महायुति गठबंधन की निर्णायक जीत से बीजेपी ने पहली बार मुंबई का मेयर पद हासिल करने की स्थिति बनाई है।

बृह्नमुंबई महानगरपालिका चुनाव 2026 के परिणामों ने स्पष्ट कर दिया है कि बीजेपी के नेतृत्व वाला महायुति गठबंधन मुंबई की सत्ता पर काबिज

Jan 17, 2026 - 11:55
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महायुति गठबंधन की निर्णायक जीत से बीजेपी ने पहली बार मुंबई का मेयर पद हासिल करने की स्थिति बनाई है।
महायुति गठबंधन की निर्णायक जीत से बीजेपी ने पहली बार मुंबई का मेयर पद हासिल करने की स्थिति बनाई है।
  • बृह्नमुंबई महानगरपालिका चुनाव में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन ने 118 सीटें जीतकर बहुमत प्राप्त किया, थैकरे परिवार का 30 वर्ष पुराना दबदबा समाप्त
  • उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूबीटी को 65 सीटें मिलीं, जबकि महायुति ने मुंबई की सत्ता पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित किया है

बृह्नमुंबई महानगरपालिका चुनाव 2026 के परिणामों ने स्पष्ट कर दिया है कि बीजेपी के नेतृत्व वाला महायुति गठबंधन मुंबई की सत्ता पर काबिज हो गया है। 15 जनवरी 2026 को हुए मतदान के बाद 16 जनवरी को मतगणना में महायुति ने कुल 227 वार्डों में से 118 सीटें हासिल कीं, जो बहुमत के आंकड़े 114 से अधिक है। भारतीय जनता पार्टी ने 89 सीटें जीतीं और एकल सबसे बड़ी पार्टी बनी, जबकि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने 29 सीटें प्राप्त कीं। इस जीत से लगभग तीन दशकों से शिवसेना के कब्जे वाली मुंबई महानगरपालिका पर पहली बार बीजेपी का प्रभाव स्थापित हुआ है। चुनाव में मतदान प्रतिशत 52.94 रहा, जो पिछले चुनाव से अधिक है। महायुति ने मुंबई के अलावा अन्य प्रमुख नगर निगमों में भी मजबूत प्रदर्शन किया। विपक्षी गठबंधन महा विकास अघाड़ी को झटका लगा, जहां उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूबीटी ने 65 सीटें जीतीं, कांग्रेस ने 24 सीटें, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने 6 सीटें और अन्य छोटी पार्टियों ने सीमित सफलता हासिल की। राज्य चुनाव आयोग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, महायुति ने मुंबई में स्पष्ट बहुमत प्राप्त किया, जिससे मेयर पद पर महायुति का उम्मीदवार बनेगा। यह पहली बार है जब मुंबई का मेयर बीजेपी से होगा। चुनाव में कुल 227 वार्डों में गिनती पूरी हुई, और परिणामों ने थैकरे परिवार के लंबे समय से चले आ रहे दबदबे को समाप्त कर दिया। महायुति की यह जीत राज्य स्तर पर भी मजबूत स्थिति दर्शाती है, जहां कई अन्य नगर निगमों में भी उनका प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा।

महायुति गठबंधन की जीत ने उद्धव ठाकरे के शिवसेना यूबीटी को बड़ा झटका दिया है, जो 2017 में 84 सीटें जीतने वाली पार्टी इस बार 65 सीटों तक सीमित रह गई। उद्धव ठाकरे का मुंबई पर वर्षों पुराना नियंत्रण समाप्त हो गया, हालांकि उनकी पार्टी ने मराठी वोट बैंक में मजबूत पकड़ बनाए रखी और दूसरी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी। चुनाव में शिवसेना यूबीटी ने कई प्रमुख क्षेत्रों जैसे दादर, महिम और वर्ली में अच्छा प्रदर्शन किया। राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने 6 सीटें जीतीं, जो उनके प्रयासों के अनुरूप सीमित रही। कांग्रेस ने 24 सीटें प्राप्त कीं, जो पिछले प्रदर्शन से कम है। मतगणना के दौरान शुरुआती रुझानों में महायुति 110 से अधिक वार्डों में आगे थी, जो अंतिम परिणामों से मेल खाती है। राज्य भर में 29 नगर निगमों के चुनाव हुए, जहां महायुति ने 25 से अधिक में बहुमत हासिल किया। मुंबई में कुल वोटों में महायुति का हिस्सा प्रमुख रहा। विपक्ष ने चुनाव प्रक्रिया पर कुछ सवाल उठाए, लेकिन आयोग ने परिणामों को अंतिम घोषित किया। इस चुनाव ने महाराष्ट्र की शहरी राजनीति में बदलाव को दर्शाया, जहां विकास और सुशासन के मुद्दे प्रमुख रहे। महायुति ने मुंबई की सत्ता पर नियंत्रण से राज्य स्तर पर अपनी स्थिति मजबूत की है।

इस चुनाव में पहली बार मुंबई का मेयर महायुति गठबंधन से चुना जाएगा, जो बीजेपी से होगा। राज्य चुनाव आयोग ने परिणामों की पुष्टि की, जिसमें महायुति का बहुमत स्पष्ट है। मेयर पद मुख्य रूप से औपचारिक है, लेकिन यह सामान्य निकाय की बैठकों की अध्यक्षता करता है और प्रमुख समितियों पर नियंत्रण देता है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मेयर महायुति से होगा। स्पीकर राहुल नार्वेकर ने भी पुष्टि की कि मेयर बीजेपी से होगा। यह बदलाव मुंबई की राजनीति में महत्वपूर्ण है, क्योंकि पिछले 25-30 वर्षों से शिवसेना का कब्जा रहा है। महायुति ने 118 सीटों के साथ सत्ता संभाली है। चुनाव में कुल 1,700 से अधिक उम्मीदवार मैदान में थे। मतदान 15 जनवरी को हुआ और गिनती 16 जनवरी को पूरी हुई। इस जीत से महायुति को मुंबई महानगरपालिका के बजट और नीतियों पर नियंत्रण मिलेगा।

उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूबीटी ने चुनाव में मराठी भाषी क्षेत्रों में मजबूत प्रदर्शन किया, लेकिन कुल मिलाकर महायुति से पीछे रह गई। उनकी पार्टी ने 65 सीटें जीतकर अपनी उपस्थिति बनाए रखी। राज ठाकरे की पार्टी ने भी कुछ वार्डों में सफलता हासिल की, लेकिन अपेक्षा से कम। विपक्षी गठबंधन में सीट बंटवारे और रणनीति के मुद्दे रहे। महायुति ने बीजेपी की 89 और शिवसेना की 29 सीटों से बहुमत पार किया। चुनाव आयोग ने सभी वार्डों के परिणाम घोषित किए। इस चुनाव ने मुंबई में राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने परिणामों को विकास की जीत बताया। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि जनता ने विकास को चुना। महायुति ने राज्य के अधिकांश नगर निगमों में जीत दर्ज की। मुंबई में यह परिवर्तन महत्वपूर्ण है। चुनाव में कुल मतदान प्रतिशत अच्छा रहा। चुनाव परिणामों ने महाराष्ट्र में बीजेपी की बढ़ती ताकत को दिखाया। महायुति की जीत से राज्य स्तर पर गठबंधन मजबूत हुआ। विपक्ष को अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करना पड़ेगा। चुनाव आयोग ने प्रक्रिया को निष्पक्ष बताया।

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