Ajab Gajab: लुटेरी दुल्हनों के दौर में आया लुटेरा दूल्हा, 80 रिश्तेदारों से 5 करोड़ की ठगी, झारखंड की सरोज लकड़ा को ठगा।
झारखंड के गुमला जिले की रहने वाली सरोज लकड़ा की मुलाकात मुकुंदगढ़, झुंझुनूं निवासी सुनील कुमार से हुई थी। दोनों के बीच प्यार हुआ, और यह रिश्ता शादी ....
Ajab Gajab: लुटेरी दुल्हनों की कहानियां तो आपने कई बार सुनी होंगी, लेकिन राजस्थान के झुंझुनूं जिले में एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां दूल्हा ही लुटेरा निकला। झारखंड की सरोज लकड़ा अपने पति की तलाश में 1,200 किलोमीटर का सफर तय कर झुंझुनूं पहुंची, तब उसे अपने पति सुनील कुमार की असलियत का पता चला। सुनील ने न केवल सरोज के साथ धोखा किया, बल्कि उसके 70-80 रिश्तेदारों से ट्रेडिंग बिजनेस के नाम पर 5 करोड़ रुपये की ठगी की और फरार हो गया। इस सनसनीखेज मामले ने न केवल सरोज के सपनों को चकनाचूर किया, बल्कि समाज में विश्वास और रिश्तों की नींव को भी हिला दिया।
- कैसे शुरू हुई यह ठगी की कहानी
झारखंड के गुमला जिले की रहने वाली सरोज लकड़ा की मुलाकात मुकुंदगढ़, झुंझुनूं निवासी सुनील कुमार से हुई थी। दोनों के बीच प्यार हुआ, और यह रिश्ता शादी तक पहुंचा। 17 मई 2023 को सरोज और सुनील ने झारखंड में कोर्ट मैरिज की, और फिर 28 दिसंबर 2023 को चर्च में पारंपरिक विवाह समारोह आयोजित किया गया। शुरुआती कुछ महीने सब कुछ एक परीकथा की तरह था—प्यार, विश्वास, और खुशहाल जिंदगी का वादा। लेकिन यह खूबसूरत सपना जल्द ही एक दर्दनाक सच्चाई में बदल गया।
5 अगस्त 2024 को सुनील ने सरोज से कहा, "मैं अभी आता हूं," और फिर वह कभी वापस नहीं लौटा। सुनील ने न केवल सरोज को धोखा दिया, बल्कि उसके रिश्तेदारों से भी करोड़ों रुपये की ठगी की। उसने ट्रेडिंग बिजनेस के नाम पर सरोज के 70-80 रिश्तेदारों से 5 करोड़ रुपये ऐंठ लिए। इतना ही नहीं, सुनील ने सरोज के नाम पर गहने गिरवी रखकर 8 लाख रुपये का लोन भी लिया, जिसका बोझ अब सरोज पर है।
- 1,200 किलोमीटर का सफर और पुलिस की शरण
जब सुनील अचानक गायब हुआ, तो सरोज ने उसकी तलाश शुरू की। झारखंड में उसने स्थानीय पुलिस में सुनील के खिलाफ FIR दर्ज करवाई, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिला। आखिरकार, सुनील के गृहनगर मुकुंदगढ़ का पता लगाकर सरोज अपने 10-12 परिजनों के साथ झुंझुनूं पहुंची। वहां उसने झुंझुनूं पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) फूलचंद मीणा को ज्ञापन सौंपा। सरोज ने पुलिस से गुहार लगाई कि सुनील को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और ठगे गए 5 करोड़ रुपये की वसूली की जाए।
सरोज ने बताया कि सुनील ने पहले उसका विश्वास जीता, फिर उसके रिश्तेदारों को अपने ट्रेडिंग बिजनेस में निवेश के लिए लालच दिया। उसने ऊंचे मुनाफे का वादा कर रिश्तेदारों से भारी-भरकम रकम जुटाई और फिर सब कुछ लेकर फरार हो गया। इस ठगी ने न केवल सरोज को भावनात्मक रूप से तोड़ा, बल्कि उसके परिवार और रिश्तेदारों को भी आर्थिक संकट में डाल दिया।
- लुटेरी दुल्हनों के दौर में लुटेरा दूल्हा
भारत में लुटेरी दुल्हनों की घटनाएं कोई नई बात नहीं हैं। हाल ही में सवाई माधोपुर पुलिस ने भोपाल से एक ऐसी लुटेरी दुल्हन अनुराधा को गिरफ्तार किया, जिसने 7 महीनों में 25 शादियां कर लाखों रुपये की ठगी की थी। लेकिन झुंझुनूं का यह मामला उल्टा है, जहां दूल्हा ही लुटेरा निकला। सुनील कुमार ने न केवल अपनी पत्नी को धोखा दिया, बल्कि उसके पूरे सामाजिक दायरे को अपने जाल में फंसाया। यह मामला इस बात का सबूत है कि ठगी के लिए अब सिर्फ महिलाएं ही नहीं, पुरुष भी नए-नए तरीके अपना रहे हैं।
ठगी का तरीका: सुनील का मास्टरप्लान
- सुनील कुमार ने ठगी का एक सुनियोजित तरीका अपनाया:
विश्वास जीतना: सुनील ने पहले सरOJ के साथ प्रेम विवाह कर उसका भरोसा जीता। कोर्ट मैरिज और चर्च में शादी जैसे कदमों ने सरोज को यह विश्वास दिलाया कि सुनील एक भरोसेमंद इंसान है।
रिश्तेदारों को जाल में फंसाना: सुनील ने सरोज के रिश्तेदारों को ट्रेडिंग बिजनेस में निवेश के लिए लुभाया। उसने ऊंचे रिटर्न का वादा किया और करीब 70-80 लोगों से 5 करोड़ रुपये जुटाए।
गहनों पर लोन: सुनील ने सरोज के नाम पर गहने गिरवी रखकर 8 लाख रुपये का लोन लिया, जिसका जिम्मा अब सरोज पर है।
अचानक गायब होना: 5 अगस्त 2024 को सुनील बिना किसी सुराग के गायब हो गया, जिससे सरोज और उसके रिश्तेदार सदमे में आ गए।
झारखंड पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू की थी और झुंझुनूं में सुनील की तलाश की, लेकिन वह हाथ नहीं आया। अब झुंझुनूं पुलिस ने सरोज की शिकायत पर मामले को गंभीरता से लिया है। ASP फूलचंद मीणा ने आश्वासन दिया है कि सुनील की तलाश के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। हालांकि, सुनील के फरार होने और उसके ठिकाने का कोई सुराग न होने से पुलिस के सामने कई चुनौतियां हैं।
पुलिस का मानना है कि सुनील ने इस ठगी को अकेले नहीं, बल्कि किसी गिरोह के साथ मिलकर अंजाम दिया हो सकता है। ऐसे में जांच को और गहरा करने की जरूरत है। साथ ही, यह भी जांच का विषय है कि क्या सुनील ने पहले भी इस तरह की ठगी की है या यह उसका पहला अपराध है। इस घटना ने सरोज और उसके परिवार पर गहरा प्रभाव डाला है। 5 करोड़ रुपये की ठगी ने सरोज के रिश्तेदारों को भारी आर्थिक संकट में डाल दिया। कई लोगों ने अपनी जमा-पूंजी और कर्ज लेकर सुनील को पैसे दिए थे। सरोज के लिए यह दोहरा धोखा है—प्यार में विश्वासघात और आर्थिक ठगी। उसका अपने पति पर भरोसा टूट चुका है, और वह अब न्याय की तलाश में भटक रही है। इस तरह की घटनाएं समाज में रिश्तों पर सवाल उठाती हैं। खासकर, शादी जैसे पवित्र बंधन का दुरुपयोग ठगी के लिए होने से लोग रिश्तों पर भरोसा करने से हिचकने लगते हैं।
लुटेरी दुल्हनों और दूल्हों की बढ़ती घटनाएं
हाल के वर्षों में, भारत में लुटेरी दुल्हनों और अब लुटेरे दूल्हों की घटनाएं बढ़ रही हैं। कुछ उल्लेखनीय मामले:
सवाई माधोपुर: 23 वर्षीय अनुराधा ने 7 महीनों में 25 शादियां कर लाखों रुपये की ठगी की। उसे भोपाल से गिरफ्तार किया गया।
जयपुर: सीमा उर्फ निक्की ने मैट्रिमोनियल साइट्स के जरिए अमीर पुरुषों को निशाना बनाकर 1.25 करोड़ रुपये की ठगी की।
अलवर: एक लुटेरी दुल्हन और उसका पति मिलकर 5 शादियां कर ठगी कर चुके थे।
झुंझुनूं का यह मामला न केवल एक ठगी की कहानी है, बल्कि रिश्तों में विश्वास के टूटने का दुखद उदाहरण भी है। सरोज लकड़ा का 1,200 किलोमीटर का सफर और उसकी न्याय की गुहार समाज के लिए एक चेतावनी है। सुनील कुमार जैसे लोग न केवल व्यक्तियों को ठगते हैं, बल्कि सामाजिक विश्वास को भी चोट पहुंचाते हैं। झुंझुनूं पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है, और उम्मीद है कि सुनील जल्द ही कानून की गिरफ्त में होगा।
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