अहीर सैनिकों को पूरा सम्मान दिया गया है। इसके बाद रिलीज का रास्ता साफ हो गया।

रेजांग ला की लड़ाई की यादें आज भी ताजा हैं। 18 नवंबर 1962 को लद्दाख के रेजांग ला में 13 कुमाऊं रेजिमेंट की चार्ली कंपनी तैनात थी। मेजर शैतान सिंह के नेतृत्व में 120 सैनिकों ने 3000 से अधिक चीनी सैनिकों का सामना किया। बर्फीली चट्टानों पर बिना पर्याप्त हथियारों के उन्होंने 130 दुश्मन सैनिक मार गिराए। परिणामस्वरूप 114 सैनिक शहीद हो गए, जिनमें से ज्यादातर अहीर थे। मेजर शैतान सिंह को मरणोपरांत परमवीर चक्र मिला, और आठ सैनिकों को वीर चक्र। यह लड़ाई भारत की स्वतंत्रता के लिए एक मील का पत्थर थी। फिल्म इस घटना को पुनर्जीवित करने का प्रयास है। फरहान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'हमने असली सैनिकों के परिवारों से बात की। फिल्म में कोई काल्पनिक तत्व जोड़ा गया है, लेकिन मूल भावना वही है।'

विवाद के बावजूद फिल्म को समर्थन भी मिल रहा है। पूर्व क्रिकेटर रोहित शर्मा ने इंस्टाग्राम पर ट्रेलर शेयर कर तारीफ की। कई सेलिब्रिटी ने इसे देशभक्ति फिल्म बताया। लेकिन अहीर समाज का आक्रोश कम नहीं हुआ। एक नेता ने कहा, 'प्रचार में अहीर का जिक्र क्यों नहीं? हम फिल्म देखेंगे, लेकिन नाम बदलना जरूरी है।' फरहान ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, 'सभी बहादुरों को सलाम। यह फिल्म उनके जज्बे को अमर करेगी।' रिलीज से पहले 18 नवंबर को डिफेंस थिएटर्स में स्पेशल स्क्रीनिंग हुई, जहां सैनिक परिवारों ने तालियां बजाईं।

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