Aaj Ka Mausam 4 August: अगले 9 घंटों में आंधी-तूफान की चेतावनी, 17 राज्यों में बारिश का अलर्ट, जानें दिल्ली-NCR का हाल

4 अगस्त को दिल्ली-NCR समेत 17 राज्यों में बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट। मौसम विभाग ने अगले 9 घंटों के लिए चेतावनी जारी की है। जानें अपने शहर का मौसम।

Aug 4, 2026 - 11:55
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Aaj Ka Mausam 4 August: अगले 9 घंटों में आंधी-तूफान की चेतावनी, 17 राज्यों में बारिश का अलर्ट, जानें दिल्ली-NCR का हाल
  • Weather Today 4 August: उत्तर-पश्चिम भारत में तेज हवाओं के साथ बारिश, IMD ने 17 राज्यों के लिए जारी की चेतावनी
  • सावधान! अगले 9 घंटों में आंधी-तूफान की चेतावनी, दिल्ली-NCR समेत 17 राज्यों में होगी भारी बारिश
  • Weather Update: 17 राज्यों में बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट, उत्तर-पश्चिम भारत में तेज हवाओं से राहत

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 4 अगस्त को उत्तर-पश्चिम भारत सहित देश के 17 राज्यों में बारिश और गरज के साथ तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। मौसम विभाग ने अगले 9 घंटों के दौरान कई इलाकों में आंधी-तूफान और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। उत्तर-पश्चिम भारत में सुबह से ही छिटपुट बारिश और ठंडी हवाओं का दौर जारी है, जिससे बीते कुछ दिनों से जारी उमस भरी गर्मी से लोगों को बड़ी राहत मिली है। दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब जैसे मैदानी राज्यों में आज दिनभर बादल छाए रहने और मध्यम से तेज बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने तटीय और पहाड़ी क्षेत्रों में रह रहे नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

  • मौसम की स्थिति और चेतावनी

उत्तर-पश्चिम भारत में बने नए मौसमी तंत्र (Weather System) के कारण मानसूनी हवाएं एक बार फिर सक्रिय हो गई हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने अगले 9 घंटों के लिए विशेष चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि कई राज्यों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इस दौरान गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। मानसून की ट्रफ रेखा अपने सामान्य स्थान के आसपास बनी हुई है, जिसके चलते बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाएं मैदानी इलाकों में बारिश की गतिविधियों को बढ़ा रही हैं।

  • किन-किन राज्यों में असर

आज तड़के से ही उत्तर-पश्चिम भारत के विभिन्न हिस्सों में बादलों की आवाजाही तेज हो गई। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उससे सटे नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में सुबह से ही आसमान में काले बादल डेरा डाले हुए हैं और हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है। दिल्ली-एनसीआर में बारिश के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे तापमान सामान्य से नीचे चला गया है और उमस से राहत मिली है।

मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, आज जिन 17 राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, उनमें दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम, मेघालय, महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण भारत के कुछ तटीय राज्य शामिल हैं। पहाड़ी राज्यों जैसे हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में आकाशीय बिजली गिरने और भूस्खलन की संभावना को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है।

  • मौसम विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया

मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों के अनुसार, "उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर चक्रवातीय परिसंचरण (Cyclonic Circulation) का क्षेत्र बना हुआ है। इसके प्रभाव से आगामी 24 से 48 घंटों तक मानसूनी गतिविधियां मजबूत बनी रहेंगी। मैदानी इलाकों में तेज हवाओं और आंधी के साथ बारिश की पूरी संभावना है।" विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि वे आंधी-तूफान के समय खुले स्थानों, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें।

प्रशासनिक स्तर पर, तटीय क्षेत्रों और पहाड़ी जिलों में आपदा प्रबंधन टीमों को मुस्तैद कर दिया गया है। दिल्ली और एनसीआर के स्थानीय निकायों ने जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए पंपिंग सेटों को सक्रिय रखने के निर्देश जारी किए हैं ताकि यात्रियों को आवाजाही में परेशानी का सामना न करना पड़े।

बारिश और ठंडी हवाओं के चलने से जहां आम जनता को प्रचंड गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिली है, वहीं कुछ इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। दिल्ली-एनसीआर के कुछ निचले हिस्सों में सुबह के समय हल्की जलजमाव की स्थिति देखने को मिली, जिससे दफ्तर जाने वाले यात्रियों को धीमी गति से गुजरना पड़ा। हालांकि, कृषि क्षेत्र के लिए यह बारिश बेहद फायदेमंद मानी जा रही है। धान की फसल और अन्य खरीफ फसलों के लिए यह मानसूनी बौछारें संजीवनी का काम करेंगी।

मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटों तक उत्तर-पश्चिम भारत और मध्य भारत के राज्यों में बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी। 5 और 6 अगस्त को भी कई इलाकों में मध्यम बारिश का अनुमान है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले मौसम का ताजा हाल जरूर जान लें। विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा कर रहे पर्यटकों को सतर्क रहने और नदी-नालों के पास जाने से बचने की आवश्यकता है।

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