जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने राहुल गांधी के समर्थन में बयान दिया।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रदर्शन की सराहना करते हुए इंडिया ब्लॉक में लीडरशिप बदलाव की चर्चाओं को
- मणि शंकर अय्यर की ममता बनर्जी को इंडिया ब्लॉक लीडर बनाने की सलाह पर उमर ने सवाल उठाया
- राहुल गांधी लोकसभा में विपक्ष के नेता के रूप में बीजेपी को लगातार चुनौती दे रहे हैं
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रदर्शन की सराहना करते हुए इंडिया ब्लॉक में लीडरशिप बदलाव की चर्चाओं को खारिज कर दिया है। यह प्रतिक्रिया कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणि शंकर अय्यर के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को इंडिया ब्लॉक का नेता बनाने की सलाह दी थी। उमर अब्दुल्ला की पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस इंडिया ब्लॉक का हिस्सा है, और उन्होंने सोमवार को गुलमर्ग में खेलो इंडिया विंटर गेम्स के मौके पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राहुल गांधी लोकसभा में विपक्ष के नेता के तौर पर हर मौके पर मुद्दे उठाते हैं और बीजेपी तथा केंद्र सरकार को निशाने पर लेते हैं। उन्होंने पूछा कि राहुल गांधी से और क्या उम्मीद की जा रही है, क्योंकि वे लगातार बीजेपी का विरोध करते हैं और सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हैं। उमर ने स्पष्ट किया कि मणि शंकर अय्यर का बयान उनकी व्यक्तिगत राय है, लेकिन इंडिया ब्लॉक में लीडरशिप का फैसला सामूहिक रूप से लिया जाएगा।
मणि शंकर अय्यर ने रविवार को कोलकाता में दिए बयान में कहा था कि कांग्रेस को इंडिया ब्लॉक की लीडरशिप क्षेत्रीय दलों को सौंप देनी चाहिए और ममता बनर्जी इस भूमिका के लिए उपयुक्त हैं। उन्होंने दावा किया कि ममता बनर्जी के बिना इंडिया ब्लॉक का 'आई', 'एन', 'डी', 'आई', 'ए' सब खत्म हो जाएगा, क्योंकि वे गठबंधन की असली नेता हैं। अय्यर ने राहुल गांधी से सलाह दी कि वे इस पद पर बने रहने की बजाय क्षेत्रीय नेताओं जैसे एमके स्टालिन, अखिलेश यादव या तेजस्वी यादव को मौका दें। उन्होंने कहा कि छोटे दल की लीडरशिप से गठबंधन की एकता मजबूत होगी और राहुल गांधी के प्रधानमंत्री बनने की संभावनाएं बढ़ेंगी। अय्यर के इस बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी, क्योंकि यह इंडिया ब्लॉक में आंतरिक असहमति का संकेत देता है। कांग्रेस ने इस बयान से दूरी बनाई और कहा कि अय्यर की राय व्यक्तिगत है, पार्टी की आधिकारिक लाइन नहीं।
उमर अब्दुल्ला ने अय्यर के बयान को व्यक्तिगत राय बताते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति को अपनी राय रखने का पूरा अधिकार है, लेकिन इंडिया ब्लॉक में लीडरशिप पर कोई औपचारिक बैठक नहीं हुई है और न ही कोई चर्चा हुई है। उन्होंने जोर दिया कि गठबंधन के फैसले सामूहिक रूप से सदस्य दलों द्वारा लिए जाते हैं। उमर ने राहुल गांधी की भूमिका की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे बीजेपी को हर मुद्दे पर टारगेट करते हैं, सरकार की नीतियों का विरोध करते हैं और संसद में सक्रिय रहते हैं। उन्होंने पूछा कि विपक्ष के नेता की जिम्मेदारी क्या है अगर नहीं तो सरकार और सत्ताधारी पार्टी को जवाबदेह ठहराना। उमर ने कहा कि राहुल गांधी इस भूमिका में कोई कमी नहीं छोड़ रहे हैं। उनकी यह टिप्पणी कुछ महीने पहले इंडिया ब्लॉक को 'लाइफ सपोर्ट' पर होने की अपनी पुरानी टिप्पणी से अलग है, जो अब राहुल गांधी के समर्थन में बदल गई है।
यह विवाद इंडिया ब्लॉक की एकता और लीडरशिप पर सवाल उठा रहा है, खासकर 2024 लोकसभा चुनाव के बाद जहां कांग्रेस 99 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी और राहुल गांधी लोकसभा में विपक्ष के नेता बने। ब्लॉक में क्षेत्रीय दल जैसे टीएमसी, डीएमके, सपा और एनसी शामिल हैं, और कभी-कभी लीडरशिप पर असहमति सामने आती है। उमर अब्दुल्ला का बयान एनसी और कांग्रेस के बीच मजबूत समन्वय को दर्शाता है, क्योंकि जम्मू-कश्मीर में दोनों पार्टियां मिलकर काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि ब्लॉक का मुख्य उद्देश्य बीजेपी का विरोध करना है और राहुल गांधी इस काम को प्रभावी ढंग से कर रहे हैं। उमर ने यह भी स्पष्ट किया कि चुनावी सफलता हर क्षेत्र में अलग-अलग हो सकती है, लेकिन संसद में सरकार को जवाबदेह बनाने का काम राहुल गांधी अच्छे से कर रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह बयान इंडिया ब्लॉक में स्थिरता का संकेत है, क्योंकि प्रमुख घटक दल राहुल गांधी के नेतृत्व का समर्थन कर रहे हैं। ममता बनर्जी के नाम की चर्चा अय्यर के बयान से शुरू हुई, लेकिन टीएमसी ने भी इसे आधिकारिक रूप से आगे नहीं बढ़ाया। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि ब्लॉक की ताकत उसकी विविधता में है और लीडरशिप पर कोई विवाद नहीं है। उन्होंने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि वे विपक्ष में फूट डालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इंडिया ब्लॉक एकजुट है। यह घटना पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल को प्रभावित कर सकती है, जहां टीएमसी और कांग्रेस के बीच गठबंधन की चर्चा है।
उमर अब्दुल्ला का बयान राहुल गांधी के लिए मजबूत समर्थन है, जो लोकसभा में बीजेपी को लगातार चुनौती दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी हर मुद्दे पर सरकार को घेरते हैं और विपक्ष की आवाज मजबूत कर रहे हैं। अय्यर के बयान को व्यक्तिगत बताकर उमर ने ब्लॉक की एकता पर जोर दिया। यह स्थिति इंडिया ब्लॉक की आंतरिक गतिशीलता को दर्शाती है, जहां व्यक्तिगत राय आती हैं लेकिन सामूहिक फैसले होते हैं।
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