Pappu Yadav In Parliament: सिर पर पट्टी, हाथ में प्लास्टर और लट्ठ; संसद पहुंचे पूर्णिया सांसद पप्पू यादव, जानिए क्या कहा

पूर्णिया सांसद पप्पू यादव सिर पर पट्टी, हाथ में प्लास्टर और लट्ठ लेकर संसद पहुंचे। चोटिल हालत में उन्होंने बिहार सरकार और पुलिस प्रशासन पर निशाना साधा।

Jul 28, 2026 - 14:20
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Pappu Yadav In Parliament: सिर पर पट्टी, हाथ में प्लास्टर और लट्ठ; संसद पहुंचे पूर्णिया सांसद पप्पू यादव, जानिए क्या कहा
Purnia MP Pappu Yadav Injured
  • Pappu Yadav Lathi Controversy: चोटिल अवस्था में लट्ठ लेकर संसद भवन पहुंचे सांसद पप्पू यादव, केंद्र व बिहार सरकार पर बोला हमला
  • हाथ में प्लास्टर और सिर पर पट्टी... लट्ठ के सहारे संसद पहुंचे पूर्णिया MP पप्पू यादव, बयान सुनकर रह जाएंगे हैरान!
  • Pappu Yadav MP: सिर पर पट्टी और हाथ में लट्ठ लेकर संसद पहुंचे पप्पू यादव, परिसर में दिया कड़ा बयान

बिहार की पूर्णिया लोकसभा सीट से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव एक बेहद अनोखे और राजनीतिक रूप से हलचल मचाने वाले अवतार में संसद भवन परिसर पहुंचे। हाल ही में एक घटना के दौरान चोटिल हुए सांसद के एक हाथ में प्लास्टर, सिर पर पट्टी और सहारा लेने के लिए हाथ में एक पारंपरिक लट्ठ (लाठी) दिखाई दिया। संसद के चालू सत्र में भाग लेने पहुंचे पप्पू यादव ने मीडियाकर्मियों से बात करते हुए बिहार की कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक रवैये और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उनका कहना था कि जब एक जनप्रतिधि ही सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता का क्या हाल होगा। संसद परिसर में उनका यह रूप दिन भर चर्चा का केंद्र बना रहा।

संसद के चल रहे सत्र के दौरान पूर्णिया से सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव जब संसद भवन पहुंचे, तो वहां मौजूद सुरक्षाकर्मी और मीडियाकर्मी उन्हें देखकर हैरान रह गए। सांसद के सिर पर गहरी चोट के कारण पट्टी बंधी हुई थी, एक हाथ में मेडिकल प्लास्टर चढ़ा था और वह चलने के लिए एक मजबूत लकड़ी की लाठी (लट्ठा) का सहारा ले रहे थे।

हाल ही में बिहार में अपने क्षेत्र के दौरे और विभिन्न जन-मुद्दों को लेकर आयोजित विरोध प्रदर्शनों के दौरान वे कथित तौर पर चोटिल हो गए थे। चोटिल होने के बावजूद वे नई दिल्ली पहुंचे और संसद परिसर में प्रवेश करने से पहले संवाददाताओं के सामने बिहार में अपराध की स्थिति और जन प्रतिनिधियों की सुरक्षा के मुद्दे को जोर-शोर से उठाया।

पूरा घटनाक्रम बिहार में बीते दिनों हुए घटनाक्रमों और सांसद पप्पू यादव के समर्थकों व पुलिस के बीच हुई तनातनी से जुड़ा हुआ है। पूर्णिया और आसपास के क्षेत्रों में जनसमस्याओं व अपराध के खिलाफ आवाज उठाते समय वे चोटिल हो गए थे, जिसके बाद उनके सिर पर टांके आए और हाथ में फ्रैक्चर की पुष्टि होने पर प्लास्टर चढ़ाया गया था।

दिल्ली पहुंचकर संसद भवन परिसर में मकर द्वार के पास जब वे गाड़ी से उतरे, तो उनके हाथ में पारंपरिक लट्ठ था। उन्होंने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि यह लाठी किसी हिंसा का प्रतीक नहीं, बल्कि बिहार के गरीब, किसान और लाचार जनता के प्रतिरोध तथा आत्मरक्षा का प्रतीक है। संसद में अपनी इस स्थिति को दिखाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ है और निष्पक्ष रूप से जनता की आवाज उठाने वालों को प्रशासनिक और राजनीतिक रूप से दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए पप्पू यादव ने बेहद आक्रामक अंदाज में कहा कि बिहार में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और पुलिस-प्रशासन का रवैया संवेदनहीन बना हुआ है। उन्होंने कहा कि एक जनप्रतिनिधि को जनता के लिए आवाज उठाने पर यह चोट मिली है और हाथ में थामी गई लाठी अब शोषितों की आवाज बनेगी।

दूसरी ओर, सत्तारूढ़ दल के नेताओं और बिहार सरकार के समर्थकों ने उनके इस कदम को विशुद्ध रूप से राजनीतिक पब्लिसिटी स्टंट करार दिया। सत्ता पक्ष का कहना है कि संसद जैसे गरिमामय स्थान पर इस तरह के प्रतीकात्मक ड्रामे का सहारा लेकर वे केवल मीडिया का ध्यान खींचना चाहते हैं, जबकि कानून अपना काम कर रहा है।

पप्पू यादव के इस रूप में संसद पहुंचने का असर राजनीतिक गलियारों में साफ देखा गया। बिहार की राजनीति और अपराध के मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर से प्रमुखता मिली। संसद भवन में मौजूद विपक्षी दलों के कई सांसदों ने उनके स्वास्थ्य का हालचाल जाना और उनके उठाए गए सुरक्षा संबंधी सवालों पर चिंता व्यक्त की।

सोशल मीडिया पर भी सांसद पप्पू यादव की तस्वीरें और बयान तेजी से वायरल हो गए, जहां उनके समर्थकों ने उनके इस रवैये को एक निडर नेता का प्रतिरोध बताया, वहीं उनके आलोचकों ने इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विपरीत एक राजनीतिक ड्रामा करार दिया।

इस घटनाक्रम के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि संसद के भीतर बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति और जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा का मुद्दा गर्मा सकता है। सांसद पप्पू यादव ने संकेत दिए हैं कि वे संसद में गृह मंत्रालय और केंद्र सरकार से बिहार की वर्तमान आपराधिक स्थिति पर हस्तक्षेप की मांग करेंगे।

इसके अतिरिक्त, वे अपने इस चोटिल स्वरूप के साथ ही संसद की कार्यवाही में भाग लेना जारी रखेंगे और बिहार में पुलिस प्रशासन के कथित मनमाने रवैये के खिलाफ अपनी लड़ाई को सड़क से लेकर सदन तक आगे बढ़ाने का काम करेंगे।

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