UP : बदायूं में कांवड़ यात्रा के दौरान दर्दनाक हादसा, ट्रैक्टर टक्कर में कांवड़िए की मौत, बवाल और आगजनी
हादसे की वजह ट्रैक्टर चालक लल्ला बाबू की लापरवाही बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, चालक तेज रफ्तार से वाहन चला रहा था और उसने सामने रुके कांवड़ियों को
उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में कांवड़ यात्रा के दौरान उझानी थाना क्षेत्र के बुटला मोड़ पर एक दुखद हादसा हुआ। दो कांवड़िया समूहों के ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की टक्कर में 14 साल के कांवड़िए अंकित (पुत्र नरेंद्र, निवासी भगवानपुर, थाना भूता, बरेली) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। हादसे के बाद गुस्साए कांवड़ियों ने ट्रैक्टर-ट्रॉली और उसमें लगे डीजे को आग लगा दी, सड़क जाम कर दी और दोनों समूहों के बीच मारपीट हुई। पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। ट्रैक्टर चालक को हिरासत में ले लिया गया, और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे बदायूं के उझानी थाना क्षेत्र में बरेली-मथुरा हाईवे पर बुटला मोड़ के पास यह हादसा हुआ। बरेली जिले के भगवानपुर, थाना भूता के कांवड़िए, जिनमें 14 साल का अंकित शामिल था, कछला घाट से गंगा जल लेकर अपने गांव लौट रहे थे। वे थकान के कारण सड़क किनारे अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉली के पास आराम कर रहे थे। तभी बरेली के ही नवाबगंज क्षेत्र के कांवड़ियों की एक अन्य ट्रैक्टर-ट्रॉली ने तेज रफ्तार में पीछे से टक्कर मार दी। इस टक्कर में अंकित की ट्रैक्टर-ट्रॉली उनके ऊपर पलट गई, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में एक अन्य कांवड़िया, प्रमोद, भी घायल हुआ।
हादसे की वजह ट्रैक्टर चालक लल्ला बाबू की लापरवाही बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, चालक तेज रफ्तार से वाहन चला रहा था और उसने सामने रुके कांवड़ियों को नहीं देखा। हादसे के बाद आक्रोशित कांवड़ियों ने लल्ला बाबू की पिटाई की और ट्रैक्टर-ट्रॉली में आग लगा दी। ट्रॉली में रखा एक सिलेंडर फट गया, जिससे हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई।
हादसे के बाद अंकित के साथी कांवड़ियों का गुस्सा भड़क उठा। उन्होंने टक्कर मारने वाली ट्रैक्टर-ट्रॉली और उसमें लगे डीजे सिस्टम को आग के हवाले कर दिया। आग इतनी तेज थी कि ट्रैक्टर-ट्रॉली पूरी तरह जलकर राख हो गई। गुस्साए कांवड़ियों ने चालक लल्ला बाबू और उसके साथ मौजूद 5-6 अन्य कांवड़ियों को पकड़कर पेड़ से बांध दिया और उनकी पिटाई की। इस मारपीट में दोनों समूहों के कुछ लोगों को मामूली चोटें आईं।
कांवड़ियों ने बरेली-मथुरा हाईवे को जाम कर दिया, जिससे कई किलोमीटर तक यातायात रुक गया। स्थानीय लोगों और अन्य कांवड़ियों की भीड़ घटनास्थल पर जमा हो गई, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया।
हादसे की सूचना मिलते ही उझानी थाना पुलिस, क्षेत्राधिकारी (सीओ) देवेंद्र सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने गुस्साई भीड़ को शांत करने की कोशिश की और जाम खुलवाया। फायर ब्रिगेड की टीम ने तुरंत पहुंचकर आग पर काबू पाया। अंकित के शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। ट्रैक्टर चालक लल्ला बाबू को हिरासत में ले लिया गया, और उसके खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने मारपीट और आगजनी में शामिल लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू की है।
जिलाधिकारी अवनीश कुमार और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने घटनास्थल का दौरा किया और स्थिति को सामान्य करने के निर्देश दिए। पुलिस ने बताया कि घायल प्रमोद का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है, और उनकी हालत स्थिर है।
अंकित, जो अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था, 10वीं कक्षा में पढ़ता था। उसके परिवार में माता-पिता के अलावा कोई और नहीं था। हादसे की खबर सुनते ही परिवार में मातम छा गया। परिजनों ने बताया कि अंकित हर साल कांवड़ यात्रा में उत्साह से हिस्सा लेता था और इस बार भी वह अपने दोस्तों के साथ कछला घाट गया था। परिवार ने प्रशासन से चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई और मुआवजे की मांग की है।
सावन माह में हर साल लाखों शिवभक्त कांवड़ यात्रा में हिस्सा लेते हैं। उत्तर प्रदेश में यह यात्रा 11 जुलाई 2025 से शुरू हुई थी और 23 जुलाई को शिवरात्रि के दिन समाप्त हुई। इस दौरान कांवड़िए हरिद्वार, गौमुख, गंगोत्री और कछला घाट जैसे स्थानों से गंगा जल लाकर स्थानीय शिव मंदिरों में चढ़ाते हैं। बदायूं में कछला घाट कांवड़ यात्रा का प्रमुख केंद्र है।
हालांकि, इस साल उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा के दौरान कई हादसे हुए। मुजफ्फरनगर, बस्ती, अमरोहा और हरिद्वार में सड़क हादसों में कई कांवड़ियों की मौत हुई। बदायूं का यह हादसा भी कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाता है। बरेली-मथुरा हाईवे पर भारी वाहनों की आवाजाही और तेज रफ्तार ने इस हादसे को और गंभीर बना दिया।
हादसे की खबर सोशल मीडिया पर तेजी से फैली। कई यूजर्स ने अंकित की मौत पर दुख जताया और प्रशासन से बेहतर सुरक्षा व्यवस्था की मांग की। एक यूजर ने लिखा, "कांवड़ यात्रा में हर साल ऐसी घटनाएं हो रही हैं। सरकार को ट्रैफिक और सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए।" कुछ लोगों ने कांवड़ियों के बवाल और आगजनी की आलोचना की, जबकि अन्य ने उनके गुस्से को जायज बताया।
हादसे के बाद विपक्षी दलों ने योगी सरकार पर निशाना साधा। समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने एक बयान में कहा, "कांवड़ यात्रा में सुरक्षा का अभाव और लापरवाही से हर साल जानें जा रही हैं। सरकार को इस पर तुरंत कदम उठाने चाहिए।" वहीं, सरकार ने सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर दुख जताया और अधिकारियों को घायलों के इलाज और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
बदायूं के बुटला मोड़ पर हुआ यह हादसा कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा और यातायात प्रबंधन की खामियों को उजागर करता है। अंकित की मौत ने न केवल उसके परिवार, बल्कि पूरे समुदाय को झकझोर दिया।
Also Click : इस देश में हैं विश्व के सबसे उम्रदराज राष्ट्रपति, उम्र 92 वर्ष और कार्यकाल 43 साल, अब भी हैं सत्ता में काबिज
What's Your Reaction?







