सैलून की ग्रूमिंग सर्विसेज के नए दाम शनिवार 6 जून से हुए लागू, अब एक साधारण हेयरकट के लिए चुकाने होंगे 180 रुपये और शेविंग के लिए 120 रुपये।
लागू की गई नई दरों के विस्तृत चार्ट के हिसाब से, एक बेहद साधारण और नॉर्मल हेयरकट कराने के लिए अब ग्राहकों को अपनी जेब से 180 रुपये का भुगतान करना होगा, जो कि पहले की तुलना में काफी अधिक है। इसके अलावा, जो ग्राहक सैलून में केवल शेविंग कराने के उद्देश्य से जाते हैं
- महंगाई की चौतरफा मार के बीच अब हजामत कराना भी हुआ महंगा, नाई संगठनों ने हेयर कटिंग और शेविंग की दरों में की 20 फीसदी की भारी बढ़ोतरी।
- वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और अंतरराष्ट्रीय तनाव के चलते सैलून उत्पादों की बढ़ी लागत, नाई संगठनों ने दरों में वृद्धि कर आम जनता पर बढ़ाया आर्थिक बोझ।
देश की आम जनता पर लगातार बढ़ती महंगाई की चौतरफा मार पड़नी शुरू हो गई है, जिससे आम आदमी का घरेलू बजट पूरी तरह से डगमगा गया है। रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं जैसे पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और कई जरूरी खाद्य पदार्थों की आसमान छूती कीमतों के बाद अब आम नागरिकों के लिए अपनी व्यक्तिगत ग्रूमिंग यानी हजामत कराना भी काफी महंगा हो गया है। विभिन्न नाई संगठनों ने एक बड़ा फैसला लेते हुए हेयर कटिंग, शेविंग समेत तमाम ग्रूमिंग से जुड़ी सेवाओं के दामों में सीधे 20 प्रतिशत तक की भारी बढ़ोतरी कर दी है। यह बढ़ी हुई नई कीमतें शनिवार, 6 जून से पूरे राज्य में प्रभावी रूप से लागू भी हो गई हैं, जिससे सैलून जाने वाले ग्राहकों की जेब पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ना पूरी तरह से तय हो गया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, महाराष्ट्र के प्रमुख नाई संगठन के प्रतिनिधियों का इस मामले पर कहना है कि सैलून व्यवसाय में इस्तेमाल होने वाली विभिन्न प्रकार की आवश्यक सामग्रियों और सौंदर्य उत्पादों की लगातार बढ़ती लागत की वजह से उन्हें मजबूरी में यह कठोर फैसला लेना पड़ा है। संगठन के पदाधिकारियों ने इस मूल्य वृद्धि के पीछे के मुख्य कारणों को समझाते हुए बताया कि मौजूदा समय में वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। इसके साथ ही ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे कूटनीतिक व सैन्य तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार प्रभावित हुआ है, जिसके चलते सैलून में इस्तेमाल होने वाली रासायनिक चीजें, क्रीम, ब्लेड और अन्य उपकरण काफी महंगे हो गए हैं और इस बढ़ी हुई लागत का सीधा असर अब घरेलू बाजार पर साफ तौर पर दिखाई दे रहा है।
लागू की गई नई दरों के विस्तृत चार्ट के हिसाब से, एक बेहद साधारण और नॉर्मल हेयरकट कराने के लिए अब ग्राहकों को अपनी जेब से 180 रुपये का भुगतान करना होगा, जो कि पहले की तुलना में काफी अधिक है। इसके अलावा, जो ग्राहक सैलून में केवल शेविंग कराने के उद्देश्य से जाते हैं, उन्हें अब इस बुनियादी सेवा के लिए कम से कम 120 रुपये देने होंगे। वहीं, आधुनिक दौर में जो युवा या अन्य ग्राहक अपनी दाढ़ी को केवल ट्रिम और सेट करवाना पसंद करते हैं, उन्हें अब इसके लिए सीधे 150 रुपये की राशि अदा करनी होगी। इन बुनियादी ग्रूमिंग सेवाओं के दामों में हुई इस अचानक वृद्धि से मध्यवर्गीय और कामकाजी वर्ग के लोगों को अपने मासिक खर्चों में कटौती करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
बुनियादी सेवाओं की नई दरें
नॉर्मल हेयरकट: 180 रुपये
साधारण शेविंग: 120 रुपये
बीयर्ड ट्रिमिंग: 150 रुपये
यह सभी बुनियादी दरें शनिवार से अनिवार्य रूप से लागू कर दी गई हैं।
बुनियादी सेवाओं के साथ-साथ सैलून में दी जाने वाली अन्य रिलैक्सेशन और ग्रूमिंग सेवाओं की कीमतों में भी भारी इजाफा दर्ज किया गया है। नए रेट कार्ड के अनुसार, सैलून में सिर की मालिश यानी हेड मसाज की कीमत अब बढ़कर 180 रुपये तय कर दी गई है, जबकि बालों को धोने यानी हेयर वॉश की कीमत के लिए ग्राहकों को अब 120 रुपये का भुगतान करना होगा। नाई समुदाय के प्रतिनिधियों का मानना है कि इन सेवाओं में इस्तेमाल होने वाले शैंपू, तेल और पानी के साथ-साथ बिजली की दरों में भी काफी बढ़ोतरी हुई है, जिसके कारण इन छोटी-छोटी सेवाओं की कीमतों को बढ़ाना उनके व्यवसाय को जीवित रखने के लिए बेहद जरूरी हो गया था।
प्रीमियम और एडवांस ग्रूमिंग सर्विसेज का शौक रखने वाले ग्राहकों के लिए भी अब सैलून का चक्कर लगाना काफी खर्चीला सौदा साबित होने वाला है। नए मूल्य ढांचे के तहत, त्वचा की देखभाल से जुड़े विभिन्न फेशियल ट्रीटमेंट की शुरुआती कीमत अब सीधे 700 रुपये से शुरू होगी, जो कि विभिन्न ब्रांड्स और ट्रीटमेंट के हिसाब से और भी ऊपर जा सकती है। इसके अलावा, बालों की बेहतर देखभाल और कंडीशनिंग के लिए कराए जाने वाले हेयर स्पा की न्यूनतम कीमत अब 600 रुपये निर्धारित कर दी गई है। इस तरह की प्रीमियम श्रेणी की सेवाओं में इस्तेमाल होने वाले कॉस्मेटिक और केमिकल प्रोडक्ट्स सीधे तौर पर आयात या बड़ी कंपनियों से जुड़े होते हैं, जिनकी थोक कीमतों में हाल के दिनों में भारी उछाल आया है।
प्रीमियम सर्विसेज का नया रेट कार्ड
सिर की मालिश: 180 रुपये
बाल धोना (हेयर वॉश): 120 रुपये
फेशियल ट्रीटमेंट: 700 रुपये से शुरू
हेयर स्पा: 600 रुपये से शुरू
प्रीमियम सौंदर्य उत्पादों की बढ़ती कीमतों के कारण इन लग्जरी सेवाओं के दाम बढ़ाए गए हैं।
महाराष्ट्र नाभिक महामंडल के प्रमुख पदाधिकारियों ने इस पूरे मामले पर अपना रुख स्पष्ट करते हुए बताया कि पिछले कुछ महीनों के दौरान सैलून मालिकों पर परिचालन लागत का बोझ बहुत ज्यादा बढ़ गया है। दुकानों का किराया, वाणिज्यिक बिजली के बिल, कारीगरों की बढ़ती मजदूरी और दैनिक उपयोग के सामानों की महंगाई ने सैलून व्यवसाय के मुनाफे को पूरी तरह से समाप्त कर दिया था। पदाधिकारियों के मुताबिक, लंबे समय तक घाटा सहने के बाद और अपने परिवारों व कर्मचारियों की आजीविका को सुरक्षित रखने के लिए उनके पास सेवाओं की कीमतों में 20 प्रतिशत की फ्लैट बढ़ोतरी करने के अलावा अन्य कोई विकल्प शेष नहीं बचा था।
मूल्य वृद्धि के मुख्य वैश्विक कारण
ईरान-अमेरिका के बीच जारी भू-राजनीतिक तनाव।
वैश्विक बाजार में आर्थिक अनिश्चितता का दौर।
ग्रूमिंग प्रोडक्ट्स और रासायनिक कच्चे माल की आयात लागत में बढ़ोतरी।
इन अंतरराष्ट्रीय कारकों की वजह से स्थानीय सैलून व्यवसाय सीधे तौर पर प्रभावित हुआ है।
इस नई मूल्य वृद्धि के बाद से आम जनता के बीच मिश्रित लेकिन मुख्य रूप से चिंताजनक प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं, क्योंकि लोग पहले से ही रसोई गैस, सब्जियों, दूध और परिवहन के महंगे होने से परेशान थे। अब हर महीने कराई जाने वाली इस बेहद अनिवार्य शारीरिक ग्रूमिंग सेवा के महंगे होने से लोगों के बजट पर एक और नया वित्तीय भार आ गया है। दूसरी तरफ, छोटे सैलून संचालकों का कहना है कि यदि वे कीमतें नहीं बढ़ाते तो उनके लिए अपनी दुकानों का किराया और बिजली बिल निकालना भी असंभव हो जाता। फिलहाल यह नई दरें पूरे महाराष्ट्र में पूरी तरह से प्रभावी हो चुकी हैं और आने वाले दिनों में देश के अन्य राज्यों के नाई संगठन भी इसी तरह के कदम उठाने पर विचार कर रहे हैं।
What's Your Reaction?







