IND vs SL: असिता फर्नांडो से तीखी भिड़ंत के बाद विवादों में घिरे यशस्वी जायसवाल, दिग्गजों की आलोचना पर दिया करारा जवाब
IND vs SL 2nd Test: कोलंबो में असिता फर्नांडो से सिर लड़ाने के बाद यशस्वी जायसवाल दिग्गजों के निशाने पर आ गए हैं। जानिए पूरा घटनाक्रम, स्कोर और जायसवाल का जवाब।

- कोलंबो टेस्ट में बखेड़ा: फर्नांडो से सिर लड़ाने पर पूर्व क्रिकेटरों के निशाने पर आए जायसवाल, ICC की कार्रवाई का खतरा
- IND vs SL 2nd Test: आउट होकर क्यों भड़के यशस्वी जायसवाल? श्रीलंकाई गेंदबाज से भिड़ंत पर दिग्गजों की फटकार के बाद दिया जवाब
- IND vs SL: असिता फर्नांडो विवाद पर यशस्वी जायसवाल पर बरसे क्रिकेट विशेषज्ञ, भारतीय ओपनर ने तोड़ी चुप्पी
कोलंबो के सिंहली स्पोर्ट्स क्लब (SSC) मैदान पर भारत और श्रीलंका के बीच खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच के दौरान भारतीय सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल और श्रीलंकाई तेज गेंदबाज असिता फर्नांडो के बीच तीखी नोकझोंक और शारीरिक टकराव देखने को मिला है। 45 रन की आक्रामक पारी खेलकर बोल्ड होने के बाद पवेलियन लौट रहे जायसवाल फर्नांडो की ओर से की गई टिप्पणी सुनकर वापस मुड़े और दोनों खिलाड़ी एक-दूसरे से सिर लड़ाते नजर आए। इस आक्रामक आचरण को लेकर पूर्व क्रिकेटरों और वरिष्ठ खेल कमेंटेटरों ने युवा भारतीय ओपनर के रवैये पर सवाल खड़े करते हुए उन्हें खेल भावना बनाए रखने की नसीहत दी है। इस पूरे मामले पर जायसवाल ने भी चुप्पी तोड़ते हुए पलटवार किया है, जबकि आईसीसी मैच रेफरी द्वारा खिलाड़ियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का खतरा मंडरा रहा है।
भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज के दूसरे मुकाबले के पहले दिन भारतीय पारी के 17वें ओवर में मैदान पर हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। शानदार लय में बल्लेबाजी कर रहे यशस्वी जायसवाल ने श्रीलंकाई तेज गेंदबाज असिता फर्नांडो के उस ओवर में लगातार तीन आकर्षक चौके जड़कर दबाव बनाया था। हालांकि, ओवर की आखिरी गेंद पर फर्नांडो ने शानदार वापसी की और जायसवाल के बल्ले का अंदरूनी किनारा लेते हुए गेंद सीधे मिडिल स्टंप पर जा लगी। विकेट गिरने के बाद फर्नांडो ने आक्रामक अंदाज में जश्न मनाया और पवेलियन की ओर जा रहे जायसवाल को लेकर कुछ टिप्पणी की। इस पर 24 वर्षीय भारतीय बल्लेबाज अपना आपा खो बैठा और तेजी से गेंदबाज की तरफ लौटकर उससे सिर से सिर लड़ाने लगा, जिसके बाद अंपायरों और साथी खिलाड़ियों को बीच-बचाव करना पड़ा।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम के लिए यशस्वी जायसवाल ने आक्रामक शुरुआत की थी। उन्होंने 53 गेंदों पर 9 चौकों की मदद से 45 रन ठोक डाले थे। 17वें ओवर में फर्नांडो के खिलाफ स्ट्रेट ड्राइव, अपर कट और पुल शॉट के जरिए लगातार तीन बाउंड्री बटोरने के बाद जब जायसवाल बोल्ड हुए, तो भारत का स्कोर 66 रन पर दो विकेट हो गया था, क्योंकि केएल राहुल 18 रन बनाकर पहले ही आउट हो चुके थे।
आउट होने के बाद जायसवाल जब डगआउट की ओर बढ़ रहे थे, तभी पीछे से श्रीलंकाई खिलाड़ियों और फर्नांडो की ओर से कहे गए कुछ शब्दों ने उन्हें आक्रोशित कर दिया। जायसवाल तुरंत पीछे मुड़े और फर्नांडो के ठीक सामने आ पहुंचे। दोनों के बीच तीखी जुबानी जंग हुई और उनके सिर आपस में टकरा गए। मैदान पर मौजूद श्रीलंकाई फील्डरों और मैदानी अंपायरों ने तुरंत दोनों को अलग किया और जायसवाल को ड्रेसिंग रूम भेजा। इसके बाद भारतीय पारी को देवदत्त पडिक्कल (117 रन), ऋषभ पंत (63 रन), ध्रुव जुरेल (59 रन) और शुभमन गिल (50 रन) ने संभालते हुए 400 से अधिक के मजबूत स्कोर तक पहुंचाया, जबकि फर्नांडो ने 4 महत्वपूर्ण विकेट झटके।
मैदान पर हुए इस हंगामे के बाद क्रिकेट जगत के दिग्गजों और विशेषज्ञों की कड़ी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। मशहूर कमेंटेटर हर्षा भोगले समेत कई पूर्व खिलाड़ियों ने जायसवाल के इस आक्रामक रुख पर आपत्ति जताते हुए कहा कि आउट होने के बाद एक बल्लेबाज को शांत रहकर पवेलियन लौटना चाहिए था, न कि विरोधी गेंदबाज से शारीरिक रूप से उलझना चाहिए। भोगले की इस आलोचना पर खुद यशस्वी जायसवाल ने सोशल मीडिया पर जवाब देते हुए लिखा कि अगर किसी को यह नहीं पता कि सामने वाले ने क्या कहा था, तो उसे अपना फैसला नहीं सुनाना चाहिए; जब कोई हद पार करता है तो यह भारत है, हम लड़ेंगे और जवाब देंगे।
मैच में भारतीय ओपनर द्वारा खोए गए आपे और शारीरिक संपर्क के इस मामले का असर खिलाड़ियों के अनुशासनात्मक रिकॉर्ड पर पड़ सकता है। आईसीसी आचार संहिता (ICC Code of Conduct) के अनुच्छेद 2.12 के तहत मैदान पर खिलाड़ी, अंपायर या सहयोगी स्टाफ के साथ अनुचित शारीरिक संपर्क (Inappropriate Physical Contact) प्रतिबंधित है। मैच के वीडियो फुटेज में दोनों खिलाड़ियों का सिर टकराना स्पष्ट रूप से दर्ज हुआ है। इस घटना के बाद खेल भावना को लेकर एक बार फिर बहस छिड़ गई है कि युवा खिलाड़ियों को अत्यधिक आक्रामकता के बजाय अपने खेल पर नियंत्रण रखना चाहिए।
मैच के आईसीसी मैच रेफरी एंडी पाइक्रॉफ्ट दोनों टीमों के मैदानी अंपायरों की रिपोर्ट और वीडियो साक्ष्यों की समीक्षा कर रहे हैं। यदि खिलाड़ियों को लेवल 1 या लेवल 2 के उल्लंघन का दोषी पाया जाता है, तो यशस्वी जायसवाल और असिता फर्नांडो दोनों पर मैच फीस का 50 प्रतिशत तक जुर्माना और डिमेरिट अंक (Demerit Points) लगाए जा सकते हैं। भारतीय टीम प्रबंधन उम्मीद करेगा कि यह विवाद आगे खिलाड़ियों की एकाग्रता को प्रभावित न करे, क्योंकि भारत इस समय टेस्ट मैच में बेहद मजबूत स्थिति में नजर आ रहा है। वहीं भारतीय टीम के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने प्रेस वार्ता में कहा कि यह सब कुछ मैदान की गर्मी में हुआ। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि यशस्वी को गेंदबाज के इतना करीब नहीं जाना चाहिए था। दूसरी तरफ श्रीलंका के गेंदबाजी कोच रयान वैन नीकेर्क ने इसे टेस्ट क्रिकेट की स्वाभाविक आक्रामकता बताते हुए कहा कि उनकी टीम भारत जैसी मजबूत टीम के खिलाफ रक्षात्मक नहीं खेल सकती, हालांकि शब्दों का चयन भावनाओं का अतिरिक्त बहाव था जिसे मैच रेफरी पर छोड़ दिया गया है।
What's Your Reaction?





