Asian Games 2026: निशानेबाजी में इलावेनिल वलारिवन ने जीता सिल्वर, 10 मीटर एयर राइफल में भारत को मिला दूसरा मेडल

एशियाई खेल 2026 में भारत को दूसरा मेडल मिला है। महिला 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में पूर्व वर्ल्ड कप चैंपियन इलावेनिल वलारिवन ने 252.4 अंक हासिल कर सिल्वर मेडल जीता।

Sep 20, 2026 - 14:33
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Asian Games 2026: निशानेबाजी में इलावेनिल वलारिवन ने जीता सिल्वर, 10 मीटर एयर राइफल में भारत को मिला दूसरा मेडल

एशियाई खेल 2026 (Asian Games 2026) में भारत की पदक तालिका में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। निशानेबाजी रेंज से आई शानदार खबर में भारत की शीर्ष महिला निशानेबाज इलावेनिल वलारिवन ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा के व्यक्तिगत फाइनल में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल (रजत पदक) अपने नाम कर लिया है। इन खेलों में यह भारत की झोली में आया कुल दूसरा पदक है, जिससे भारतीय दल और खेल प्रशंसकों के बीच जबरदस्त उत्साह का माहौल बन गया है।

वर्ष 2019 के आईएसएसएफ (ISSF) विश्व कप में स्वर्ण पदक जीतकर अंतरराष्ट्रीय फलक पर अपनी पहचान बनाने वाली इलावेनिल वलारिवन ने फाइनल मुकाबले में दबाव के क्षणों में असाधारण संयम का परिचय दिया। 24 शॉट्स के इस कड़े फाइनल राउंड में उन्होंने कुल 252.4 का स्कोर दर्ज करते हुए दूसरा स्थान हासिल किया और पोडियम पर तिरंगा लहराया।

सांस रोक देने वाले फाइनल का रोमांच

महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा का फाइनल मुकाबला बेहद कड़ा और प्रतिस्पर्धी रहा। एशियाई स्तर पर चीन, दक्षिण कोरिया, जापान और सिंगापुर जैसे मजबूत निशानेबाजी देशों के शीर्ष निशानेबाजों की मौजूदगी के कारण पदक की राह आसान नहीं थी।

इलावेनिल ने फाइनल की शुरुआत से ही इनर-टेन (10.5 से अधिक के स्कोर) पर लगातार शॉट दागे। एलिमिनेशन राउंड के दौरान जब हर दो शॉट के बाद सबसे कम स्कोर वाले शूटर बाहर हो रहे थे, तब इलावेनिल ने अपनी एकाग्रता भंग नहीं होने दी। 18वें और 20वें शॉट के बाद उन्होंने अपनी बढ़त को मजबूत कर लिया और शीर्ष दो स्थानों में अपनी जगह पक्की कर ली। हालांकि बेहद मामूली अंतर से स्वर्ण पदक उनके हाथ से निकल गया, लेकिन 252.4 का फाइनल स्कोर उनकी निरंतरता और उच्च तकनीकी कौशल का प्रमाण है।

पैमाना / विवरण उपलब्धि / आंकड़ा
प्रतियोगिता एशियाई खेल 2026
खिलाड़ी का नाम इलावेनिल वलारिवन (भारत)
स्पर्धा 10 मीटर एयर राइफल (महिला व्यक्तिगत)
प्राप्त पदक सिल्वर मेडल (रजत पदक)
फाइनल स्कोर 252.4 अंक
भारत का कुल पदक क्रम दूसरा मेडल

2019 विश्व कप से एशियाई खेलों के पोडियम तक का सफर

इलावेनिल वलारिवन का यह रजत पदक भारतीय निशानेबाजी के लिए इसलिए भी विशेष महत्व रखता है क्योंकि वे लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। गुजरात के अहमदाबाद में पली-बढ़ी और तमिलनाडु से ताल्लुक रखने वाली इलावेनिल ने जूनियर स्तर पर कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाए थे।

वर्ष 2019 में रियो डी जेनेरियो में आयोजित आईएसएसएफ विश्व कप में उन्होंने सीनियर वर्ग में 10 मीटर एयर राइफल में स्वर्ण पदक जीतकर खेल जगत को चौंका दिया था। इसके बाद वे विश्व की नंबर एक निशानेबाज भी बनीं। हालांकि टोक्यो ओलंपिक और उसके बाद के कुछ बड़े आयोजनों में उन्हें उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा था, लेकिन उन्होंने अपनी तकनीक, ट्रिगर कंट्रोल और मानसिक मजबूती पर काम करना जारी रखा। एशियाई खेल 2026 के पोडियम पर 252.4 अंकों के साथ जगह बनाकर उन्होंने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे बड़े टूर्नामेंटों की खिलाड़ी हैं।

निशानेबाजी में भारत का दबदबा बरकरार

एशियाई खेलों के इतिहास में निशानेबाजी हमेशा से भारत के लिए सबसे अधिक पदक दिलाने वाले खेलों में से एक रही है। पिछले एशियाई खेलों में भी भारतीय निशानेबाजों ने पदकों की झड़ी लगाई थी। 2026 के इस महाकुंभ में भी भारतीय निशानेबाजी दल से काफी उम्मीदें बंधी हुई हैं।

इलावेनिल के इस पदक ने भारतीय शूटिंग कैंप में नई ऊर्जा फूंक दी है। पिस्टल, राइफल और शॉटगन की अन्य स्पर्धाओं में अभी कई भारतीय दिग्गज और युवा निशानेबाज अपनी चुनौती पेश करने वाले हैं। खेल विश्लेषकों का मानना है कि पहले ही कुछ दिनों में निशानेबाजी से दूसरा पदक आना यह संकेत देता है कि आने वाले दिनों में भारत के पदकों की संख्या तेजी से बढ़ेगी।

तकनीकी विश्लेषण: 10 मीटर एयर राइफल की चुनौतियां

10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा को निशानेबाजी की सबसे तकनीकी और मानसिक संतुलन की मांग करने वाली स्पर्धाओं में गिना जाता है:

  • दूरी और लक्ष्य का आकार: शूटर 10 मीटर की दूरी से खड़े होकर 0.5 मिलीमीटर व्यास वाले केंद्रीय बिंदु (डॉट) को भेदने का प्रयास करते हैं।

  • दशमलव स्कोरिंग प्रणाली: फाइनल में साधारण 10 अंक नहीं, बल्कि दशमलव प्रणाली (अधिकतम 10.9) लागू होती है। एक दशमलव अंक का विचलन भी पदक के रंग को बदल देता है।

  • शारीरिक स्थिरता और श्वास नियंत्रण: हृदय गति की धड़कनों के बीच ट्रिगर दबाने के लिए अत्यधिक शारीरिक स्थिरता, भारी शूटिंग जैकेट और श्वास नियंत्रण की आवश्यकता होती है। इलावेनिल ने 252.4 का स्कोर बनाकर दिखाया कि उनका शारीरिक और मानसिक संतुलन शीर्ष स्तर का था।

भारतीय खेल जगत और प्रशंसकों में उत्साह

इलावेनिल वलारिवन की इस उपलब्धि पर भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI), राष्ट्रीय राइफल संघ (NRAI) और खेल मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें बधाई दी है। देश के प्रमुख एथलीटों और खेल प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पर इस जीत की सराहना करते हुए कहा कि यह पदक अन्य युवा भारतीय खिलाड़ियों को भी अपने-अपने मुकाबलों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगा।

भारत ने अब एशियाई खेल 2026 में अपने खाते में दो पदक दर्ज कर लिए हैं और आने वाले दिनों में एथलेटिक्स, बैडमिंटन, कुश्ती, तीरंदाजी और मुक्केबाजी जैसी प्रमुख स्पर्धाओं से और पदकों की उम्मीदें बनी हुई हैं।

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