Udhayanidhi Stalin Statement: तृषा वाले बयान पर रिहाई के बाद बोले उदयनिधि स्टालिन- 'एमके स्टालिन का बेटा हूं, गिरफ्तारी से नहीं डरता'

Udhayanidhi Stalin Statement: अभिनेत्री तृषा से जुड़े मानहानि मामले में जमानत मिलने के बाद उदयनिधि स्टालिन ने अभिनेता विजय पर कड़ा राजनीतिक हमला बोला है।

Aug 5, 2026 - 12:37
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Udhayanidhi Stalin Statement: तृषा वाले बयान पर रिहाई के बाद बोले उदयनिधि स्टालिन- 'एमके स्टालिन का बेटा हूं, गिरफ्तारी से नहीं डरता'
  • Udhayanidhi Stalin Trisha Comment Case: कोर्ट से राहत मिलने के बाद उग्र हुए उदयनिधि स्टालिन, विजय की राजनीति पर साधा निशाना
  • 'एमके स्टालिन का बेटा हूं, जेल से नहीं डरता...' मानहानि केस में बेल मिलते ही अभिनेता विजय और विरोधियों पर बरसे उदयनिधि
  • Udhayanidhi Stalin Remarks: तृषा टिप्पणी मामले में रिहाई के बाद गरजे उदयनिधि स्टालिन, थलपति विजय पर बोला हमला

तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री और डीएमके (DMK) नेता उदयनिधि स्टालिन ने अभिनेत्री तृषा कृष्णन पर की गई अपनी कथित टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में अदालत से रिहाई और जमानत मिलने के तुरंत बाद विरोधियों पर करारा हमला बोला है। 5 अगस्त 2026 को मीडिया और समर्थकों को संबोधित करते हुए उदयनिधि स्टालिन ने बेबाक अंदाज में कहा कि वे तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे हैं और किसी भी तरह की गिरफ्तारी या कानूनी कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं। अपनी टिप्पणी को लेकर अदालत से राहत मिलने के बाद उदयनिधि ने तमिल फिल्मों के सुपरस्टार और हाल ही में राजनीति में कदम रखने वाले अभिनेता विजय (थलपति विजय) पर भी निशाना साधा। राजनीतिक हलचलों के बीच आए इस तीखे बयान ने राज्य की भावी राजनीतिक लड़ाई को और ज्यादा गरमा दिया है।

तमिलनाडु की राजनीति और सिनेमा जगत के बीच का टकराव उस समय और तीखा हो गया जब अभिनेत्री तृषा कृष्णन के खिलाफ कथित तौर पर अनुचित शब्द और दोहरे अर्थ वाली टिप्पणी करने के मामले में अदालत में पेश हुए उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन को रिहाई और राहत मिली। अदालत परिसर से बाहर निकलते ही उदयनिधि ने अपने बयान से राजनीतिक माहौल को गरमा दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कानूनी लड़ाइयों या जेल जाने की धमकियों से डीएमके का कोई भी कार्यकर्ता या नेता पीछे नहीं हटेगा। इस दौरान उन्होंने बिना नाम लिए या सीधे तौर पर अभिनेता-राजनीतिज्ञ थलपति विजय की हालिया राजनीतिक गतिविधियों पर कटाक्ष करते हुए उन्हें राजनीतिक तौर पर अपरिपक्व और अवसरवादी बताया।

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ था जब एक सार्वजनिक कार्यक्रम और सोशल मीडिया पर उदयनिधि स्टालिन द्वारा कही गई बातों को अभिनेत्री तृषा के सम्मान के खिलाफ और दोहरे अर्थ (डबल मीनिंग) वाली टिप्पणी मानकर कानूनी चुनौती दी गई थी। इस बयान को लेकर विरोधी दलों और मानहानि की याचिका दायर करने वालों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था। कानूनी प्रक्रिया के तहत अदालत में सुनवाई हुई, जहां उदयनिधि ने अपना पक्ष रखा और अदालत ने उन्हें मामले में राहत देते हुए रिहा/जमानत दे दी।

अदालती प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब उदयनिधि स्टालिन बाहर आए तो मीडियाकर्मियों के सामने उन्होंने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, "कुछ लोग सोच रहे थे कि वे कानूनी मामलों में उलझाकर मुझे या हमारी पार्टी को डरा देंगे। मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि मैं मुख्यमंत्री एमके स्टालिन का बेटा और कलाईग्नार करुणानिधि का पोता हूं। हमारे खून में संघर्ष है, हम गिरफ्तारी या जेल जाने से नहीं डरते।" इसके तुरंत बाद ही उन्होंने तमिलगा वेत्री कज़गम (TVK) बनाकर राजनीति में सक्रिय हुए अभिनेता विजय के संदर्भ में कहा कि राजनीति में केवल डायलॉग बाजी काम नहीं आती, इसके लिए विचारधारा और जमीनी संघर्ष की जरूरत होती है।

उदयनिधि स्टालिन के इस तेवर पर द्रमुक (DMK) के कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। पार्टी समर्थकों का कहना है कि उदयनिधि ने हमेशा विरोधियों की बेबुनियाद कानूनी चालों का बहादुरी से सामना किया है। वहीं दूसरी ओर, विपक्षी पार्टियों ने उनके इस बयान पर ऐतराज जताया है।

तमिलगा वेत्री कज़गम (TVK) के समर्थकों और नेताओं का कहना है कि राज्य में बदलाव की लहर से घबराकर सत्तारूढ़ दल के नेता अब बौखलाहट में बयानबाजी कर रहे हैं। तृषा से जुड़े इस विवाद पर कानूनी जानकारों का कहना है कि नेताओं को सार्वजनिक मंचों से बोलते समय भाषाई मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए, हालांकि अदालत से राहत मिलना उदयनिधि के लिए एक बड़ी कानूनी जीत है।

तमिलनाडु में सिनेमा और राजनीति का नाता बेहद पुराना और गहरा रहा है। उदयनिधि स्टालिन द्वारा अदालत से बाहर आते ही दिए गए इसक्रामक बयान से यह साफ हो गया है कि आने वाले समय में डीएमके बनाम टीवीके (विजय की पार्टी) की लड़ाई काफी दिलचस्प होने वाली है। एक तरफ जहां उदयनिधि द्रमुक की द्रविड़ विचारधारा और विरासत के दम पर आक्रामक हैं, वहीं विजय युवा वर्ग को आकर्षित कर एक नया राजनीतिक विकल्प देने की कोशिश में हैं। इस जुबानी जंग का असर तमिल सिनेमा इंडस्ट्री और राज्य के आगामी विधानसभा चुनावों की राजनीतिक गोलबंदी पर भी पड़ना तय माना जा रहा है।

अदालत से मिली रिहाई के बाद उदयनिधि स्टालिन अपनी राज्यव्यापी संगठनात्मक बैठकों और प्रशासनिक दौरों को और तेज करेंगे। वहीं, उनके इस सीधे राजनीतिक हमले के बाद अब सभी की नजरें अभिनेता और टीवीके प्रमुख विजय की आगामी जनसभाओं पर टिकी हैं कि वे उदयनिधि के इस हमले का क्या जवाब देते हैं। कानूनी मोर्चे पर भले ही उदयनिधि को राहत मिल गई हो, लेकिन राजनीति के मंच पर यह जुबानी जंग अब और तेज होने के संकेत दे रही है।

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