मध्य प्रदेश में रिटायर्ड डीएसपी के साथ लूटपाट, मां-बेटे ने रस्सी से बांधकर एटीएम कार्ड और नकदी लूटी।
Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां रिटायर्ड डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (डीएसपी) प्रतिपाल सिंह यादव के साथ उनके ही घर में लूटपाट
मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां रिटायर्ड डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (डीएसपी) प्रतिपाल सिंह यादव के साथ उनके ही घर में लूटपाट की गई। इस घटना में उनकी पत्नी ममता यादव और सौतेले बेटे रवि यादव ने मिलकर उन्हें रस्सी से बांधा और उनके एटीएम कार्ड, 50,000 रुपये नकद, मोबाइल फोन और अन्य कीमती सामान लूट लिया। यह वारदात 23 अगस्त 2025 को शिवपुरी के फतेहपुर रोड स्थित उनके घर पर हुई। पुलिस ने इस मामले में ममता और रवि को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीसरा संदिग्ध, रवि का दोस्त अमर यादव, फरार है। जांच में पता चला कि इस लूटपाट के पीछे पारिवारिक विवाद और संपत्ति का लालच मुख्य कारण था।
प्रतिपाल सिंह यादव, जो हाल ही में मध्य प्रदेश पुलिस से डीएसपी के पद से रिटायर हुए थे, अपने घर पर अकेले थे, जब यह घटना हुई। पुलिस के अनुसार, 23 अगस्त की रात करीब 8:30 बजे ममता यादव और उनके बेटे रवि ने प्रतिपाल को पहले बहस में उलझाया। इसके बाद दोनों ने मिलकर उन्हें कुर्सी पर रस्सी से बांध दिया। रवि ने अपने दोस्त अमर यादव को भी बुलाया, जो इस साजिश में शामिल था। तीनों ने मिलकर प्रतिपाल को डराया और उनके एटीएम कार्ड, 50,000 रुपये नकद, मोबाइल फोन और कुछ गहने लूट लिए। लूटपाट के बाद तीनों मौके से फरार हो गए। प्रतिपाल ने किसी तरह खुद को रस्सी से छुड़ाया और पड़ोसियों की मदद से पुलिस को सूचना दी। शिवपुरी पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की और 24 अगस्त को ममता और रवि को शहर के बाहरी इलाके से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके पास से लूटा गया एटीएम कार्ड, 30,000 रुपये नकद और मोबाइल फोन बरामद किया। अमर यादव की तलाश में पुलिस की टीमें ग्वालियर और आसपास के इलाकों में छापेमारी कर रही हैं। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 308(2) (लूट), 351(2) (आपराधिक धमकी), और 61(2) (आपराधिक साजिश) के तहत मामला दर्ज किया है। शिवपुरी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अमरनाथ शर्मा ने बताया कि यह एक सुनियोजित साजिश थी, और जांच में अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
जांच में सामने आया कि ममता और रवि का प्रतिपाल के साथ लंबे समय से संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। ममता, जो प्रतिपाल की दूसरी पत्नी हैं, और उनके बेटे रवि को लगता था कि प्रतिपाल अपनी संपत्ति का बड़ा हिस्सा अपनी पहली पत्नी के बच्चों को देना चाहते थे। इस विवाद ने पिछले कुछ महीनों में हिंसक रूप ले लिया था। ममता ने कई बार प्रतिपाल के साथ मारपीट की थी, और रवि ने भी उन्हें धमकाया था। पुलिस को मिले सीसीटीवी फुटेज में ममता और रवि को प्रतिपाल के साथ बहस करते और उन्हें बांधते हुए देखा गया। एक पड़ोसी ने बताया कि उस रात घर से चीखने की आवाजें सुनाई दी थीं, लेकिन जब तक लोग पहुंचे, हमलावर फरार हो चुके थे। प्रतिपाल ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि ममता और रवि ने पहले भी कई बार उनसे पैसे की मांग की थी। उन्होंने कहा, “मैंने ममता को घर चलाने के लिए हर महीने पैसे दिए, लेकिन उनकी मांगें बढ़ती गईं। उस रात उन्होंने मुझे धमकाया और कहा कि अगर मैंने पैसे नहीं दिए, तो वे मुझे जान से मार देंगे।” प्रतिपाल ने यह भी बताया कि रवि का दोस्त अमर पहले भी उनके घर आ चुका था और उसने संदिग्ध व्यवहार दिखाया था। प्रतिपाल की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और तुरंत जांच शुरू की। यह घटना शिवपुरी में चर्चा का विषय बन गई है। एक रिटायर्ड डीएसपी, जिन्होंने 30 साल तक पुलिस में सेवा दी, उनके साथ उनके ही परिवार द्वारा ऐसी वारदात ने स्थानीय लोगों को स्तब्ध कर दिया। शिवपुरी के एक सामाजिक कार्यकर्ता रमेश सेंगर ने कहा, “यह शर्मनाक है कि एक पुलिस अधिकारी, जिन्होंने समाज की सुरक्षा के लिए इतने साल काम किया, उनके साथ उनके ही परिवार ने ऐसा किया।” इस घटना ने पारिवारिक रिश्तों में विश्वास की कमी और संपत्ति के लालच को सामने लाया है।
पुलिस ने बताया कि ममता और रवि को 25 अगस्त को स्थानीय कोर्ट में पेश किया गया, जहां उनकी पुलिस हिरासत को सात दिन के लिए बढ़ा दिया गया। जांच में यह भी पता चला कि रवि और अमर ने लूटे गए एटीएम कार्ड से कुछ पैसे निकालने की कोशिश की थी, लेकिन कार्ड में पिन लॉक होने के कारण वे असफल रहे। पुलिस ने बैंक से संपर्क कर कार्ड से संबंधित लेनदेन की जानकारी मांगी है। इसके अलावा, पुलिस ने घर के आसपास के सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल कॉल रिकॉर्ड की जांच शुरू की है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस साजिश में और कौन-कौन शामिल था। इस घटना ने मध्य प्रदेश में रिटायर्ड पुलिस अधिकारियों की सुरक्षा पर भी सवाल उठाए हैं। प्रतिपाल जैसे कई रिटायर्ड अधिकारी ग्रामीण इलाकों में रहते हैं, जहां सुरक्षा व्यवस्था उतनी मजबूत नहीं होती। स्थानीय लोग अब मांग कर रहे हैं कि रिटायर्ड अधिकारियों के लिए विशेष सुरक्षा प्रावधान किए जाएं। शिवपुरी के एक अन्य निवासी ने कहा, “अगर एक डीएसपी अपने घर में सुरक्षित नहीं है, तो आम आदमी का क्या होगा?”
इस मामले ने सामाजिक और पारिवारिक स्तर पर कई सवाल खड़े किए हैं। ममता और रवि के इस कृत्य ने न केवल उनके परिवार को तोड़ा, बल्कि समाज में संपत्ति के लालच और पारिवारिक विवादों के गंभीर परिणामों को भी सामने लाया। पुलिस ने बताया कि ममता ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह और रवि पैसों की तंगी से जूझ रहे थे। रवि बेरोजगार था और उसका दोस्त अमर उसे गलत रास्ते पर ले जा रहा था। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या अमर का कोई आपराधिक रिकॉर्ड है। इस घटना के बाद प्रतिपाल को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। उनके हाथ और पैर में रस्सी से बांधने के निशान थे, और उन्हें मामूली चोटें भी आई थीं। डॉक्टरों ने बताया कि वह सदमे में हैं, लेकिन उनकी जान को कोई खतरा नहीं है। प्रतिपाल ने अपने बयान में कहा, “मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरे अपने लोग मेरे साथ ऐसा करेंगे। मैं अब भी विश्वास नहीं कर पा रहा हूं। यह घटना मध्य प्रदेश में हाल के दिनों में हुई कई आपराधिक वारदातों में से एक है। हाल ही में छतरपुर जिले में एक एटीएम कैश वैन से 61 लाख रुपये की लूट और जबलपुर में एक बैंक से 15 करोड़ रुपये की डकैती ने पुलिस की चुनौतियों को बढ़ा दिया है। इन घटनाओं ने राज्य में कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, इस मामले में पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने लोगों का भरोसा बढ़ाया है।
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