महाराष्ट्र TET पेपर लीक: बिहार के हाजीपुर में SIT की बड़ी कार्रवाई, साइबर कैफे से जुड़े तार

महाराष्ट्र TET पेपर लीक मामले की जांच अब बिहार तक पहुँच गई है। महाराष्ट्र SIT ने बिहार STF के साथ मिलकर हाजीपुर में एक साइबर कैफे में छापेमारी की है। जानें पूरा अपडेट।

Jul 2, 2026 - 12:50
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महाराष्ट्र TET पेपर लीक: बिहार के हाजीपुर में SIT की बड़ी कार्रवाई, साइबर कैफे से जुड़े तार
Maharashtra TET paper leak
  • Maharashtra TET Scam: हाजीपुर में महाराष्ट्र पुलिस का छापा, पेपर लीक मामले में बिहार कनेक्शन का खुलासा
  • महाराष्ट्र TET पेपर लीक: बिहार के हाजीपुर में महाराष्ट्र SIT की रेड, साइबर कैफे से मिलीं अहम कड़ियां
  • BREAKING: महाराष्ट्र TET पेपर लीक मामले में बिहार में बड़ी रेड, हाजीपुर के साइबर कैफे से खुला बड़ा नेटवर्क

महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पेपर लीक मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है, जिसके तार अब सीधे बिहार से जुड़ गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने बिहार एसटीएफ और स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर वैशाली जिले के हाजीपुर में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। हाजीपुर नगर थाना क्षेत्र के कचहरी रोड स्थित एक प्रमुख साइबर कैफे में की गई इस छापेमारी से परीक्षा घोटाले के नेटवर्क के विस्तार होने के संकेत मिले हैं। जांच एजेंसियां अब उन डिजिटल साक्ष्यों को खंगाल रही हैं जो पेपर लीक और गिरोह के संचालन से जुड़े हो सकते हैं।

महाराष्ट्र TET पेपर लीक मामला राज्य के शिक्षा विभाग और भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर एक बड़ा सवालिया निशान बन गया है। इस मामले में मुख्य रूप से परीक्षा प्रश्नपत्रों को अवैध रूप से लीक करने और उन्हें अभ्यर्थियों को बेचने का आरोप है। हालिया जांच में महाराष्ट्र SIT को तकनीकी इनपुट मिले थे, जिनसे यह पुष्टि हुई कि इस घोटाले के पीछे काम करने वाले गिरोह के सदस्य न केवल महाराष्ट्र में सक्रिय हैं, बल्कि उनके अंतरराज्यीय संपर्क भी हैं। इसी क्रम में हाजीपुर के इस साइबर कैफे को मुख्य केंद्र के रूप में चिन्हित किया गया था।

महाराष्ट्र से आई SIT टीम ने बिहार पुलिस के सहयोग से हाजीपुर के कचहरी रोड स्थित 'क्विक डिजिटल साइबर कैफे' को अपनी जांच का केंद्र बनाया। सूत्रों के अनुसार, टीम ने कैफे के कंप्यूटर, सर्वर और अन्य डिजिटल उपकरणों को घंटों खंगाला। इस दौरान कैफे संचालक और वहां से जुड़े संदिग्धों के लेनदेन का विवरण भी जुटाया गया है। यह छापेमारी इस बात का संकेत है कि पेपर लीक करने वाला यह गिरोह तकनीक का सहारा लेकर महाराष्ट्र और बिहार के बीच एक सुरक्षित नेटवर्क चला रहा था। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या बिहार से ही डिजिटल माध्यमों से प्रश्नपत्रों को महाराष्ट्र भेजा जा रहा था।

इस छापेमारी के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने फिलहाल अधिकृत बयान देने से परहेज किया है, लेकिन यह स्पष्ट किया है कि महाराष्ट्र पुलिस को पूरा सहयोग दिया जा रहा है। SIT के अधिकारियों का कहना है कि यह एक सोची-समझी साजिश है जिसका उद्देश्य राज्य की परीक्षाओं की अखंडता को नुकसान पहुँचाना है। वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा जगत में हड़कंप मच गया है। अभी तक कैफे संचालक की ओर से कोई सफाई नहीं आई है, लेकिन पुलिस की पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आने की उम्मीद है।

इस घोटाले का सीधा असर लाखों उन छात्रों पर पड़ा है जिन्होंने कड़ी मेहनत से इस परीक्षा की तैयारी की थी। पेपर लीक होने से न केवल भर्ती प्रक्रिया बाधित हुई है, बल्कि सरकार की साख पर भी असर पड़ा है। अंतरराज्यीय स्तर पर हो रही इन कार्रवाइयों से यह साफ है कि शिक्षा माफिया का जाल अब राज्यों की सीमाओं से बाहर फैल चुका है। आने वाले समय में इस मामले में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां संभव हैं, जिससे कई प्रभावशाली लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं।

महाराष्ट्र SIT अब जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच कराएगी। पुलिस का अगला कदम उन खातों और मोबाइल नंबरों को ट्रैक करना है जो हाजीपुर के इस कैफे से जुड़े थे। पुलिस उन अभ्यर्थियों की सूची भी तैयार कर रही है जिन्होंने संदिग्ध तरीके से इस गिरोह से संपर्क किया था। जांच का दायरा बढ़ाते हुए पुलिस अब उन अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी की तैयारी कर रही है जो इस नेटवर्क का हिस्सा हो सकते हैं।

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