Sheikh Hasina Press Conference: शेख हसीना के प्रेस कॉन्फ्रेंस पर बोला बांग्लादेश, 'भारत से रिश्ते खराब नहीं करना चाहते' 

Sheikh Hasina Press Conference: दिल्ली में पूर्व पीएम शेख हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर बांग्लादेश की मंत्री शमा ओबेद ने कहा कि उनका देश भारत से रिश्ते खराब नहीं करना चाहता।

Aug 5, 2026 - 12:55
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Sheikh Hasina Press Conference: शेख हसीना के प्रेस कॉन्फ्रेंस पर बोला बांग्लादेश, 'भारत से रिश्ते खराब नहीं करना चाहते' 
  • India Bangladesh Relations: नई दिल्ली में शेख हसीना की वर्चुअली मीडिया टॉक पर घमासान, ढाका ने दिया बड़ा बयान 
  • शेख हसीना की दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस पर बांग्लादेश का रुख नरम, विदेश राज्य मंत्री बोलीं- 'भारत के साथ मजबूत संबंध चाहते हैं'
  • Sheikh Hasina Press Conference: नई दिल्ली में शेख हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस से ठीक पहले बोलीं बांग्लादेशी मंत्री- 'भारत से रिश्ते बिगाड़ना मकसद नहीं'

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के 5 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में प्रस्तावित एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। 5 अगस्त 2024 को ढाका से उनके हटने के ठीक दो साल पूरे होने पर आयोजित इस कार्यक्रम पर बांग्लादेश सरकार ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। बांग्लादेश की विदेश राज्य मंत्री शमा ओबेद ने कहा है कि ढाका अपने पड़ोसी देश भारत के साथ बेहतर संबंध बनाए रखना चाहता है और नहीं चाहता कि इस वजह से द्विपक्षीय रिश्तों पर कोई नकारात्मक असर पड़े। इससे पहले भारतीय विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट कर दिया था कि इस प्रेस कॉन्फ्रेंस से भारत सरकार का कोई संबंध नहीं है और यह एक निजी मीडिया संस्था 'फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब' (FCC) द्वारा आयोजित की जा रही है। 

बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के भारत प्रवास के दौरान दिल्ली में मीडिया से वर्चुअल संवाद करने की खबरों ने दोनों देशों के बीच कूटनीतिक चर्चाओं को गरमा दिया है। 5 अगस्त 2026 को नई दिल्ली स्थित 'फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब' (FCC) में आयोजित इस कार्यक्रम में शेख हसीना ऑडियो-विजुअल माध्यम से मीडियाकर्मियों को संबोधित करने वाली हैं। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के मद्देनजर बांग्लादेश की अंतरिम/वर्तमान सरकार की विदेश राज्य मंत्री शमा ओबेद का महत्वपूर्ण बयान आया है, जिसमें उन्होंने भारत के साथ प्रगाढ़ संबंधों की वकालत करते हुए कहा है कि ढाका किसी भी परिस्थिति में भारत के साथ अपने कूटनीतिक और रणनीतिक रिश्तों को प्रभावित नहीं होने देना चाहता। 

पूरा मामला 5 अगस्त 2024 की उन घटनाओं से जुड़ा है, जब बांग्लादेश में हुए व्यापक जनआंदोलन और उथल-पुथल के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को अपना देश छोड़कर भारत में शरण लेनी पड़ी थी। इस घटनाक्रम के ठीक दो वर्ष पूरे होने पर 5 अगस्त 2026 को फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब ने एक कार्यक्रम आयोजित किया, जिसका उद्देश्य शेख हसीना के विचार और स्वदेश वापसी की संभावित योजनाओं को मीडिया के सामने रखना है।

जैसे ही इस प्रेस कॉन्फ्रेंस की खबर सार्वजनिक हुई, ढाका के राजनीतिक गलियारों में विरोध और चिंता के स्वर उठने लगे। बांग्लादेशी विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने पहले भारतीय उच्चायोग से संपर्क साधकर इस कार्यक्रम पर अपनी चिंता जाहिर की थी। इसके बाद भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नई दिल्ली में संवाददाताओं को जानकारी दी कि भारत सरकार इस कार्यक्रम का न तो आयोजन कर रही है और न ही इसमें व्यक्त किए जाने वाले किसी विचार का समर्थन करती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह एक निजी प्रेस क्लब और मीडिया प्लेटफॉर्म का स्वतंत्र आयोजन है।

भारत के इस स्पष्टीकरण के बाद बांग्लादेश की विदेश राज्य मंत्री शमा ओबेद ने ढाका में संवाददाताओं से बात की। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश भारत को अपना एक अहम और भरोसेमंद पड़ोसी मानता है। उन्होंने रेखांकित किया कि ढाका की मंशा भारत से संबंध बिगाड़ने की बिल्कुल नहीं है और उम्मीद जताई कि भारत सरकार बांग्लादेश की संवेदनशील स्थिति और जनभावनाओं को समझते हुए इस दिशा में उचित कदम उठाएगी। 

विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अपने बयान में कहा, "यह मीडिया इंटरेक्शन एक निजी संस्था द्वारा आयोजित किया जा रहा है। भारत सरकार का इसमें कोई लेना-देना या आधिकारिक जुड़ाव नहीं है।" भारत ने लगातार यह रुख बनाए रखा है कि शेख हसीना का भारत में रहना मानवीय और सुरक्षागत कारणों से है, और भारत की भूमि का इस्तेमाल किसी पड़ोसी देश के खिलाफ राजनीतिक गतिविधियों के लिए नहीं करने दिया जाएगा।

दूसरी ओर, बांग्लादेशी मंत्री शमा ओबेद ने शांतिपूर्ण और परिपक्व कूटनीति पर जोर देते हुए कहा, "हम भारत के साथ अपने ऐतिहासिक और मजबूत संबंधों को बहुत महत्व देते हैं। हम नहीं चाहते कि भारत-बांग्लादेश के रिश्तों में कोई कड़वाहट आए या दोनों देशों के बीच बने आपसी विश्वास को कोई नुकसान पहुंचे। हमें भरोसा है कि भारत हमारे रुख और चिंताओं को अच्छी तरह समझेगा।"

शेख हसीना की इस वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस और उस पर आई प्रतिक्रियाओं का सीधा असर भारत और बांग्लादेश के मौजूदा कूटनीतिक समीकरणों पर पड़ता दिख रहा है। अगस्त 2024 के घटनाक्रम के बाद से दोनों देशों के संबंधों में जो अनिश्चितता और झिझक का माहौल बना था, उसमें सुधार लाने की कोशिशें जारी हैं। बांग्लादेशी नेतृत्व की ओर से आया संतुलित बयान यह दर्शाता है कि ढाका भारत के साथ अपने आर्थिक, व्यापारिक और भौगोलिक व्यापारिक संबंधों को किसी भी राजनीतिक बयानबाजी की वजह से जोखिम में नहीं डालना चाहता। आगामी समय में इस बात पर नजरें टिकी रहेंगी कि फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब की इस वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में शेख हसीना क्या रुख अपनाती हैं और स्वदेश वापसी को लेकर क्या घोषणाएं करती हैं। भारतीय पक्ष की ओर से दिए गए तटस्थता के स्पष्टीकरण के बाद अब ढाका में राजनीतिक तापमान में कुछ कमी आने की संभावना है। विशेषज्ञ मानते हैं कि दक्षिण एशिया में क्षेत्रीय स्थिरता और बिम्सटेक (BIMSTEC) जैसे संगठनों में सहयोग बनाए रखने के लिए नई दिल्ली और ढाका दोनों ही कूटनीतिक संयम का रास्ता अपनाना जारी रखेंगे।

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