प्रज्ञानानंद का FIDE सर्किट 2025 पर कब्जा- कैंडिडेट्स 2026 में भारत का एकमात्र पुरुष प्रतिनिधि, शानदार प्रदर्शन से इतिहास रचा। 

भारतीय ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानानंद ने FIDE सर्किट 2025 का खिताब जीत लिया है, जिसके साथ ही उन्होंने 2026 कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए अपनी जगह

Dec 9, 2025 - 11:27
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प्रज्ञानानंद का FIDE सर्किट 2025 पर कब्जा- कैंडिडेट्स 2026 में भारत का एकमात्र पुरुष प्रतिनिधि, शानदार प्रदर्शन से इतिहास रचा। 
प्रज्ञानानंद का FIDE सर्किट 2025 पर कब्जा- कैंडिडेट्स 2026 में भारत का एकमात्र पुरुष प्रतिनिधि, शानदार प्रदर्शन से इतिहास रचा। 

भारतीय ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानानंद ने FIDE सर्किट 2025 का खिताब जीत लिया है, जिसके साथ ही उन्होंने 2026 कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए अपनी जगह पक्की कर ली है और भारत के एकमात्र पुरुष खिलाड़ी के रूप में इस प्रतिष्ठित आयोजन में भाग लेंगे। यह उपलब्धि 8 दिसंबर 2025 को आधिकारिक रूप से घोषित हुई, जब FIDE ने पुष्टि की कि प्रज्ञानानंद ने पूरे वर्ष की सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के आधार पर सर्किट में सबसे अधिक अंक हासिल किए। सर्किट एक वर्ष भर चलने वाली प्रणाली है, जिसमें प्रमुख अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में खिलाड़ियों को उनके प्रदर्शन और टूर्नामेंट की मजबूती के आधार पर अंक दिए जाते हैं। प्रज्ञानानंद का कुल स्कोर 115.17 रहा, जो दूसरे स्थान पर रहे डच ग्रैंडमास्टर अनीश गिरी के 81.18 अंकों से काफी आगे था। इस जीत ने उन्हें कैंडिडेट्स के आठ स्थानों में से एक के लिए योग्य बनाया, जहां वे विश्व चैंपियन डी. गुकेस को चुनौती देने वाले विजेता से भिड़ने का अवसर पा चुके हैं। कैंडिडेट्स टूर्नामेंट मार्च-अप्रैल 2026 में आयोजित होगा, और इसका विजेता 2026 के अंत में विश्व चैंपियनशिप फाइनल में गुकेस के खिलाफ खेलेगा। FIDE सर्किट 2025 की शुरुआत जनवरी से हुई, और यह दिसंबर तक चली, जिसमें खिलाड़ियों को वर्ष के सात सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनों के आधार पर अंक दिए गए। प्रज्ञानानंद ने मई में चीनी ग्रैंडमास्टर डिंग लीरेन को पीछे छोड़कर शीर्ष स्थान हासिल किया, और उसके बाद अपनी स्थिति को बनाए रखा। सर्किट में भाग लेने के लिए कम से कम पांच टूर्नामेंटों में खेलना अनिवार्य था, जिसमें चार क्लासिकल टाइम कंट्रोल के होने चाहिए। प्रज्ञानानंद ने सात प्रमुख आयोजनों में भाग लिया, जो उनके स्कोर का आधार बने। इस प्रणाली का उद्देश्य एकल चोटी प्रदर्शन के बजाय निरंतर उत्कृष्टता को पुरस्कृत करना है। FIDE ने स्पष्ट किया कि सर्किट विजेता को कैंडिडेट्स के लिए सीधा स्थान मिलता है, बशर्ते वे अन्य योग्यता मार्गों से पहले ही क्वालीफाई न कर चुके हों। प्रज्ञानानंद की यह योग्यता स्वतंत्र रूप से हासिल हुई, जो उनके वर्ष भर के प्रयासों का प्रमाण है।

प्रज्ञानानंद का 2025 का वर्ष क्लासिकल शतरंज में असाधारण रहा, जहां उन्होंने कई प्रमुख टूर्नामेंटों में शीर्ष स्थान हासिल किए। जनवरी में नीदरलैंड्स के वाइक आन जी टाटा स्टील मास्टर्स को जीतकर उन्होंने वर्ष की शुरुआत की, जहां टाई-ब्रेकर में गुकेस को हराया। यह जीत टाटा स्टील जैसे कठिन टूर्नामेंट में भविष्य के विश्व चैंपियनों की पहचान के रूप में जानी जाती है। इसके बाद जून में रोमानिया के सुपरबेट शतरंज क्लासिक को जीता, जहां उन्होंने मजबूत प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ा। उज्बेकिस्तान के उजचेस कप मास्टर्स में भी उन्होंने खिताब हासिल किया, जो सर्किट अंकों में महत्वपूर्ण योगदान दिया। नवंबर में लंदन चेस क्लासिक ओपन को संयुक्त विजेता के रूप में समाप्त किया, जहां 8.17 अंक मिले और उनका कुल स्कोर 115.17 हो गया। इनके अलावा, वे स्टेपन अवाग्यान मेमोरियल में दूसरे स्थान पर रहे और ग्रैंड चेस टूर सुपरबेट पोलैंड रैपिड एंड ब्लिट्ज में तीसरे स्थान पर। लंदन चेस क्लासिक 2025 में प्रज्ञानानंद की भागीदारी निर्णायक साबित हुई। मूल रूप से एलीट सेक्शन में भाग ले रहे उज्बेक ग्रैंडमास्टर नोदीरबेक अब्दुसत्तोरोव ने असाधारण प्रदर्शन किया, जहां उन्होंने हाल के इतिहास के सर्वोच्च टूर्नामेंट परफॉर्मेंस रेटिंग में से एक हासिल की और 19.62 सर्किट अंक जुटाए। हालांकि, प्रज्ञानानंद ने लंदन चेस क्लासिक ओपन में अंतिम क्षणों में प्रवेश किया, ताकि अपनी योग्यता को FIDE रैपिड एंड ब्लिट्ज चैंपियनशिप पर निर्भर न करना पड़े। इस ओपन में संयुक्त विजेता बनकर उन्होंने अतिरिक्त अंक जुटाए, जो अब्दुसत्तोरोव की प्रगति के बावजूद उनकी बढ़त को सुरक्षित रखा। अब्दुसत्तोरोव को लंदन मास्टर्स, विश्व रैपिड और ब्लिट्ज में सभी जीतने की जरूरत थी, लेकिन प्रज्ञानानंद का कुल स्कोर अप्राप्य साबित हुआ। यह रणनीतिक कदम प्रज्ञानानंद की परिपक्वता को दर्शाता है, जो उन्हें सर्किट में 34 अंकों की मजबूत बढ़त दे गया।

कैंडिडेट्स 2026 के आठ स्थानों में से सात अब तय हो चुके हैं, और प्रज्ञानानंद सातवें स्थान पर हैं। अन्य क्वालीफायरों में डच अनीश गिरी, अमेरिकी फेबियानो कारुआना, जर्मन मैथियास ब्लूबाम, उज्बेक जावोखिर सिंदारोव, चीनी वेई यी और रूसी आंद्रेई एसिपेंको शामिल हैं। आठवां स्थान FIDE के योग्यता हैंडबुक के अनुसार, 1 अगस्त 2025 से 1 जनवरी 2026 तक के छह माह के औसत रेटिंग वाले खिलाड़ी को मिलेगा, बशर्ते उसने 1 फरवरी 2025 से 1 जनवरी 2026 तक कम से कम 40 रेटेड गेम खेले हों, जिसमें छह लगातार रेटिंग लिस्टों में से किसी एक में कम से कम 15 गेम शामिल हों। प्रज्ञानानंद इस आयोजन में भारत के एकमात्र पुरुष प्रतिनिधि होंगे, जबकि महिला कैंडिडेट्स में दिव्या देशमुख, कोनेरू हंपी और आर. वैशाली भाग लेंगी। यह भारत के लिए ऐतिहासिक क्षण होगा, जहां तीन महिलाएं एक साथ महिला कैंडिडेट्स में होंगी। प्रज्ञानानंद की सर्किट जीत ने भारतीय शतरंज को वैश्विक स्तर पर मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया है। 20 वर्षीय चेन्नई निवासी प्रज्ञानानंद ने 2025 में सिनक्वेफील्ड कप में 12वां स्थान हासिल किया और FIDE विश्व कप में चौथे राउंड में बाहर हुए, लेकिन इनके बावजूद उनके अन्य प्रदर्शन सर्किट अंकों को मजबूत बनाए। सर्किट लीडरबोर्ड में वे अब्दुसत्तोरोव (71.61), कारुआना (65.55) और ब्लूबाम (63.94) से काफी आगे थे। FIDE ने अपनी आधिकारिक घोषणा में कहा कि प्रज्ञानानंद ने पूरे वर्ष सर्वश्रेष्ठ FIDE सर्किट खिलाड़ी के रूप में प्रदर्शन किया, जो कैंडिडेट्स के आठ स्लॉटों में से एक के लिए योग्यता दिलाई। यह उनकी दूसरी लगातार कैंडिडेट्स योग्यता है, जो उन्हें विश्व चैंपियनशिप चक्र में केंद्रीय भूमिका देती है।

2025 सर्किट में प्रज्ञानानंद की निरंतरता प्रमुख रही। वे विंसेंट केमर की तरह क्लासिकल इवेंट्स से दूर नहीं रहे, और अन्य प्रतिद्वंद्वियों जैसे गिरी, कारुआना, ब्लूबाम और सिंदारोव ने अन्य मार्गों से पहले ही क्वालीफाई कर लिया था। प्रज्ञानानंद ने लंदन में ओपन में भाग लेकर अपनी स्थिति को मजबूत किया, जो सर्किट के अंतिम चरण में महत्वपूर्ण था। अब्दुसत्तोरोव की लंदन एलीट में शानदार दौड़ के बावजूद प्रज्ञानानंद का स्कोर अपराजेय रहा। सर्किट के नियमों के अनुसार, खिलाड़ी अपने सात सर्वश्रेष्ठ परिणामों के आधार पर अंक जुटाते हैं, और प्रज्ञानानंद ने इस फॉर्मूले का पूरा लाभ उठाया। FIDE ने पुष्टि की कि सर्किट विजेता को कैंडिडेट्स में स्थान मिलेगा, यदि वे अन्य पथों से क्वालीफाई न कर चुके हों। कैंडिडेट्स 2026 का विजेता गुकेस के खिलाफ विश्व चैंपियनशिप फाइनल खेलेगा, जो 2024 में डिंग लीरेन को हराकर सबसे युवा विश्व चैंपियन बने। प्रज्ञानानंद और गुकेस के बीच संभावित भिड़ंत भारतीय शतरंज के लिए रोमांचक होगी। प्रज्ञानानंद ने लंदन चेस क्लासिक के साइडलाइन्स पर कहा कि कैंडिडेट्स अत्यंत कठिन होगा, और तैयारी के लिए कम समय होगा। उन्होंने कहा कि वे आराम करेंगे और तैयारी पर विचार करेंगे, क्योंकि कैंप या लंबी तैयारी का समय नहीं है। यह उनकी दूसरी कैंडिडेट्स भागीदारी होगी, जो अनुभव प्रदान करेगी। FIDE ने तारीखें और स्थान बाद में घोषित करने की बात कही।

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