झांसी में रक्षाबंधन पर दिल दहलाने वाली घटना- भाई ने राखी बंधवाने के बाद बहन की हत्या की, प्रेम प्रसंग से था नाराज।
Jhansi News: उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में रक्षाबंधन के पवित्र त्योहार पर एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने समाज को झकझोर कर रख दिया। गरौठा थाना....
उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में रक्षाबंधन के पवित्र त्योहार पर एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने समाज को झकझोर कर रख दिया। गरौठा थाना क्षेत्र के चंद्रपुरा गांव में 24 साल के अरविंद अहिरवार ने अपनी 18 साल की बहन कुमारी सहोदर, जिसे लोग पुत्थू या पुच्चू के नाम से जानते थे, की गला घोंटकर हत्या कर दी। यह हत्या उस दिन हुई, जब सुबह अरविंद ने अपनी बहन से राखी बंधवाई थी। पुलिस के मुताबिक, अरविंद अपनी बहन के प्रेम प्रसंग से नाराज था, क्योंकि वह 19 साल के विशाल अहिरवार से प्यार करती थी। इस नाराजगी में अरविंद ने पहले विशाल की हत्या की और फिर अपनी बहन को भी मार डाला। हत्या के बाद उसने बहन के पैर छूकर माफी मांगी, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। पुलिस ने इस मामले में अरविंद और उसके दोस्त प्रकाश प्रजापति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
घटना की शुरुआत चार महीने पहले हुई, जब पुच्चू और विशाल ने एक साथ घर छोड़कर भागने की कोशिश की थी। दोनों की मुलाकात डेढ़ साल पहले नूनार गांव में एक रिश्तेदार के घर हुई थी, जहां उनकी दोस्ती प्यार में बदल गई। लेकिन उनके परिवारों को यह रिश्ता मंजूर नहीं था, क्योंकि दोनों अलग-अलग जातियों और समुदायों से थे। जनवरी में जब दोनों भाग गए, तो उनके परिवारों ने पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज की। पुलिस ने तीन दिन में दोनों को ढूंढ लिया और परिवारों की सहमति से समझौता करवाकर उन्हें वापस घर भेज दिया। विशाल के परिवार ने उसे हरियाणा ले जाकर इस रिश्ते को खत्म करने की कोशिश की, लेकिन दोनों फोन पर बातचीत करते रहे। रक्षाबंधन के लिए विशाल का परिवार गांव लौटा, जिससे दोनों के बीच मुलाकातें फिर शुरू हो गईं।
अरविंद, जो कुछ दिन पहले पुणे से अपने गांव चंद्रपुरा लौटा था, को बहन का यह रिश्ता बिल्कुल पसंद नहीं था। उसने अपने दोस्त प्रकाश प्रजापति के साथ मिलकर दोनों की हत्या की साजिश रची। पुलिस के मुताबिक, 7 अगस्त को अरविंद और प्रकाश ने विशाल को दिल्ली में नौकरी दिलाने के बहाने अपने साथ ले गए। विशाल के पिता हल्केराम ने बताया कि प्रकाश उनके पड़ोस में रहता था और उसका परिवार विशाल के परिवार से परिचित था, इसलिए विशाल को कोई शक नहीं हुआ। उसी दिन अरविंद और प्रकाश ने विशाल की गला घोंटकर हत्या कर दी और उसका शव लहचूरा थाना क्षेत्र के गुढ़ा गांव में झाड़ियों के पास फेंक दिया। 8 अगस्त को पुलिस को उसका शव मिला, जिसमें गले पर चोट के निशान थे। हल्केराम की शिकायत पर पुलिस ने अरविंद और प्रकाश के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया। विशाल की हत्या के बाद भी अरविंद का गुस्सा शांत नहीं हुआ। 9 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन उसने सुबह अपनी बहन पुच्चू से राखी बंधवाई। लेकिन शाम को उसने बहन को दवा दिलाने के बहाने घर से बाहर ले गया। पुलिस के अनुसार, अरविंद ने पहले पुच्चू के सिर के बाल काटे, फिर उसका गला घोंटकर हत्या कर दी और शव को चंद्रपुरा गांव के पास दादा महाराज मंच के निकट एक सुनसान पहाड़ी पर फेंक दिया। अगले दिन सुबह ग्रामीणों ने पुच्चू का शव देखा और पुलिस को सूचना दी। शव के सिर पर बाल न होने और गले पर चोट के निशान होने से पुलिस को हत्या का शक हुआ।
पुलिस ने इस मामले में तुरंत कार्रवाई शुरू की। झांसी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) बीबीजीटीएस मूर्ति ने बताया कि दोनों हत्याएं आपस में जुड़ी हुई हैं और प्रारंभिक जांच में यह तथाकथित सम्मान के लिए हत्या का मामला प्रतीत होता है। पुलिस ने अरविंद और प्रकाश को गिरफ्तार कर लिया, जबकि तीसरे संदिग्ध की तलाश जारी है। पुच्चू के पिता पप्पू अहिरवार ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी फिर से विशाल के साथ भागने की योजना बना रही थी, जिससे अरविंद गुस्से में था। उसने अपनी बहन के सिर के बाल काटे और उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमॉर्टम करवाया, जिसमें गला घोंटने से मौत की पुष्टि हुई। पुलिस अब कॉल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन और आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है ताकि घटना की पूरी समयरेखा तैयार की जा सके। इस घटना ने स्थानीय समुदाय में सदमा और गुस्सा पैदा किया है। चंद्रपुरा और आसपास के गांवों के लोग इस बात से हैरान हैं कि रक्षाबंधन जैसे पवित्र त्योहार पर एक भाई अपनी बहन की हत्या कर सकता है। कई लोगों ने कहा कि पुच्चू और विशाल दोनों शांत स्वभाव के थे और उनका रिश्ता गांव में किसी से छिपा नहीं था। लेकिन परिवार और समाज का दबाव इस त्रासदी का कारण बना। सामाजिक कार्यकर्ता रीना वर्मा ने कहा, “यह घटना दिखाती है कि हमारे समाज में प्रेम संबंधों को लेकर अभी भी कितनी संकीर्ण सोच है। तथाकथित सम्मान के नाम पर युवाओं की जान लेना अमानवीय है।”
सोशल मीडिया पर भी इस घटना की तीखी निंदा हुई है। एक यूजर ने एक्स पर लिखा, “रक्षाबंधन भाई-बहन के प्यार का त्योहार है, लेकिन इस भाई ने राखी के दिन अपनी बहन की हत्या कर दी। यह कितना शर्मनाक है!” एक अन्य यूजर ने लिखा, “प्रेम संबंधों को लेकर परिवारों को समझने की जरूरत है। अगर पुच्चू और विशाल को स्वीकार किया गया होता, तो शायद यह त्रासदी न होती।” कुछ लोगों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की, लेकिन यह सवाल भी उठाया कि क्या ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए समाज और प्रशासन और सख्त कदम उठा सकते हैं।
यह घटना समाज में कई गंभीर सवाल खड़े करती है। पहला, क्या प्रेम संबंधों को लेकर परिवारों और समाज की सोच को बदलने की जरूरत है? दूसरा, क्या तथाकथित सम्मान के नाम पर होने वाली हत्याएं समाज की संकीर्ण मानसिकता का परिणाम हैं? तीसरा, क्या प्रशासन और सामाजिक संगठन ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए और प्रभावी कदम उठा सकते हैं? यह मामला तथाकथित सम्मान के लिए हत्या का एक और उदाहरण है, जो उत्तर भारत में समय-समय पर सामने आता रहा है। पुलिस ने इस मामले में दो अलग-अलग FIR दर्ज की हैं। विशाल की हत्या के लिए लहचूरा थाने में हल्केराम की शिकायत पर और पुच्चू की हत्या के लिए गरौठा थाने में मामला दर्ज किया गया है। दोनों मामलों में भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) के तहत कार्रवाई की जा रही है। झांसी के ग्रामीण एसपी अरविंद कुमार ने बताया कि फोरेंसिक टीमें दोनों घटनास्थलों से सबूत जमा कर रही हैं और जल्द ही चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
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