संसद के मानसून सत्र में NDA की 'मंगल मिलन' बैठक शुरू, PM मोदी समेत शीर्ष दिग्गज रणनीति बनाने जुटे
संसद के मानसून सत्र के बीच एनडीए की 'मंगल मिलन' बैठक जी.एम.सी. बालयोगी ऑडिटोरियम में शुरू हुई। पीएम मोदी की उपस्थिति में फ्लोर मैनेजमेंट और विधेयकों पर रणनीति तैयार हो रही है।

- NDA Parliamentary Meeting: जी.एम.सी. बालयोगी ऑडिटोरियम में एनडीए की 'मंगल मिलन' बैठक, जानें मानसून सत्र की रणनीति
- संसद में एनडीए की 'मंगल मिलन' बैठक शुरू, पीएम मोदी की मौजूदगी में मानसून सत्र को लेकर बनी बड़ी रणनीति
- संसद परिसर में एनडीए की 'मंगल मिलन' बैठक शुरू: पीएम मोदी और शीर्ष नेता संसद भवन में भावी रणनीति पर कर रहे मंथन
संसद के जारी मानसून सत्र के बीच सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की महत्वपूर्ण संसदीय दल की बैठक मंगलवार सुबह नई दिल्ली में शुरू हुई। इस बैठक को 'मंगल मिलन' नाम दिया गया है, जो संसद पुस्तकालय भवन स्थित जी.एम.सी. बालयोगी ऑडिटोरियम में आयोजित की जा रही है। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू समेत एनडीए के सभी घटक दलों के सांसद व शीर्ष नेतृत्व मौजूद हैं। इस उच्चस्तरीय बैठक का मुख्य उद्देश्य मानसून सत्र के दौरान सरकार के विधायी कामकाज को सुचारू रूप से आगे बढ़ाने, विपक्ष के हमलों का एकजुट होकर जवाब देने और महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने के लिए फ्लोर मैनेजमेंट की संयुक्त रणनीति तैयार करना है।
संसद के मानसून सत्र के दौरान फ्लोर रणनीति को अंतिम रूप देने और एनडीए घटक दलों के बीच समन्वय को और मजबूत करने के लिए एनडीए संसदीय दल की विशेष बैठक बुलाई गई है। इस साप्ताहिक संसदीय बैठक को एनडीए ने 'मंगल मिलन' का नाम दिया है, क्योंकि सत्र के दौरान अमूमन मंगलवार को ही यह संयुक्त बैठक आयोजित की जाती है। संसद परिसर के जी.एम.सी. बालयोगी ऑडिटोरियम में आयोजित इस बैठक में लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों के एनडीए सांसद भाग ले रहे हैं।
मंगलवार सुबह 9:30 बजे के करीब संसद पुस्तकालय भवन में एनडीए सांसदों का पहुंचना शुरू हो गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सभागार में पहुंचने पर केंद्रीय मंत्रियों और सहयोगी दलों के नेताओं ने उनका औपचारिक स्वागत किया। बैठक की शुरुआत में नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसदों का परिचय और स्वागत किया गया।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लंबे समय तक देश के निर्वाचित प्रमुख के रूप में सेवा देने और विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए एक विशेष बधाई प्रस्ताव भी पारित किया गया। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी का मुख्य संबोधन हुआ, जिसमें उन्होंने सभी सांसदों को संसद के भीतर अनुशासन बनाए रखने, सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जनता तक ले जाने और विधायी प्रक्रियाओं में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का मार्गदर्शन दिया।
सरकार व एनडीए नेतृत्व का पक्ष: संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि 'मंगल मिलन' बैठक गठबंधन की एकजुटता और सकारात्मक सोच का प्रतीक है। एनडीए नेताओं का मानना है कि सत्र के दौरान जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए जाने हैं, जिन्हें पास कराने में सभी सहयोगी दलों का पूर्ण सहयोग रहेगा।
सांसदों का उत्साह: बैठक में भाग लेने पहुंचे पहली बार चुने गए सांसदों ने इसे एक बड़ा अवसर बताया। सांसदों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शीर्ष नेतृत्व के मार्गदर्शन से उन्हें सदन के भीतर जनहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने का नया दिशा-निर्देश मिलता है।
विपक्ष का रुख: दूसरी तरफ, विपक्षी दलों का कहना है कि सरकार को केवल गठबंधन बैठकों तक सीमित रहने के बजाय विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे जनहित के ज्वलंत मुद्दों और चर्चा की मांगों पर ध्यान देना चाहिए।
संसद सत्र के दौरान 'मंगल मिलन' जैसी बैठकों के आयोजन से एनडीए के भीतर विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच तालमेल बेहतर होता है। विपक्ष द्वारा घेराबंदी की रणनीतियों के बीच यह बैठक एनडीए के सांसदों को सदन के भीतर एकसुर में बोलने और एकजुट होकर सरकारी रुख का बचाव करने की ऊर्जा प्रदान करती है। इसका सीधा प्रभाव संसद के दोनों सदनों में होने वाली बहसों और विधायी कार्यों की गति पर पड़ेगा।
'मंगल मिलन' बैठक के समापन के बाद एनडीए के सभी सांसद सीधे संसद के दोनों सदनों में कार्यवाही में भाग लेने पहुंचे। इस बैठक में तय की गई रणनीति के आधार पर अब मानसून सत्र के शेष दिनों में फ्लोर मैनेजमेंट देखने को मिलेगा। सरकार का मुख्य ध्यान आगामी विधेयकों को पारित कराने और विपक्ष के सवालों का तथ्यपरक उत्तर देने पर केंद्रित रहेगा।
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