नासिक में भीषण सड़क हादसा: अनियंत्रित होकर गहरे कुएं में गिरी कार, एक ही परिवार के 9 लोगों की दर्दनाक मौत।

महाराष्ट्र के नासिक जिले से एक हृदय विदारक समाचार सामने आया है, जहाँ एक भीषण सड़क दुर्घटना ने एक ही परिवार की खुशियों को मातम

Apr 4, 2026 - 16:29
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नासिक में भीषण सड़क हादसा: अनियंत्रित होकर गहरे कुएं में गिरी कार, एक ही परिवार के 9 लोगों की दर्दनाक मौत।
नासिक में भीषण सड़क हादसा: अनियंत्रित होकर गहरे कुएं में गिरी कार, एक ही परिवार के 9 लोगों की दर्दनाक मौत।
  • निजी कार्यक्रम से लौट रहा था दरगोडे परिवार, 6 मासूम बच्चों सहित 9 सदस्यों ने मौके पर ही तोड़ा दम, इंदोरे गांव में पसरा मातम
  • दिंडोरी तालुका के शिवाजीनगर में आधी रात को हुआ खौफनाक हादसा, क्रेन और हाइड्रोलिक मशीन की मदद से निकाले गए शव

महाराष्ट्र के नासिक जिले से एक हृदय विदारक समाचार सामने आया है, जहाँ एक भीषण सड़क दुर्घटना ने एक ही परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। जिले के दिंडोरी तालुका के अंतर्गत आने वाले शिवाजीनगर क्षेत्र में शुक्रवार की रात करीब 10 बजे एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे स्थित एक गहरे और पानी से भरे कुएं में जा गिरी। इस दर्दनाक हादसे में कार में सवार सभी 9 लोगों की डूबने और चोट लगने के कारण मौके पर ही मौत हो गई। प्रारंभिक जांच और स्थानीय प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मरने वाले सभी लोग दिंडोरी तालुका के इंदोरे गांव के रहने वाले 'दरगोडे' (कुछ रिपोर्टों में दरगुडे) परिवार के सदस्य थे। इस घटना ने न केवल पीड़ित परिवार को बल्कि पूरे नासिक जिले को झकझोर कर रख दिया है।

हादसे का शिकार हुआ परिवार एक निजी कार्यक्रम (स्नेह-सम्मेलन) में शामिल होकर वापस अपने गांव इंदोरे लौट रहा था। चश्मदीदों और पुलिस के अनुसार, जब उनकी मारुति XL6 कार (रजिस्ट्रेशन नंबर MH 15 JS 1053) शिवाजीनगर के पास राजू राजे के खेत के पास पहुँची, तो अचानक चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया। सड़क किनारे बना कुआं खुला हुआ था और उसमें सुरक्षा के लिए कोई मजबूत दीवार या रेलिंग नहीं थी। अनियंत्रित कार सीधे छलांग लगाते हुए कुएं के गहरे पानी में जा समाई। रात का समय और सुनसान इलाका होने के कारण बचाव कार्य शुरू होने में कुछ समय लगा, तब तक कार पूरी तरह पानी में डूब चुकी थी और भीतर फंसे लोगों को बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं मिला।

मासूम बच्चों ने गंवाई जान

इस हादसे की सबसे दुखद बात यह है कि मृतकों में 6 मासूम बच्चे शामिल हैं। दरगोडे परिवार के ये बच्चे अपने माता-पिता के साथ कार्यक्रम का आनंद लेकर लौट रहे थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। मृतकों में 7 साल की समृद्धि से लेकर 14 साल के किशोर तक शामिल थे। एक ही झटके में परिवार की एक पूरी पीढ़ी खत्म हो गई, जिससे गांव में हर आंख नम है।

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय ग्रामीण और दिंडोरी पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुँची। हालांकि, रात के अंधेरे और कुएं में पानी की अधिक गहराई के कारण बचाव कार्य में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत क्रेन और हाइड्रोलिक मशीनों को मौके पर बुलाया गया। एनडीआरएफ (NDRF) की टीम और स्थानीय गोताखोरों की मदद से मध्यरात्रि के बाद करीब 1 बजे कार को पानी से बाहर निकाला जा सका। कार के भीतर से निकाले गए सभी 9 शवों को तुरंत दिंडोरी के सरकारी अस्पताल भेजा गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शवों का पंचनामा कर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

मृतकों की पहचान सुनील दत्तू दरगोडे (32), उनकी पत्नी रेशमा सुनील दरगोडे (27), आशा अनिल दरगोडे (32), अनिल दरगोडे (14), श्रेयस अनिल दरगोडे (11), राखी सुनील दरगोडे, श्रावणी अनिल दरगोडे (11), समृद्धि राजेंद्र दरगोडे (7) और माधुरी अनिल दरगोडे (13) के रूप में हुई है। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि सुनील दरगोडे स्वयं गाड़ी चला रहे थे। इंदोरे गांव में जैसे ही इस सामूहिक मृत्यु की खबर पहुँची, वहां सन्नाटा पसर गया। शनिवार सुबह जब शव गांव पहुँचे, तो हर तरफ चीख-पुकार मच गई। गांव के लोगों ने बताया कि दरगोडे परिवार मिलनसार था और एक खुशहाल जीवन जी रहा था, लेकिन इस एक हादसे ने सब कुछ तहस-नहस कर दिया।

सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों ने इस दुर्घटना के बाद एक बार फिर ग्रामीण सड़कों के किनारे स्थित खुले कुओं और सुरक्षा मानकों पर सवाल उठाए हैं। महाराष्ट्र के कई हिस्सों में सड़क किनारे खुले कुएं मौत के जाल साबित हो रहे हैं। यदि कुएं के चारों ओर सुरक्षा दीवार होती, तो शायद कार भीतर गिरने से बच जाती। नासिक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है और मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या दुर्घटना के समय कार की रफ्तार बहुत अधिक थी या फिर किसी तकनीकी खराबी के कारण चालक नियंत्रण खो बैठा।

मुख्यमंत्री कार्यालय और जिला प्रशासन ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। स्थानीय राजनीतिक नेताओं और समाजसेवियों ने पीड़ित परिवार के शेष सदस्यों को सांत्वना दी है। इस हादसे ने एक बार फिर रात के समय ड्राइविंग और सड़क किनारे के बुनियादी ढांचे की सुरक्षा की ओर ध्यान आकर्षित किया है। प्रशासन ने अब उन सभी खुले कुओं का सर्वेक्षण करने की बात कही है जो मुख्य सड़कों के करीब स्थित हैं, ताकि भविष्य में ऐसी किसी पुनरावृत्ति को रोका जा सके। फिलहाल, पूरा दिंडोरी तालुका इस शोक में डूबा हुआ है और सामूहिक अंतिम संस्कार की तैयारियां की जा रही हैं।

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