Eiffel Tower Chief Resigns: हिंदू प्रतिनिधिमंडल के दौरे पर महिला कर्मियों को हटाने का विवाद, एफिल टावर प्रमुख देंगे इस्तीफा
पेरिस के एफिल टावर संचालक कंपनी के डायरेक्टर जनरल पैट्रिक ब्रांको रुवो इस्तीफा देंगे। हिंदू संगठन BAPS प्रतिनिधिमंडल के दौरे में महिला कर्मचारियों को हटाने पर उपजा था विवाद।

- पेरिस के एफिल टावर प्रमुख पैट्रिक ब्रांको रुवो का पद छोड़ने का ऐलान, जानिए क्यों छिड़ा था महिला कर्मचारियों पर बड़ा विवाद
- France News: BAPS संतों के दौरे पर जेंडर भेदभाव के आरोपों से गरमाई राजनीति, एफिल टावर ऑपरेटिंग कंपनी के डीजी का इस्तीफा
- एफिल टावर विवाद में प्रशासनिक गाज: संचालक कंपनी SETE के डायरेक्टर जनरल साल के अंत तक छोड़ेंगे पद, पेरिस में विरोध तेज
फ्रांस की राजधानी पेरिस की ऐतिहासिक पहचान और वैश्विक पर्यटन के प्रमुख केंद्र एफिल टावर का प्रबंधन संभालने वाली कंपनी 'सोसाइटी डी'एक्सप्लोटेशन डी ला टूर एफिल' (SETE) के डायरेक्टर जनरल पैट्रिक ब्रांको रुवो (Patrick Branco Ruivo) ने अपने पद से हटने का फैसला किया है। वह चालू वर्ष के अंत तक अपने दायित्वों से मुक्त हो जाएंगे। यह निर्णय उस गंभीर प्रशासनिक और सामाजिक विवाद के बाद सामने आया है, जिसमें एक हिंदू धार्मिक संगठन, बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (BAPS), के साधु-संतों के प्रतिनिधिमंडल के दौरे के दौरान एफिल टावर पर तैनात महिला कर्मचारियों को कथित रूप से कार्यस्थल से हटाए जाने का मामला उजागर हुआ था।
इस घटनाक्रम ने फ्रांस के राजनीतिक गलियारों, कर्मचारी यूनियनों और नागरिक समाज में तीखी बहस छेड़ दी थी। फ्रांसीसी गणराज्य के धर्मनिरपेक्ष मूल्यों (Laïcité) और कार्यस्थल पर लैंगिक समानता के बुनियादी सिद्धांतों के उल्लंघन का हवाला देते हुए कर्मचारी यूनियनों ने इस कदम पर कड़ा ऐतराज जताया था, जिसके बाद प्रबंधन पर लगातार नैतिक और प्रशासनिक दबाव बढ़ रहा था।
- क्या था पूरा विवाद और कैसे शुरू हुई जांच?
मामला उस समय का है जब BAPS संस्था से जुड़े साधुओं और प्रतिनिधियों का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल एफिल टावर के आधिकारिक भ्रमण पर पहुंचा था। स्वामीनारायण परंपरा के संन्यास नियमों के तहत साधु महिलाओं से सीधा संपर्क या समीपता नहीं रखते हैं। इसी नियम के अनुपालन के संदर्भ में टावर प्रबंधन की ओर से कथित तौर पर यह निर्देश जारी किया गया था कि प्रतिनिधिमंडल के मार्ग और लिफ्ट संचालन से महिला कर्मियों को अस्थायी रूप से हटा दिया जाए और उनकी जगह पुरुष कर्मचारियों को तैनात किया जाए।
जैसे ही यह बात सामने आई, टावर की सुरक्षा, संचालन और ग्राहक सेवा से जुड़ी महिला कर्मचारियों ने इसे खुला लैंगिक भेदभाव करार दिया। कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाली प्रमुख ट्रेड यूनियनों (विशेष रूप से CGT) ने प्रबंधन के इस निर्देश का पुरजोर विरोध किया। यूनियनों का स्पष्ट कहना था कि किसी निजी या धार्मिक मान्यता के आधार पर किसी सार्वजनिक अथवा नगरपालिका से संबद्ध स्मारक पर कर्मचारियों के साथ उनके लिंग के आधार पर भेदभाव नहीं किया जा सकता।
- फ्रांस के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने और कार्यस्थल कानूनों पर सवाल
फ्रांस में धर्मनिरपेक्षता (Laïcité) कानून और सामाजिक व्यवस्था का एक अत्यंत संवेदनशील और अडिग स्तंभ है। फ्रांसीसी कानून के तहत सार्वजनिक सेवाओं और नगर निगम के नियंत्रण वाले संस्थानों में धार्मिक आग्रहों के आधार पर पेशेवर जिम्मेदारियों या कार्यस्थल की व्यवस्था में फेरबदल करने की अनुमति नहीं है।
कर्मचारी संगठनों ने पेरिस नगर निगम (Mairie de Paris), जो कि एफिल टावर की 99 प्रतिशत हिस्सेदारी वाली स्वामित्व संस्था है, से मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की थी। यूनियनों ने आरोप लगाया कि प्रबंधन ने एक वीआईपी धार्मिक समूह को संतुष्ट करने के लिए गणतंत्र के मूल सिद्धांतों, श्रम कानूनों और कर्मचारियों के सम्मान की अनदेखी की।
- पैट्रिक ब्रांको रुवो का कार्यकाल और इस्तीफे
पैट्रिक ब्रांको रुवो वर्ष 2019 से SETE के महानिदेशक के पद पर कार्यरत थे। उनके कार्यकाल के दौरान एफिल टावर ने कोविड-19 महामारी के गंभीर वित्तीय झटकों का सामना किया, जिसके बाद टावर के रखरखाव, पेंट्स और पेरिस ओलंपिक खेलों की तैयारियों को लेकर बड़े स्तर पर प्रबंधन कार्य किए गए। हालांकि, हाल के महीनों में वित्तीय घाटे और कर्मचारियों की हड़तालों के कारण प्रबंधन पहले से ही दबाव में था।
BAPS दौरे से उपजे विवाद ने आंतरिक असंतोष को चरम पर पहुंचा दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पेरिस नगर प्रशासन और आंतरिक जांच समितियों के समक्ष स्पष्टीकरण मांगा गया था। भारी विरोध और प्रशासनिक असहजता के बीच अब यह तय हो गया है कि पैट्रिक ब्रांको रुवो साल के अंत में अपनी सेवाएं समाप्त कर देंगे, ताकि संस्थान नए नेतृत्व के साथ आगे बढ़ सके।
पेरिस नगर निगम के अधिकारियों और SETE प्रबंधन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि किसी भी प्रकार का भेदभाव, चाहे वह लिंग, धर्म या जाति के आधार पर हो, स्वीकार्य नहीं है। नगर प्रशासन ने इस बात पर जोर दिया है कि एफिल टावर पेरिस और पूरे फ्रांस का खुला प्रतीक है, जहां समानता और कानून का शासन सर्वोपरि रहेगा।
प्रबंधन ने भविष्य में ऐसे वीआईपी दौरों और प्रोटोकॉल के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे धार्मिक या व्यक्तिगत मान्यताओं के नाम पर कर्मचारियों के पेशेवर अधिकारों और उनके आत्मसम्मान को किसी भी परिस्थिति में ठेस न पहुंचे।
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