बिहार के सुपौल में अनोखी शादी- दो युवतियों ने मंदिर में गैस चूल्हे के इर्द-गिर्द फेरे लेकर रचाया विवाह, वीडियो वायरल होने से इलाके में मची हलचल।
बिहार के सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज नगर परिषद क्षेत्र में एक अनोखा विवाह हुआ, जिसमें दो युवतियों ने आपसी सहमति से मंदिर में शादी
बिहार के सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज नगर परिषद क्षेत्र में एक अनोखा विवाह हुआ, जिसमें दो युवतियों ने आपसी सहमति से मंदिर में शादी कर ली। यह घटना वार्ड संख्या 18 की है, जहां दोनों युवतियां पिछले दो महीनों से एक किराए के कमरे में साथ रह रही थीं और एक ही मॉल में काम करती थीं। विवाह मंगलवार देर रात त्रिवेणीगंज मेला ग्राउंड स्थित एक मंदिर में संपन्न हुआ, जहां मंदिर परिसर में बहुत कम लोग मौजूद थे। शादी की रस्में बेहद सादगी से पूरी की गईं।
युवतियों की पहचान पूजा गुप्ता और काजल कुमारी के रूप में हुई है। पूजा गुप्ता मधेपुरा जिले के मुरलीगंज गोशाला चौक की रहने वाली हैं, जबकि काजल कुमारी शंकरपुर थाना क्षेत्र के मौरा की निवासी हैं। पूजा की उम्र करीब 21 वर्ष और काजल की उम्र करीब 18 वर्ष बताई जा रही है। विवाह के दौरान पूजा ने दूल्हे की भूमिका निभाई और काजल ने दुल्हन की। पूजा ने काजल की मांग में सिंदूर या काजल भरा। पारंपरिक सात फेरों की रस्म निभाई गई, लेकिन इसके लिए मंदिर में उपलब्ध गैस चूल्हा जलाकर उसके चारों ओर फेरे लिए गए। कोई मंडप नहीं था और न ही पुरोहित मौजूद था। दोनों की मुलाकात करीब दो साल पहले इंस्टाग्राम के माध्यम से हुई थी। शुरुआत में दोस्ती हुई, जो धीरे-धीरे गहरे भावनात्मक जुड़ाव में बदल गई। दोनों ने बताया कि उनका रिश्ता पूरी तरह भावनात्मक आधार पर है और उन्होंने साथ जीवन बिताने का फैसला किया। विवाह के बाद बुधवार सुबह जब दोनों अपने किराए के कमरे पर लौटीं, तो यह बात मोहल्ले में फैल गई। इसी बीच दोनों ने अपनी शादी का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा कर दिया, जो तेजी से वायरल हो गया। वीडियो वायरल होने के बाद पूरे त्रिवेणीगंज अनुमंडल, सुपौल जिले और आसपास के क्षेत्रों में यह घटना चर्चा का विषय बन गई।
यह विवाह पूरी तरह निजी और सादे तरीके से किया गया था, जिसमें कोई बड़ा आयोजन नहीं था। मंदिर में उस समय केवल कुछ ही लोग मौजूद थे, इसलिए घटना तुरंत बाहर नहीं आई। दोनों युवतियां अपने फैसले पर अडिग हैं और साथ जीने-मरने की कसमें खा चुकी हैं। यह मामला इलाके में हलचल पैदा करने वाला बन गया है, क्योंकि इस तरह का विवाह दुर्लभ माना जाता है। विवाह की रस्में पूरी करने के बाद दोनों ने एक-दूसरे को जीवनसाथी स्वीकार कर लिया। घटना की जानकारी फैलने के बाद मोहल्ले में लोगों की भीड़ जुटने लगी। वीडियो में शादी की रस्में स्पष्ट दिखाई दे रही हैं, जिसमें गैस चूल्हे को साक्षी मानकर फेरे लिए गए हैं। दोनों ने स्पष्ट किया कि उनका यह कदम आपसी सहमति और भावनात्मक जुड़ाव पर आधारित है। त्रिवेणीगंज मेला ग्राउंड का मंदिर इस विवाह का गवाह बना। यह घटना 23 दिसंबर 2025 की रात की है और अगले दिन वीडियो वायरल होने से पूरी तरह सामने आई।
इस विवाह ने इलाके में नई चर्चा शुरू कर दी है। दोनों युवतियां एक ही जगह काम करने के कारण रोजाना साथ समय बिताती थीं, जिससे उनका रिश्ता और मजबूत हुआ। किराए के कमरे में साथ रहने का फैसला भी उन्होंने इसी जुड़ाव के कारण लिया था। विवाह के बाद भी वे उसी कमरे में रह रही हैं। वीडियो में विवाह की सभी रस्में दर्ज हैं, जो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। यह अनोखा विवाह बिहार के सुपौल जिले की त्रिवेणीगंज क्षेत्र की यादगार घटना बन गई है। दोनों की उम्र युवा होने के कारण उनका फैसला और भी ध्यान खींच रहा है। इंस्टाग्राम से शुरू हुई बातचीत ने दो साल में इतना गहरा रूप ले लिया कि उन्होंने विवाह तक का कदम उठा लिया। मंदिर में की गई यह शादी पारंपरिक तत्वों से जुड़ी हुई है, जैसे फेरे और मांग भरना, लेकिन इसे सादगी से अंजाम दिया गया। गैस चूल्हे का उपयोग फेरों के लिए करना इस विवाह को और अनोखा बनाता है। घटना के बाद इलाके में यह विषय हर जगह चर्चा में है।
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