Varanasi ISBT Project: वाराणसी के चांदपुर में 9 एकड़ पर बनेगा एयरपोर्ट जैसा हाईटेक बस टर्मिनल, शहर को मिलेगी जाम से मुक्ति
वाराणसी के चांदपुर में 9 एकड़ भूमि पर एयरपोर्ट की तर्ज पर हाईटेक अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (ISBT) बनेगा। इससे शहर में जाम की समस्या खत्म होगी और 6 राज्यों के लिए बसें मिलेंगी।

- Varanasi News: कैंट बस अड्डे का बोझ होगा कम, चांदपुर में नए अंतरराज्यीय बस अड्डे से 6 राज्यों के लिए मिलेंगी सीधी बसें
- काशी को नया इंफ्रास्ट्रक्चर गिफ्ट: चांदपुर में विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस बनेगा आईएसबीटी, पूर्वांचल की कनेक्टिविटी होगी मजबूत
- Varanasi Chandpur Bus Terminal: एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं से लैस होगा नया बस अड्डा, जानिए रूट, बजट और पूरा प्रोजेक्ट प्लान
वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अत्याधुनिक रूप देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। शहर के व्यस्त चांदपुर औद्योगिक क्षेत्र में लगभग 9 एकड़ भूमि पर हवाई अड्डे (Airport) जैसी विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस नया अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (Interstate Bus Terminal - ISBT) विकसित किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के धरातल पर उतरने से न केवल शहर के हृदय स्थल कैंट रेलवे स्टेशन और वर्तमान रोडवेज बस डिपो के आसपास लगने वाले भीषण जाम से स्थानीय जनता को मुक्ति मिलेगी, बल्कि पूर्वांचल समेत पड़ोसी राज्यों के यात्रियों को एक ही छत के नीचे सुगम परिवहन संपर्क उपलब्ध होगा।
वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) और उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) द्वारा संयुक्त रूप से तैयार की गई कार्ययोजना के तहत इस परियोजना की रूपरेखा को अंतिम रूप दे दिया गया है। चांदपुर स्थित उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPSIDA) की अनुपयोगी व उपयुक्त भूमि का चिन्हांकन कर इसे परिवहन विभाग के सुपुर्द करने की प्रशासनिक प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
- कैंट बस अड्डे पर दबाव और जाम की गंभीर समस्या
वर्तमान में वाराणसी का मुख्य बस अड्डा कैंट रेलवे स्टेशन के ठीक सामने स्थित है। यहां से प्रतिदिन 1200 से अधिक सरकारी और निजी बसों का आवागमन होता है।
कैंट क्षेत्र में बस डिपो और रेलवे स्टेशन आमने-सामने होने के कारण लहरतारा, अंधरापुल, नदेसर और चौकाघाट तक दिन भर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहती हैं। विशेष रूप से सुबह और शाम के पीक आवर्स तथा महाशिवरात्रि, देव दीपावली और सावन जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों के समय यह पूरा इलाका चोक हो जाता है। चांदपुर में नए आईएसबीटी के निर्माण के बाद शहर के बाहर से आने और लंबी दूरी तय करने वाली अंतरराज्यीय व अंतरजिला बसों को आउटर पर ही रोक लिया जाएगा। इससे शहर के अंदरूनी मार्गों पर भारी वाहनों का प्रवेश लगभग 60 से 70 प्रतिशत तक कम हो जाएगा।
- एयरपोर्ट जैसी क्या होंगी सुविधाएं?
चांदपुर में बनने वाले इस बस टर्मिनल को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल या सरकारी विशेष सहायता कोष के जरिए वर्ल्ड क्लास डिजाइन में तैयार किया जाएगा:
सेंट्रलाइज्ड एयर कंडीशंड वेटिंग लाउंज: यात्रियों के बैठने के लिए पूरी तरह वातानुकूलित लाउंज, जहां फ्लाइट की तर्ज पर डिजिटल स्क्रीन पर बसों के आगमन और प्रस्थान का रियल-टाइम डिस्प्ले होगा।
मल्टीलेवल पार्किंग और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स: यात्रियों के निजी वाहनों की सुरक्षा के लिए मल्टीलेवल कार व बाइक पार्किंग, फूड कोर्ट, कैफेटेरिया, क्लॉक रूम, एटीएम और शॉपिंग आउटलेट्स।
ई-बस चार्जिंग स्टेशन और मेंटेनेंस यार्ड: पर्यावरण अनुकूल इलेक्ट्रिक बसों (EVs) के लिए अत्याधुनिक चार्जिंग हब और वर्कशॉप की सुविधा।
दिव्यांगजन-अनुकूल इंफ्रास्ट्रक्चर: रैंप, स्वचालित सीढ़ियां (Escalators), लिफ्ट और दृष्टिबाधित यात्रियों के लिए ब्रेल साइनेज की व्यवस्था।
सुरक्षा और निगरानी: 24x7 हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी सर्विलांस, ऑटोमैटिक बूम बैरियर्स और पुलिस सहायता केंद्र।
- किन-किन राज्यों के लिए मिलेंगी सीधी बस सेवाएं?
चांदपुर टर्मिनल मुख्य रूप से रिंग रोड और राष्ट्रीय राजमार्गों से सुगम रूप से जुड़ा रहेगा, जिससे पड़ोसी राज्यों के लिए सीधी और निर्बाध बस कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी:
बिहार: पटना, गया, बक्सर, सासाराम, मुजफ्फरपुर और भागलपुर के लिए नियमित वोल्वो, जनरथ और साधारण सेवाएं।
झारखंड: रांची, जमशेदपुर, धनबाद और बोकारो के लिए दैनिक बसें।
मध्य प्रदेश: रीवा, सतना, जबलपुर और भोपाल की कनेक्टिविटी।
छत्तीसगढ़: अंबिकापुर, बिलासपुर और रायपुर के लिए इंटरस्टेट रूट्स।
पश्चिम बंगाल व ओडिशा: कोलकाता और भुवनेश्वर के लिए लंबी दूरी की लग्जरी स्लीपर बसें।
उत्तर प्रदेश के अन्य जिले: प्रयागराज, गोरखपुर, लखनऊ, कानपुर, अयोध्या और मिर्जापुर के लिए हर 15 से 20 मिनट में सेवाओं की उपलब्धता।
- रिंग रोड से सीधा जुड़ाव, यात्रियों का समय बचेगा
चांदपुर क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि यह शहर की आंतरिक सड़कों को छुए बिना बाबतपुर एयरपोर्ट, प्रयागराज हाईवे (NH-19) और वाराणसी रिंग रोड से जुड़ता है। बाहरी राज्यों से आने वाली बसों को शहर के भीतर प्रवेश करने की आवश्यकता नहीं होगी। वे सीधे हाईवे से टर्मिनल में दाखिल होंगी और वहीं से प्रस्थान करेंगी।
शहर के आंतरिक इलाकों से चांदपुर आईएसबीटी तक पहुंचने के लिए वाराणसी सिटी ट्रांसपोर्ट की इलेक्ट्रिक बसों (City E-Buses), ऑटो-रिक्शा और भविष्य की रोपवे/मेट्रो प्रणाली के साथ मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी स्थापित की जाएगी।
- रोजगार और क्षेत्रीय विकास को मिलेगी गति
चांदपुर में 9 एकड़ के इस विशाल प्रोजेक्ट से स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। टर्मिनल परिसर के भीतर दुकानें, हॉस्पिटैलिटी सेवाएं, ट्रैवल डेस्क और लॉजिस्टिक्स सपोर्ट सेंटर खुलने से स्थानीय युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) को तकनीकी स्वीकृति मिलने के बाद निविदा प्रक्रिया शुरू की जाएगी और निर्माण कार्य को निर्धारित समय-सीमा के भीतर चरणबद्ध तरीके से पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
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